एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स 2026: महिला 4x400 मीटर रिले में भारत का गोल्ड, कुल 16 पदक
सारांश
मुख्य बातें
चीन के ओरडोस में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दिन, 12 जुलाई को भारत की महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। जैवलिन थ्रोअर आनंद सिंह के गोल्ड के बाद यह भारत का इस चैंपियनशिप में तीसरा स्वर्ण पदक था। कुल मिलाकर भारत ने इस प्रतियोगिता में 16 पदक — 3 गोल्ड, 4 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज — अपने नाम किए।
महिला 4x400 मीटर रिले: स्वर्णिम दौड़
चैंपियनशिप के इस पहले संस्करण में श्रावणी सचिन सांगले, संद्रामोल साबू, प्रवलिका नरीमल्ला और नोफिसा खातून की चौकड़ी ने 3:33.62 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष स्थान हासिल किया। चीन ने 3:35.14 सेकंड के साथ रजत और कजाकिस्तान ने 3:37.65 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता।
आनंद सिंह का ऐतिहासिक जैवलिन थ्रो
जैवलिन थ्रोअर आनंद सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में 80.57 मीटर का थ्रो करके 80 मीटर का आँकड़ा पार किया, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और उन्हें गोल्ड मेडल दिलाया। शिवम लोहकरे ने 77.70 मीटर की दूरी के साथ कांस्य पदक जीता, जिससे जैवलिन में भारत का दबदबा स्पष्ट रहा।
रिले स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन
महिला 4x100 मीटर रिले में संजना, अक्षया सरवनन, सुदीक्षा वी और श्रेया राजेश की टीम ने 44.68 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। चीन ने 43.75 सेकंड के साथ गोल्ड और कजाकिस्तान ने 50.90 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज जीता।
पुरुष 4x400 मीटर रिले में आस्तिक प्रधान, शरण मेगवर्णम, सेतु मिश्रा और अमन चौधरी ने 3:04.24 सेकंड के साथ रजत पदक अपने नाम किया। चीन ने 3:03.46 सेकंड के साथ स्वर्ण और कतर ने 3:06.19 सेकंड के साथ कांस्य जीता। वहीं, पुरुष 4x100 मीटर रिले टीम 39.38 सेकंड के साथ चौथे स्थान पर रही।
अन्य स्पर्धाओं में भारतीय प्रदर्शन
पुरुष हाई जंप में सुदीप 2.10 मीटर की ऊँचाई के साथ पाँचवें स्थान पर रहे। महिला 1,500 मीटर दौड़ में भूमेश्वरी देवी हुइड्रोम 4:29.81 सेकंड के साथ सातवें स्थान पर रहीं। हाफ मैराथन रेस वॉक में सचिन गढ़वाल पुरुष वर्ग में 1:36:48 के साथ छठे और आरती महिला वर्ग में 1:45:40 के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
भारत का समग्र पदक प्रदर्शन
चैंपियनशिप के इस पहले संस्करण में भारत ने कुल 16 पदकों के साथ अपनी युवा एथलेटिक्स प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट एशियाई युवा एथलेटिक्स के लिए एक नया मंच है, और भारत के इस प्रदर्शन से आगामी एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उम्मीदें और बढ़ गई हैं।