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पैरीमैच पर ईडी की बड़ी कार्रवाई: 17 ठिकानों पर छापे, ₹1.56 करोड़ जब्त, ₹3.8 करोड़ फ्रीज

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पैरीमैच पर ईडी की बड़ी कार्रवाई: 17 ठिकानों पर छापे, ₹1.56 करोड़ जब्त, ₹3.8 करोड़ फ्रीज

सारांश

ईडी ने 'पैरीमैच' के खिलाफ 6 राज्यों में एक साथ 17 ठिकानों पर छापे मारे। ₹1.56 करोड़ जब्त, ₹3.8 करोड़ फ्रीज। म्यूल अकाउंट, हवाला और सरोगेट विज्ञापन की आड़ में कथित तौर पर एक साल में ₹3,000 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई का दावा।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को पीएमएलए के तहत 'पैरीमैच' के 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापों में ₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति जब्त; जिसमें ₹1.2 करोड़ नकद शामिल।
विभिन्न बैंक खातों में जमा ₹3.8 करोड़ की राशि फ्रीज की गई।
जांच एजेंसियों का दावा — प्लेटफॉर्म ने कथित तौर पर एक वर्ष में ₹3,000 करोड़ से अधिक कमाए।
म्यूल अकाउंट, फिनटेक चैनल, हवाला नेटवर्क और सरोगेट विज्ञापन के जरिए मनी ट्रेल छिपाने का आरोप।
कार्रवाई मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27 मई 2026 को अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म 'पैरीमैच' के विरुद्ध एक साथ 17 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की गई इस कार्रवाई में महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में एजेंसी की टीमें एक साथ सक्रिय हुईं। यह कार्रवाई मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।

छापों में क्या मिला

ईडी ने बताया कि तलाशी के दौरान लगभग ₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति जब्त की गई, जिसमें करीब ₹1.2 करोड़ नकद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैंक खातों में जमा लगभग ₹3.8 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी गई। जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका

जांच में सामने आया कि 'पैरीमैच' और उससे जुड़े नेटवर्क ने कथित तौर पर म्यूल अकाउंट्स, भुगतान मध्यस्थों और फिनटेक चैनलों का इस्तेमाल कर यूजर्स का पैसा एकत्र किया। इस धन को कई स्तरों पर घुमाकर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की गई। ईडी के अनुसार, कई मामलों में यूजर के विड्रॉल सीधे प्लेटफॉर्म के खाते से नहीं किए गए, बल्कि अन्य यूजर्स के डिपॉजिट को कई हिस्सों में ट्रांसफर कर भुगतान किया गया ताकि असली स्रोत का पता न चल सके।

ईडी के मुताबिक, यूजर डिपॉजिट और विड्रॉल के लिए जिन खातों का उपयोग हुआ, वे सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी और फिनटेक कंपनियों के नाम पर खोले गए थे। इन खातों का कथित तौर पर बिजनेस ट्रांजैक्शन और पेमेंट गेटवे सेवा की आड़ में धन हस्तांतरण के लिए उपयोग किया गया।

ग्राउंड-लेवल नेटवर्क का खुलासा

जांच में यह भी उजागर हुआ कि बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क, मोबाइल मनी ट्रांसफर एजेंट, ग्राहक सेवा केंद्र, कैश मैनेजमेंट सर्विस, स्थानीय किराना दुकानों और रिटेल आउटलेट्स का भी कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। एजेंसी के अनुसार, यूजर्स के फंड पहले रिटेलर को ट्रांसफर किए जाते थे, फिर बीसी एजेंटों के जरिए अलग-अलग वॉलेट में भेजे जाते थे। ईडी ने यह भी दावा किया कि कुछ एजेंट सीएमएस चैनलों से प्राप्त नकदी को हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजते थे।

सरोगेट विज्ञापन और प्रचार रणनीति

'पैरीमैच' ने पैरीमैच स्पोर्ट्स और पैरीमैच न्यूज जैसे नामों से सरोगेट विज्ञापन चलाकर अपने प्लेटफॉर्म का व्यापक प्रचार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने कॉमर्स ऐप्स के जरिए भी प्रचार सामग्री वितरित की ताकि नए यूजर्स को आकर्षित किया जा सके। प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन बेटिंग के जरिए निवेश पर अधिक रिटर्न का लालच देकर लोगों को फंसाने का आरोप है।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

जांच एजेंसियों का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म ने कथित तौर पर एक वर्ष के भीतर ₹3,000 करोड़ से अधिक की कमाई की हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियां देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर रही हैं। बरामद डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच के बाद आगे की गिरफ्तारियों और संपत्ति कुर्की की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का कथित आंकड़ा चौंकाने वाला है, लेकिन असली सवाल यह है कि सरोगेट विज्ञापन और कॉमर्स ऐप्स के जरिए इतने बड़े पैमाने पर प्रचार होता रहा और नियामक तंत्र कब तक अनजान बना रहा। म्यूल अकाउंट और हवाला नेटवर्क के संयोजन से पता चलता है कि यह महज एक तकनीकी उल्लंघन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित वित्तीय अपराध नेटवर्क था। जब तक भुगतान गेटवे और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट पर निगरानी कड़ी नहीं होती, ऐसे मामलों में केवल छापेमारी पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने 'पैरीमैच' पर कार्रवाई क्यों की?
ईडी ने 'पैरीमैच' के खिलाफ पीएमएलए के तहत कार्रवाई की क्योंकि यह प्लेटफॉर्म कथित तौर पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए बड़े पैमाने पर धन जुटाने और उसे म्यूल अकाउंट व हवाला नेटवर्क के जरिए छिपाने में शामिल था। यह कार्रवाई मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।
पैरीमैच छापेमारी में कितनी संपत्ति जब्त हुई?
ईडी ने 17 ठिकानों पर छापों में लगभग ₹1.56 करोड़ की चल संपत्ति जब्त की, जिसमें करीब ₹1.2 करोड़ नकद शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा लगभग ₹3.8 करोड़ की राशि फ्रीज की गई।
पैरीमैच ने मनी लॉन्ड्रिंग कैसे की?
जांच एजेंसी के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने म्यूल अकाउंट, फिनटेक चैनल, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क और स्थानीय रिटेलर्स का उपयोग कर यूजर्स का पैसा कई स्तरों पर घुमाया। कुछ एजेंट कथित तौर पर नकदी को हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजते थे।
पैरीमैच ने अपने प्लेटफॉर्म का प्रचार कैसे किया?
'पैरीमैच स्पोर्ट्स' और 'पैरीमैच न्यूज' जैसे नामों से सरोगेट विज्ञापन चलाकर प्लेटफॉर्म का प्रचार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, कॉमर्स ऐप्स के जरिए भी प्रचार सामग्री वितरित की गई ताकि नए यूजर्स को आकर्षित किया जा सके।
पैरीमैच मामले में आगे क्या होगा?
बरामद डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच जारी है। जांच एजेंसियों के दावे के अनुसार प्लेटफॉर्म ने कथित तौर पर एक वर्ष में ₹3,000 करोड़ से अधिक कमाए, इसलिए आगे और संपत्ति कुर्की व गिरफ्तारियों की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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