12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बद्रीनाथ दान चोरी पर पूर्व CM कोश्यारी सख्त: 'चोरों को कठोरतम सजा मिले', कुमाऊं विश्वविद्यालय में हुए सम्मानित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बद्रीनाथ दान चोरी पर पूर्व CM कोश्यारी सख्त: 'चोरों को कठोरतम सजा मिले', कुमाऊं विश्वविद्यालय में हुए सम्मानित

सारांश

बद्रीनाथ मंदिर में दान-चोरी के मामले ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूर्व CM और पद्म भूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी ने नैनीताल में साफ कहा — चाहे घर हो या धाम, चोरों को कठोरतम दंड मिलना ही चाहिए।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने 12 जुलाई को नैनीताल में बद्रीनाथ मंदिर दान-चोरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
कोश्यारी ने कहा — 'चोरी चाहे घर में हो या बद्रीनाथ, चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।' कुमाऊं विश्वविद्यालय ने उन्हें अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया; कुलपति प्रो.
दीवान सिंह रावत ने उन्हें वाजपेयी के समकक्ष बताया।
कोश्यारी का कुमाऊं विश्वविद्यालय से 1960 से जुड़ाव; अल्मोड़ा कॉलेज से बीए की शुरुआत।
पद्म भूषण सम्मान को उन्होंने व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड का सम्मान बताया।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी ने 12 जुलाई को नैनीताल में मीडिया से बातचीत के दौरान बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की चोरी के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे अपराधियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए।

बद्रीनाथ प्रकरण पर कोश्यारी की कड़ी चेतावनी

पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी ने कहा, 'चोरी चाहे किसी के घर में हो या फिर बद्रीनाथ जैसे पवित्र धाम में — चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि धार्मिक स्थलों पर दान-चोरी की घटनाएँ श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुँचाती हैं, और इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मचा दी है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय में अभिनंदन समारोह

नैनीताल प्रवास के दौरान कोश्यारी को कुमाऊं विश्वविद्यालय में एक विशेष अभिनंदन एवं सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने उनके भारतीय राजनीति और सामाजिक सेवा में अद्वितीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें उत्तराखंड में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समकक्ष बताया। प्रो. रावत ने कहा, 'इतने बड़े व्यक्तित्व का सम्मान करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।'

विद्यार्थियों से संवाद: आत्मनिर्भर भारत का आह्वान

समारोह में कोश्यारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर उत्तराखंड एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय, सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि विश्वविद्यालय परिवार, गुरुजनों और विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित आत्मीय स्नेह और अपनत्व से हृदय भावविभोर है। उनके शब्दों में, 'युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी सामर्थ्य है — यदि हमारी प्रतिभा, ऊर्जा और संकल्प राष्ट्रहित के लिए समर्पित हों तो विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से साकार होगा।'

कुमाऊं विश्वविद्यालय से छह दशक पुराना नाता

कोश्यारी ने बताया कि वे 1960 से कुमाऊं विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जब यह आगरा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से बीए में प्रवेश लिया था और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहते हुए भी विश्वविद्यालय की गतिविधियों से निरंतर जुड़े रहे। पद्म भूषण सम्मान का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य का सम्मान बताया।

आगे क्या

बद्रीनाथ दान-चोरी मामले में जाँच जारी है और कोश्यारी के बयान के बाद प्रदेश में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की माँग और तेज हो सकती है। उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने के बीच प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है — और कोश्यारी का बयान इस भावना को राजनीतिक स्वर देता है। हालाँकि यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक है, असली सवाल यह है कि उत्तराखंड के तीर्थस्थलों पर सुरक्षा और निगरानी तंत्र कितना मजबूत है। पद्म भूषण प्राप्त एक वरिष्ठ नेता का यह बयान जनभावना को तो दर्शाता है, लेकिन ठोस जवाबदेही और प्रशासनिक सुधार की माँग अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी का मामला क्या है?
बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी का मामला सामने आया है, जिसने उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया है। इस मामले में जाँच जारी है।
भगत सिंह कोश्यारी ने बद्रीनाथ चोरी पर क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने 12 जुलाई को नैनीताल में कहा कि चोरी चाहे किसी के घर में हो या बद्रीनाथ धाम में — चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने किसी भी प्रकार की चोरी को अक्षम्य बताया।
भगत सिंह कोश्यारी को कुमाऊं विश्वविद्यालय में क्यों सम्मानित किया गया?
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने पद्म भूषण से सम्मानित पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को उनके भारतीय राजनीति और सामाजिक सेवा में अद्वितीय योगदान के लिए अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया। कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने उन्हें उत्तराखंड में वाजपेयी के समकक्ष बताया।
भगत सिंह कोश्यारी का कुमाऊं विश्वविद्यालय से क्या संबंध है?
कोश्यारी 1960 से कुमाऊं विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जब यह आगरा विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता था। उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज से बीए में प्रवेश लिया था और राजनीतिक जीवन में भी विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहे।
कोश्यारी ने पद्म भूषण सम्मान को किसका सम्मान बताया?
भगत सिंह कोश्यारी ने पद्म भूषण सम्मान को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य का सम्मान बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले