ईडी को भुल्लर रिश्वत मामले में बड़ी सफलता, बिचौलिए कृष्णू की 8 दिन की रिमांड मंज़ूर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को चंडीगढ़ में पूर्व डीआईजी एचएस भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कामयाबी मिली है — जांच एजेंसी ने बिचौलिए कृष्णू को गिरफ्तार करने के बाद अदालत से उसकी 8 दिन की रिमांड हासिल कर ली है। रिमांड अवधि के दौरान ईडी कृष्णू से कथित रिश्वत की रकम के लेन-देन, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी।
मुख्य घटनाक्रम
जांच एजेंसी के अनुसार, कृष्णू इस मामले में एक केंद्रीय बिचौलिए की भूमिका में था। ईडी को उम्मीद है कि उससे की जाने वाली पूछताछ में मामले से जुड़ी अहम जानकारियाँ सामने आएंगी, जिनमें रकम के स्रोत, उसके प्रवाह की दिशा और संभावित अन्य सहयोगियों के नाम शामिल हो सकते हैं। यह गिरफ्तारी भुल्लर मामले में ईडी की जांच को एक नई गति देती है।
मुंबई में दाऊद नेटवर्क पर भी ईडी की कार्रवाई
इसी दिन मुंबई से ईडी की एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई, जहाँ एजेंसी ने भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित सहयोगी सलीम इस्माइल डोला और उसके गिरोह से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। यह जांच मुंबई में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सलीम डोला और अन्य के विरुद्ध मादक पदार्थ तस्करी से संबंधित कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की कार्यप्रणाली
ईडी ने अपने एक बयान में बताया कि जांच में एक अत्यंत संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह नेटवर्क रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन (एमडी) के गुप्त निर्माण, मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय परिवहन और वितरण, अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों के ज़रिए अपराध की आय को छिपाने तथा सहयोगियों के नाम पर चल और अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में संलग्न था।
जांच में सामने आया कि प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे एमडी के गुप्त उत्पादन और उसकी अवैध बिक्री से प्राप्त धन के संचालन, कब्जे तथा आवागमन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
भुल्लर मामले में ईडी की कार्रवाई यह संकेत देती है कि जांच का दायरा अब सीधे आरोपियों से आगे बढ़कर उनके वित्तीय नेटवर्क तक फैल रहा है। गौरतलब है कि इस तरह की रिमांड अक्सर जांच में एक नया मोड़ लाती है, क्योंकि बिचौलिए से मिली जानकारी के आधार पर नई गिरफ्तारियाँ और संपत्तियों की कुर्की संभव हो जाती है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।