6 अगस्त 2026
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मानसून सत्र: कांग्रेस सांसदों का संसद में मार्च, अमित शाह की अनुपस्थिति और छात्र कार्यक्रम पर रोक पर सवाल

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मानसून सत्र: कांग्रेस सांसदों का संसद में मार्च, अमित शाह की अनुपस्थिति और छात्र कार्यक्रम पर रोक पर सवाल

सारांश

मानसून सत्र में कांग्रेस का संसद मार्च महज प्रतीकात्मक नहीं था — गृह मंत्री की अनुपस्थिति, प्रयागराज में छात्र कार्यक्रम पर रोक और कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। संसदीय संवाद की बढ़ती खाई इस सत्र की सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसदों ने 6 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर विपक्ष ने कड़े सवाल उठाए।
प्रयागराज में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने पर प्रियंका गांधी वाड्रा , इमरान प्रतापगढ़ी और कार्ति चिदंबरम ने सरकार की आलोचना की।
सांसद जेबी माथर ने संसद न चलने की जिम्मेदारी सीधे केंद्र सरकार पर डाली।
कार्ति चिदंबरम ने तमिलनाडु में सरकारी कार्यक्रमों में 'तमिल थाई वाज़्तु' की परंपरा बनाए रखने की माँग दोहराई।

कांग्रेस सांसदों ने 6 अगस्त को संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में विरोध मार्च निकाला और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर कड़े सवाल खड़े किए। सांसदों ने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे, छात्रों की समस्याओं और संसद की कार्यवाही बाधित होने पर सरकार से जवाब माँगा।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध प्रदर्शन के केंद्र में प्रयागराज में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द किया जाना भी रहा। कांग्रेस महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले पर कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि सरकार को आखिर किस बात का डर है।

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार व्यवधानों की चपेट में है और विपक्ष तथा सत्ता पक्ष के बीच संवाद की खाई चौड़ी होती दिख रही है।

सांसदों की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों — छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, 'चढ़ावा चोरी' और सरकार की जवाबदेही — पर आवाज उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा से बच रही है, जबकि पूरा विपक्ष खुली बहस चाहता है। उनके अनुसार, 'सरकार में जनता के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है।'

प्रतापगढ़ी ने प्रयागराज कार्यक्रम की अनुमति रद्द होने को 'शर्मनाक' करार देते हुए कहा कि सरकार खुद छात्रों से संवाद नहीं करना चाहती और जब विपक्ष का नेता उनकी समस्याएँ सुनने जाता है तो अनुमति छीन ली जाती है।

संसद न चलने की जिम्मेदारी पर विवाद

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने संसद सुचारू न चलने के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सभी दलों को विश्वास में लेना और विपक्ष की आवाज सुनना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। माथर ने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छात्रों से मुलाकात की है और अब तमिलनाडु दौरे की भी तैयारी है। उनके अनुसार, प्रयागराज में अनुमति रद्द करना सरकार के भय को उजागर करता है।

कार्ति चिदंबरम का बयान और तमिलनाडु का मुद्दा

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर रोक की आलोचना करते हुए तमिल की एक कहावत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि किसी स्थान पर अनुमति न मिलने से उद्देश्य विफल नहीं होता और छात्रों से संवाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जेन जेड छात्रों के साथ प्रस्तावित बातचीत पर चिदंबरम ने कहा कि संवाद पर आपत्ति नहीं, लेकिन केवल बातचीत पर्याप्त नहीं — युवाओं की बातों को समझना भी ज़रूरी है।

तमिलनाडु से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि राज्य में सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत 'तमिल थाई वाज़्तु' से करने की परंपरा है और इसका पालन जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करती है, परंतु तमिलनाडु के सरकारी आयोजनों में स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

आगे क्या

गौरतलब है कि मानसून सत्र में लगातार व्यवधान के बीच विपक्ष और सरकार के बीच संवाद की संभावना फिलहाल क्षीण दिखती है। कांग्रेस के अनुसार, जब तक गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित होकर सवालों का जवाब नहीं देते, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार मुद्दों की परतें ज़्यादा हैं — कथित पुलिस लाठीचार्ज से लेकर छात्र कार्यक्रम पर रोक तक। असली सवाल यह है कि क्या सरकार इन मुद्दों पर सदन में बहस की अनुमति देगी, या व्यवधान को ही ढाल बनाए रखेगी। प्रयागराज में अनुमति रद्द होना लोकतांत्रिक संवाद की दृष्टि से चिंताजनक संकेत है — चाहे सरकार की मंशा कुछ भी हो। मानसून सत्र की उत्पादकता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष संसद को विरोध के मंच से बहस के मंच में बदलने की इच्छाशक्ति दिखाते हैं या नहीं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसदों ने 6 अगस्त को संसद में मार्च क्यों निकाला?
कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति, 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे और छात्रों की समस्याओं पर सरकार से जवाब माँगने के लिए यह विरोध मार्च निकाला। प्रयागराज में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द होना भी इस विरोध का प्रमुख कारण रहा।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है और इसकी अनुमति क्यों रद्द हुई?
'छात्रों की गूंज' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम था, जिसे प्रयागराज में आयोजित किया जाना था। प्रशासन ने इसकी अनुमति रद्द कर दी, जिस पर कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों के लोकतांत्रिक संवाद को दबाने का आरोप लगाया है। अनुमति रद्द होने के आधिकारिक कारणों का सरकार ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत खुलासा नहीं किया है।
कांग्रेस ने संसद न चलने की जिम्मेदारी किस पर डाली?
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि संसद का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, सभी दलों को विश्वास में लेना और विपक्ष की आवाज सुनना इसके लिए आवश्यक है।
कार्ति चिदंबरम ने 'तमिल थाई वाज़्तु' पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु में सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत 'तमिल थाई वाज़्तु' से करने की परंपरा है और इसका पालन जारी रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करती है, लेकिन तमिलनाडु के सरकारी आयोजनों में स्थानीय परंपरा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच विवाद के मुख्य मुद्दे क्या हैं?
मानसून सत्र में मुख्य विवाद के मुद्दों में 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे का मामला, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था, तथा गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति शामिल हैं। विपक्ष इन सभी मुद्दों पर खुली संसदीय बहस की माँग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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