बिचौलिया कृशानू शारदा को 7 दिन की ईडी हिरासत, पंजाब पुलिस DIG भुल्लर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट की होगी पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ की विशेष पीएमएलए अदालत ने 21 सितंबर 2026 को रिश्वत मामले में गिरफ्तार बिचौलिए कृशानू शारदा को सात दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हिरासत में भेज दिया। ईडी के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने शारदा को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और अन्य आरोपियों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की व्यापक जाँच का हिस्सा है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने इस प्रकरण में जाँच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी), चंडीगढ़ द्वारा हरचरण सिंह भुल्लर, कृशानू शारदा और अन्य के विरुद्ध दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, मुख्य अपराध की प्रारंभिक जाँच में प्रथमदृष्टया यह सामने आया कि सरकारी कर्मचारी और मुख्य आरोपी भुल्लर ने शारदा को बिचौलिए के रूप में इस्तेमाल किया।
रिश्वत का विवरण
जाँच में सामने आए एक प्रमुख मामले के अनुसार, एक शिकायतकर्ता से ₹8 लाख की रिश्वत माँगी गई थी। इसमें से ₹5 लाख कृशानू शारदा के माध्यम से वसूले गए। ईडी के मुताबिक, यह राशि एक आपराधिक मामले को दबाने और शिकायतकर्ता को बिना पुलिस हस्तक्षेप के अपना स्क्रैप कारोबार जारी रखने देने के बदले में माँगी गई थी। गौरतलब है कि यह आरोप सीधे तौर पर एक वर्दीधारी अधिकारी की शक्ति के कथित दुरुपयोग को रेखांकित करता है।
तलाशी और जब्ती
पीएमएलए की धारा 17 के तहत की गई तलाशी के दौरान ₹8.35 लाख नकद जब्त किए गए। इसके अलावा बैंक खातों, डाकघर खातों और विभिन्न निवेशों को फ्रीज किया गया, जिनमें कुल मिलाकर करीब ₹1.42 करोड़ का बैलेंस बताया गया है। वित्तीय दस्तावेजों और जब्त डिजिटल उपकरणों की जाँच में बिना हिसाब के नकद जमा, निवेश और संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है — जिनमें हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं।
सिंडिकेट की जाँच का दायरा
ईडी ने यह भी कहा है कि जाँच के दौरान शारदा द्वारा भुल्लर की ओर से धन लेने और उनके वित्तीय लेन-देन में सहयोग करने के स्पष्ट संकेत मिले हैं। एजेंसी को प्रथमदृष्टया कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के सुराग भी मिले हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में पुलिस भ्रष्टाचार के मामलों पर जाँच एजेंसियाँ विशेष सक्रियता दिखा रही हैं। सात दिन की हिरासत के दौरान ईडी संभावित सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और धन के स्रोत की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश करेगी।
आगे क्या होगा
हिरासत अवधि के दौरान शारदा से व्यापक आपराधिक नेटवर्क, रिश्वत के प्रवाह की श्रृंखला और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में विस्तृत पूछताछ होगी। मामले में अभी तक हुई गिरफ्तारियों और संपत्ति की जब्ती को देखते हुए जाँच का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।