6 अगस्त 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सपा सांसदों का संसद के बाहर प्रदर्शन, अमित शाह से सदन में जवाब की मांग

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सपा सांसदों का संसद के बाहर प्रदर्शन, अमित शाह से सदन में जवाब की मांग

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सपा सांसदों का संसद के बाहर प्रदर्शन महज़ एक विरोध नहीं — यह मानसून सत्र में विपक्ष की बढ़ती बेचैनी का संकेत है। अमित शाह से जवाब की मांग, झारखंड छात्र आंदोलन और प्रयागराज में अनुमति रद्द होने के मुद्दे एक साथ उठाकर सपा ने सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश की।

मुख्य बातें

सपा सांसदों ने 6 अगस्त को संसद भवन के बाहर अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विरोध-प्रदर्शन किया।
पार्टी की मांग — केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस मामले पर जवाब दें।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि झारखंड में पाँच सदस्यीय छात्र समिति राज्य सरकार से जल्द मिलेगी।
सपा सांसद इकरा हसन के अनुसार पूरे मानसून सत्र में सदन केवल एक दिन ही सुचारु रूप से चला।
प्रयागराज में कांग्रेस के 'स्टूडेंट्स की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर सपा ने सरकार को 'तानाशाही मानसिकता' वाला बताया।
सपा सांसद अक्षय यादव ने परिसीमन के वर्तमान प्रस्ताव का विरोध किया और महिला सुरक्षा पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने 6 अगस्त, गुरुवार को संसद भवन के बाहर अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। सपा सांसदों का आरोप है कि केंद्र सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन में चर्चा से बच रही है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संसद में आकर जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी सांसदों ने झारखंड छात्र आंदोलन, प्रयागराज में कांग्रेस के 'स्टूडेंट्स की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने और महिला आरक्षण समेत कई राष्ट्रीय मुद्दे उठाए।

मुख्य घटनाक्रम

सपा सांसदों ने एकजुट होकर मांग की कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार सदन में पारदर्शी चर्चा कराए और अमित शाह स्वयं इस पर स्पष्टीकरण दें। सांसदों का कहना था कि पूरे मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही बाधित रही है। सपा सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पूरे मानसून सत्र में सदन केवल एक दिन ही सुचारु रूप से चल सका, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष से वादा किया गया था कि पुलिस की कथित बर्बरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन अब तक वह वादा पूरा नहीं हुआ।

झारखंड छात्र आंदोलन पर सपा का रुख

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन पर कहा कि पूरा विपक्ष छात्रों के साथ एकजुट खड़ा है। उन्होंने बताया कि छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली पाँच सदस्यीय समिति राज्य सरकार से मुलाकात करने वाली है। प्रसाद के अनुसार मुख्यमंत्री की ओर से क्या आश्वासन मिलता है, यह बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा, इसलिए फिलहाल किसी नतीजे पर पहुँचना उचित नहीं होगा।

सरकार पर विपक्ष के आरोप

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रयागराज में कांग्रेस के 'स्टूडेंट्स की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) छात्रों के मुद्दों पर किसी भी तरह की चर्चा से बचना चाहती है। महिला आरक्षण के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि BJP ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अपनी उपलब्धि बताकर प्रचार किया था, ऐसे में नए विधेयक की आवश्यकता क्यों पड़ रही है — यह सवाल सरकार को जवाब देना होगा।

सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने प्रयागराज में अनुमति रद्द होने को 'तानाशाही मानसिकता' करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

पीडीए की व्यापक परिभाषा पर जोर

सपा सांसद आनंद भदौरिया ने पार्टी की पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को सम्मान दिया है। उन्होंने लखनऊ में जनेश्वर मिश्रा की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पार्टी की सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है। इकरा हसन ने भी स्पष्ट किया कि पीडीए में महिलाएँ, आदिवासी, सवर्ण समाज के वंचित वर्ग और वे सभी लोग शामिल हैं जो स्वयं को उपेक्षित महसूस करते हैं।

परिसीमन और महिला अधिकारों पर सवाल

सपा सांसद अक्षय यादव ने परिसीमन के वर्तमान प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि पार्टी इसके खिलाफ है। उन्होंने छात्राओं के आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दल को लोकतांत्रिक तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिलनी चाहिए और प्रशासन का दायित्व सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि आयोजन रोकना। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरकार ने हर बार चर्चा से परहेज़ किया है — यह पैटर्न संसदीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। झारखंड छात्र आंदोलन और प्रयागराज में अनुमति रद्द होने के मुद्दे एक साथ उठाकर सपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार युवाओं और विपक्ष दोनों की आवाज दबा रही है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और सरकार का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है और सपा इस पर क्यों प्रदर्शन कर रही है?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर विवाद उठा है, जिस पर सपा का आरोप है कि सरकार संसद में इस पर चर्चा नहीं करा रही। सपा सांसदों ने 6 अगस्त को संसद के बाहर प्रदर्शन कर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की।
सपा ने झारखंड छात्र आंदोलन पर क्या कहा?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि पूरा विपक्ष झारखंड के छात्रों के साथ है। उन्होंने बताया कि छात्रों की पाँच सदस्यीय समिति राज्य सरकार से मुलाकात करने वाली है और बैठक के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रयागराज में 'स्टूडेंट्स की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति क्यों रद्द हुई और सपा का क्या कहना है?
कांग्रेस के 'स्टूडेंट्स की गूंज' कार्यक्रम की प्रयागराज में अनुमति रद्द कर दी गई। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव और रामजी लाल सुमन ने इसे सरकार की 'तानाशाही मानसिकता' बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।
सपा की पीडीए अवधारणा में कौन-कौन से वर्ग शामिल हैं?
सपा सांसद इकरा हसन और आनंद भदौरिया ने स्पष्ट किया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) में केवल ये तीन वर्ग नहीं, बल्कि महिलाएँ, आदिवासी, सवर्ण समाज के वंचित वर्ग और सरकार की विचारधारा से असहमत सभी लोग शामिल हैं। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव यह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं।
मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही को लेकर सपा का क्या आरोप है?
सपा सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि पूरे मानसून सत्र में सदन केवल एक दिन ही सुचारु रूप से चला। उनके अनुसार सरकार ने पुलिस की कथित बर्बरता जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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