अमित शाह संसद से क्यों गायब? कांग्रेस सांसदों का आरोप — सवालों से बच रहे हैं गृह मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस के कई सांसदों ने 7 अगस्त 2026 को एक स्वर में आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह जानबूझकर संसद से दूरी बनाए हुए हैं, क्योंकि वे विपक्ष के तीखे सवालों का सामना नहीं करना चाहते। नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसदों ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम की अनुमति मिलना उनकी राजनीतिक जीत है।
गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर विपक्ष का हमला
लोकसभा सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि विपक्ष लगातार 20 जुलाई की घटना पर गृह मंत्री से स्पष्टीकरण माँग रहा है, लेकिन न तो अमित शाह और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर सदन में बयान देने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस घटना की पूरी जानकारी संसद के सामने नहीं रखती, अन्य विधेयकों पर चर्चा संभव नहीं होगी।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'जेन-जी' संबंधी बयान का हवाला देते हुए कहा कि यदि भागवत वास्तव में युवाओं की चिंता करते हैं, तो उन्हें गृह मंत्री से कहना चाहिए कि वे संसद में आएँ और जवाबदेही निभाएँ।
युवाओं की आवाज़ दबाने का आरोप
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश में युवाओं की आवाज़ को व्यवस्थित तरीके से दबाया जा रहा है। उनके अनुसार यदि कोई छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करता है या वॉट्सऐप समूह में छात्रों के समर्थन में राय रखता है, तो उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उसे बार-बार पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।
सुरजेवाला ने प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की कर्मभूमि है और गांधी परिवार तथा कांग्रेस का इस शहर से ऐतिहासिक एवं भावनात्मक रिश्ता रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज से उठने वाली छात्रों की आवाज़ उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश की राजनीति और सामाजिक माहौल को प्रभावित करेगी।
कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम ने नीट पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देश गृह मंत्री से मौजूदा परिस्थितियों पर जवाब चाहता है।
महिला आरक्षण कानून पर सवाल
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2023 में यह कानून पारित होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं संसद परिसर में मिठाइयाँ बाँटकर जश्न मनाया था, लेकिन अब तक इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। टैगोर ने यह भी पूछा कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस विषय पर अलग-अलग बयान क्यों दे रहे हैं।
UPI और डिजिटल गोपनीयता पर चिंता
कांग्रेस सांसद वामसी कृष्णा गड्डम ने आरोप लगाया कि सरकार नए प्रावधानों के तहत UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की तैयारी कर रही है, जिसका सबसे अधिक असर डिजिटल भुगतान करने वाली युवा पीढ़ी पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित संशोधनों के जरिए पुलिस को बैंकों से सीधे वित्तीय लेनदेन की जानकारी लेने का अधिकार दिया जा रहा है।
गड्डम ने कहा कि विपक्ष की राय लिए बिना ऐसे कानून पारित किए जा रहे हैं जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और युवाओं की निजता व अधिकारों पर असर डाल सकते हैं। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा छात्रों के हितों की बात की है और उनका स्पष्ट मत है कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव चरम पर है। आने वाले दिनों में गृह मंत्री की सदन में उपस्थिति और 20 जुलाई की घटना पर सरकार का रुख संसदीय कार्यवाही की दिशा तय करेगा।