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बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद: स्वामी चिदानंद सरस्वती बोले — हर घर में सनातन धर्म के मूल्य अपनाएँ, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

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बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद: स्वामी चिदानंद सरस्वती बोले — हर घर में सनातन धर्म के मूल्य अपनाएँ, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

सारांश

बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर संत समाज एकजुट हुआ। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की, तो जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि ने कहा — आस्था के केंद्रों में ऐसी घटनाएँ बर्दाश्त नहीं। स्वामी दर्शन भारती ने केदारनाथ सोना-चोरी मामले को भी जाँच में शामिल करने की माँग उठाई।

मुख्य बातें

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 8 जुलाई को कहा कि बद्रीनाथ चढ़ावा मामले में दोषी पाए जाने पर कर्मचारी को तत्काल निलंबित किया जाए।
BKTC के चेयरमैन ने तुरंत जाँच समिति गठित की; समिति के सचिव को हटाया गया।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि बद्रीनाथ मामले की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है — सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएँ।
जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि महाराज ने माँग की कि चोरी हुई संपत्ति बरामद हो और दोषियों को कठोरतम सज़ा मिले।
देवभूमि रक्षा अभियान के स्वामी दर्शन भारती ने केदारनाथ मंदिर में सोने की कथित चोरी को भी जाँच में शामिल करने की माँग की।

बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच परमार्थ निकेतन, हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 8 जुलाई को स्पष्ट कहा कि यदि जाँच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए — और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन भी। साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए।

स्वामी चिदानंद का संदेश: अफवाहों से बचें, विश्वास को मज़बूत करें

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, 'आज हर घर में सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाने की ज़रूरत है, क्योंकि जिस तरह का माहौल बन रहा है, जैसी बातें फैलाई जा रही हैं और जैसी सोच बनाई जा रही है, उसे देखते हुए यह अनिवार्य है।' उन्होंने समाज से आग्रह किया कि अफवाहों से दूर रहें और अपने विश्वास को दृढ़ करें।

उन्होंने यह भी कहा कि कई बार ऐसी बातें फैलाई जाती हैं जिससे समाज में भ्रम, गलत जानकारी और अफवाहें पनपती हैं। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि लोग सही तथ्यों पर ध्यान दें और अनावश्यक विवाद से बचें।

बद्रीनाथ मामले पर स्वामी जी की प्रतिक्रिया

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि इस मामले की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार, कुछ जानकारी मिली थी जो सोशल मीडिया पर फैल गई। उन्होंने कहा, 'किसी को भी ऐसी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए। अगर कोई गलती हुई है, तो उसे सुलझाने के लिए सही तरीके मौजूद हैं।'

उन्होंने इस बात की सराहना की कि बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन ने तुरंत एक जाँच समिति का गठन किया। स्वामी जी ने यह भी बताया कि समिति के सचिव को हटा दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मीडिया में जाकर जनता को गुमराह करने के बजाय उचित माध्यमों से मामले पर बातचीत करें।

जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि महाराज का बयान

जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि महाराज ने कहा कि बड़े धार्मिक संस्थानों में ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं, किंतु इन्हें जारी नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने कहा, 'आस्था के किसी भी केंद्र में ऐसी घटना होने पर उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।' उनके अनुसार, देश कानून और संविधान से चलता है और दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।

लोकेश मुनि ने यह भी कहा कि चोरी हुई संपत्ति या धनराशि की बरामदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, इसके लिए ट्रस्ट और सरकार को मिलकर उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

देवभूमि रक्षा अभियान की माँग: केदारनाथ मामला भी जाँच में शामिल हो

देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने आरोप लगाया कि चोरी काफी समय से हो रही है। उन्होंने माँग की कि यदि उत्तराखंड सरकार इस मामले की निष्पक्ष जाँच कराती है, तो उसमें केदारनाथ मंदिर में सोने की कथित चोरी के मामले को भी शामिल किया जाए, जिसने पहले भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया था।

आगे क्या होगा

BKTC द्वारा गठित जाँच समिति की रिपोर्ट का इंतज़ार है। संत समाज और धर्मगुरुओं की एकजुट माँग है कि जाँच पारदर्शी हो और दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएँ। यह मामला धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक जवाबदेही के व्यापक प्रश्न को एक बार फिर केंद्र में ले आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु असली परीक्षा रिपोर्ट की पारदर्शिता और उसके बाद की कार्रवाई में होगी। स्वामी दर्शन भारती की माँग — कि केदारनाथ सोना-चोरी मामले को भी इसी जाँच में जोड़ा जाए — यह संकेत देती है कि संत समाज अब व्यक्तिगत घटनाओं से आगे बढ़कर प्रणालीगत सुधार की बात कर रहा है, जिसे नीति-निर्माताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठे, जिसके बाद BKTC के चेयरमैन ने तुरंत एक जाँच समिति गठित की। अभी तक इस मामले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने इस मामले पर क्या कहा?
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जाँच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन भी। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अफवाहें न फैलाएँ और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुँचे।
BKTC ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन ने विवाद सामने आते ही एक जाँच समिति का गठन किया। इसके साथ ही समिति के सचिव को पद से हटा दिया गया है।
स्वामी दर्शन भारती ने केदारनाथ मंदिर का ज़िक्र क्यों किया?
देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने माँग की कि उत्तराखंड सरकार की जाँच में केदारनाथ मंदिर में सोने की कथित चोरी के मामले को भी शामिल किया जाए। उनका कहना है कि चोरी की घटनाएँ काफी समय से हो रही हैं।
इस विवाद में जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि महाराज का क्या कहना है?
लोकेश मुनि महाराज ने कहा कि आस्था के किसी भी केंद्र में ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने माँग की कि चोरी हुई संपत्ति बरामद हो, दोषियों को कठोरतम सज़ा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए ट्रस्ट व सरकार मिलकर उचित व्यवस्था करें।
राष्ट्र प्रेस
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