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ईडी की छापेमारी: पूर्व डीआईजी भुल्लर के 11 ठिकानों पर तलाशी, ₹1.4 करोड़ फ्रीज़

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ईडी की छापेमारी: पूर्व डीआईजी भुल्लर के 11 ठिकानों पर तलाशी, ₹1.4 करोड़ फ्रीज़

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगियों से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारकर ₹1.4 करोड़ फ्रीज़ किए। सीबीआई एफआईआर पर आधारित यह जांच रिश्वत, बेनामी संपत्ति और अवैध नकद लेन-देन के एक बड़े नेटवर्क की परतें खोल रही है।

मुख्य बातें

ईडी ने 27 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में 11 ठिकानों पर छापे मारे।
कार्रवाई पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर की गई।
छापेमारी के दौरान करीब ₹1.4 करोड़ की राशि जब्त या फ्रीज़ की गई।
जांच सीबीआई और एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के आरोप शामिल हैं।
कथित बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और ज़ीरकपुर में पाए गए।
ईडी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे संभव हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने 27 अप्रैल 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में कुल 11 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत की गई और इसमें करीब ₹1.4 करोड़ की राशि जब्त या फ्रीज़ की गई। ये ठिकाने पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। यह एफआईआर आकाश बत्ता की शिकायत पर दर्ज हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि तत्कालीन डीआईजी भुल्लर ने अपने कथित बिचौलिए कृषानु के माध्यम से रिश्वत की मांग की। आरोप के अनुसार, यह रिश्वत पी.एस. सरहिंद में दर्ज एक मामले को प्रभावित करने और शिकायतकर्ता के स्क्रैप व्यवसाय के खिलाफ प्रतिकूल पुलिस कार्रवाई रोकने के लिए माँगी गई थी। इसके अतिरिक्त, भुल्लर के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला भी दर्ज है।

जांच में क्या सामने आया

ईडी की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कई प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा और ट्रांसफर किए गए, जिनके पीछे आय का कोई वैध स्रोत नहीं था। एजेंसी के अनुसार, बेहिसाब धन को विभिन्न खातों के जरिए घुमाकर निवेश किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित बेनामीदारों के नाम पर कई संपत्तियाँ खरीदी गईं, जिनके मूल दस्तावेज सीबीआई पहले ही भुल्लर के आवास से बरामद कर चुकी है।

छापेमारी में क्या मिला

हालिया तलाशी अभियान के दौरान चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और ज़ीरकपुर में स्थित आवासीय और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। ईडी ने करीब ₹1.4 करोड़ की राशि जब्त या फ्रीज़ की और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए। इस कार्रवाई में प्रॉपर्टी डीलर और संदिग्ध बेनामीदार भी जांच के दायरे में हैं।

ईडी की आगे की रणनीति

एजेंसी का फोकस भुल्लर से जुड़े प्रॉपर्टी डीलरों, बिचौलियों और कथित रूप से शामिल सरकारी कर्मचारियों के बीच के गठजोड़ को उजागर करना है। ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी है। गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आते रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क इतने लंबे समय तक सक्रिय रहा — यह विभागीय निगरानी की खामियों की ओर इशारा करता है। ₹1.4 करोड़ की फ्रीज़िंग प्रारंभिक कदम है; असली परीक्षा यह होगी कि क्या ईडी संपत्तियों की पूरी श्रृंखला को अपराध की आय साबित कर उन्हें कुर्क कर पाती है। इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की कथित संलिप्तता की जांच यह तय करेगी कि यह एक अपवाद था या किसी गहरी संरचनात्मक समस्या की अभिव्यक्ति।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पूर्व डीआईजी भुल्लर के खिलाफ छापेमारी क्यों की?
ईडी ने सीबीआई और एसीबी, चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसमें पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर पर रिश्वत मांगने और आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत 11 ठिकानों पर तलाशी ली गई।
छापेमारी में कितनी राशि फ्रीज़ की गई और कहाँ-कहाँ की गई?
छापेमारी के दौरान करीब ₹1.4 करोड़ की राशि जब्त या फ्रीज़ की गई। यह कार्रवाई चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में स्थित कुल 11 ठिकानों पर की गई।
भुल्लर पर रिश्वत का आरोप किसने और क्यों लगाया?
आकाश बत्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप है कि तत्कालीन डीआईजी भुल्लर ने बिचौलिए कृषानु के जरिए रिश्वत माँगी। यह रिश्वत पी.एस. सरहिंद में दर्ज मामले को प्रभावित करने और शिकायतकर्ता के स्क्रैप व्यवसाय को पुलिस कार्रवाई से बचाने के लिए माँगी गई थी।
बेनामी संपत्तियों के बारे में जांच में क्या सामने आया?
जांच में सामने आया कि कथित बेनामीदारों के नाम पर चंडीगढ़, लुधियाना, कपूरथला, मोहाली और ज़ीरकपुर में आवासीय और कृषि भूमि खरीदी गई। इन संपत्तियों के मूल दस्तावेज सीबीआई भुल्लर के आवास से पहले ही बरामद कर चुकी है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
ईडी के अनुसार मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं। एजेंसी का फोकस प्रॉपर्टी डीलरों, बिचौलियों और कथित रूप से शामिल सरकारी कर्मचारियों के बीच के गठजोड़ को उजागर करना है।
राष्ट्र प्रेस
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