दिग्विजय सिंह विवाद में बने रहने के लिए देते हैं बयान: JDU विधायक श्याम रजक
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 4 जुलाई 2026 — कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राम मंदिर पर दिए गए हालिया बयान को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह उनके पुराने साथी हैं और वे उनके राजनीतिक तौर-तरीकों से भलीभाँति परिचित हैं। रजक के अनुसार, जनता और कांग्रेस के बीच खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए विवादास्पद बयान देना दिग्विजय सिंह की पुरानी रणनीति रही है।
राम मंदिर विवाद और आरएसएस पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्याम रजक ने कहा कि वे होसबोले का सम्मान करते हैं, परंतु उन्होंने सत्य का केवल एक पक्ष ही प्रस्तुत किया है। रजक ने स्वामी विवेकानंद के संदेश 'गर्व से कहो कि हम भारतीय हैं' का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी भारतीयों को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आस्था सबकी है, लेकिन यदि कहीं अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जाँच अवश्य होनी चाहिए।
बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद
बद्रीनाथ मंदिर में दान की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर श्याम रजक ने कहा कि किसी भी आरोप की पुष्टि केवल ठोस सबूत और तथ्यों के आधार पर ही होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे मंदिरों, मठों और आस्था के अन्य केंद्रों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
इस बीच, बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरों पर आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे मामले में कथित हेरफेर के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले को मंदिर समिति ने बहुत गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपूरक जाँच के लिए कमेटी गठित की गई है। जिन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जाँच पूरी होने के बाद अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
वैशाली और सीतामढ़ी एनकाउंटर पर रजक का रुख
वैशाली और सीतामढ़ी में हुए पुलिस एनकाउंटर पर श्याम रजक ने कहा कि ऐसी घटनाएँ प्रायः तब होती हैं जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने जाती है और आरोपी विरोध करता है या भागने की कोशिश करता है, जिससे बल प्रयोग की स्थिति अनिवार्य हो जाती है।
लालू-राबड़ी की सुरक्षा हटाने का मामला
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने के मुद्दे पर रजक ने कहा कि सुरक्षा संबंधी निर्णय सुरक्षा समिति द्वारा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद लिए जाते हैं। उन्होंने इसे किसी भी प्रकार का मनमाना निर्णय मानने से इनकार किया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।