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बिचौलिया कृशानू शारदा को 7 दिन की ईडी हिरासत, पंजाब पुलिस DIG भुल्लर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट की होगी पूछताछ

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बिचौलिया कृशानू शारदा को 7 दिन की ईडी हिरासत, पंजाब पुलिस DIG भुल्लर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट की होगी पूछताछ

सारांश

पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी भुल्लर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिचौलिए कृशानू शारदा को 7 दिन की ईडी हिरासत मिली है। ₹1.42 करोड़ फ्रीज और ₹8.35 लाख जब्त — जाँच एजेंसी अब पूरे सिंडिकेट का जाल खंगालेगी।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ की विशेष पीएमएलए अदालत ने बिचौलिए कृशानू शारदा को 7 दिन की ईडी हिरासत में भेजा।
ईडी ने 18 सितंबर 2026 को शारदा को चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I से गिरफ्तार किया था।
मामले में शिकायतकर्ता से ₹8 लाख रिश्वत माँगी गई, जिसमें से ₹5 लाख शारदा के ज़रिए वसूले गए।
तलाशी में ₹8.35 लाख नकद जब्त; बैंक व अन्य खातों में ₹1.42 करोड़ फ्रीज।
ईडी को अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के प्रथमदृष्टया संकेत मिले।
मूल एफआईआर सीबीआई एसीबी, चंडीगढ़ ने भारतीय न्याय संहिता 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज की थी।

चंडीगढ़ की विशेष पीएमएलए अदालत ने 21 सितंबर 2026 को रिश्वत मामले में गिरफ्तार बिचौलिए कृशानू शारदा को सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत में भेज दिया। ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने शारदा को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और अन्य आरोपियों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की व्यापक जाँच का हिस्सा है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने इस प्रकरण में जाँच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी), चंडीगढ़ द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर, कृशानू शारदा और अन्य के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, मुख्य अपराध की प्रारंभिक जाँच में प्रथमदृष्टया यह सामने आया कि सरकारी कर्मचारी और मुख्य आरोपी भुल्लर ने शारदा को बिचौलिए के रूप में इस्तेमाल किया।

रिश्वत का विवरण

जाँच में सामने आए एक प्रमुख मामले के अनुसार, एक शिकायतकर्ता से ₹8 लाख की रिश्वत माँगी गई थी। इसमें से ₹5 लाख कृशानू शारदा के माध्यम से वसूले गए। ईडी के मुताबिक, यह राशि एक आपराधिक मामले को दबाने और शिकायतकर्ता को बिना पुलिस हस्तक्षेप के अपना स्क्रैप कारोबार जारी रखने देने के बदले में माँगी गई थी। गौरतलब है कि यह आरोप सीधे तौर पर एक वर्दीधारी अधिकारी की शक्ति के कथित दुरुपयोग को रेखांकित करता है।

तलाशी और जब्ती

पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान ₹8.35 लाख नकद जब्त किए गए। इसके अलावा बैंक खातों, डाकघर खातों और विभिन्न निवेशों को फ्रीज किया गया, जिनमें कुल मिलाकर करीब ₹1.42 करोड़ का बैलेंस बताया गया है। वित्तीय दस्तावेजों और जब्त डिजिटल उपकरणों की जाँच में बिना हिसाब के नकद जमा, निवेश और संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है — जिनमें हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं।

सिंडिकेट की जाँच का दायरा

ईडी ने यह भी कहा है कि जाँच के दौरान शारदा द्वारा भुल्लर की ओर से धन लेने और उनके वित्तीय लेन-देन में सहयोग करने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। एजेंसी को प्रथमदृष्टया कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के सुराग भी मिले हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में पुलिस भ्रष्टाचार के मामलों पर जाँच एजेंसियाँ विशेष सक्रियता दिखा रही हैं। सात दिन की हिरासत के दौरान ईडी संभावित सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और धन के स्रोत की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश करेगी।

आगे क्या होगा

हिरासत अवधि के दौरान शारदा से व्यापक आपराधिक नेटवर्क, रिश्वत के प्रवाह की श्रृंखला और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में विस्तृत पूछताछ होगी। मामले में अभी तक हुई गिरफ्तारियों और संपत्ति की जब्ती को देखते हुए जाँच का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ वर्दीधारी अधिकारी कथित तौर पर मध्यस्थों के ज़रिए 'सुरक्षा' बेचते हैं। ₹1.42 करोड़ की फ्रीज़ की गई संपत्ति और बेहिसाब नकद जमा यह संकेत देते हैं कि यह इकलौती घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तंत्र था। असली सवाल यह है कि क्या ईडी की जाँच केवल शारदा और भुल्लर तक सीमित रहेगी, या 'अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत' के जो संकेत मिले हैं, वे भी सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में आएंगे।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृशानू शारदा को ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया?
ईडी के अनुसार, कृशानू शारदा ने पंजाब पुलिस के तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से रिश्वत माँगने और वसूलने में बिचौलिए की भूमिका निभाई। एक शिकायतकर्ता से ₹8 लाख की रिश्वत माँगी गई, जिसमें से ₹5 लाख शारदा के माध्यम से लिए गए।
इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक क्या-क्या जब्त किया गया है?
पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी में ₹8.35 लाख नकद जब्त किए गए। इसके अलावा बैंक खातों, डाकघर खातों और निवेशों को फ्रीज किया गया, जिनका कुल बैलेंस करीब ₹1.42 करोड़ बताया गया है।
हरचरण सिंह भुल्लर इस मामले में कैसे जुड़े हैं?
हरचरण सिंह भुल्लर पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डीआईजी हैं और इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। सीबीआई एसीबी ने उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की।
कृशानू शारदा की ईडी हिरासत में क्या होगा?
सात दिन की हिरासत के दौरान ईडी शारदा से कथित सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, रिश्वत के धन के प्रवाह और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में पूछताछ करेगी। जाँच एजेंसी को अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं।
यह मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
मूल एफआईआर सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, चंडीगढ़ ने भारतीय न्याय संहिता 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की थी। ईडी ने इसी एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी जाँच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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