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दिग्विजय सिंह विवाद में बने रहने के लिए देते हैं बयान: JDU विधायक श्याम रजक

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दिग्विजय सिंह विवाद में बने रहने के लिए देते हैं बयान: JDU विधायक श्याम रजक

सारांश

JDU विधायक श्याम रजक ने दिग्विजय सिंह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विवादित बयान देना उनकी पुरानी आदत है। साथ ही बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जाँच की माँग और लालू-राबड़ी की सुरक्षा हटाने के फैसले का बचाव — एक साक्षात्कार में कई मोर्चों पर बोले रजक।

मुख्य बातें

JDU विधायक श्याम रजक ने कहा कि दिग्विजय सिंह चर्चा में बने रहने के लिए जानबूझकर विवादित बयान देते हैं।
बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने चढ़ावे में कथित हेरफेर की जाँच के लिए समिति गठित करने और आरोपी कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की पुष्टि की।
रजक ने मंदिरों व मठों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नियम बनाने का सुझाव दिया।
वैशाली और सीतामढ़ी एनकाउंटर पर रजक ने पुलिस कार्रवाई को परिस्थितिजन्य बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा हटाने को रजक ने सुरक्षा समिति का नियमित निर्णय बताया, मनमाना नहीं।

पटना, 4 जुलाई 2026 — कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के राम मंदिर पर दिए गए हालिया बयान को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह उनके पुराने साथी हैं और वे उनके राजनीतिक तौर-तरीकों से भलीभाँति परिचित हैं। रजक के अनुसार, जनता और कांग्रेस के बीच खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए विवादास्पद बयान देना दिग्विजय सिंह की पुरानी रणनीति रही है।

राम मंदिर विवाद और आरएसएस पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्याम रजक ने कहा कि वे होसबोले का सम्मान करते हैं, परंतु उन्होंने सत्य का केवल एक पक्ष ही प्रस्तुत किया है। रजक ने स्वामी विवेकानंद के संदेश 'गर्व से कहो कि हम भारतीय हैं' का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी भारतीयों को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आस्था सबकी है, लेकिन यदि कहीं अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जाँच अवश्य होनी चाहिए।

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद

बद्रीनाथ मंदिर में दान की राशि के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर श्याम रजक ने कहा कि किसी भी आरोप की पुष्टि केवल ठोस सबूत और तथ्यों के आधार पर ही होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे मंदिरों, मठों और आस्था के अन्य केंद्रों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

इस बीच, बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की खबरों पर आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'श्री बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे मामले में कथित हेरफेर के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले को मंदिर समिति ने बहुत गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपूरक जाँच के लिए कमेटी गठित की गई है। जिन कर्मचारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जाँच पूरी होने के बाद अगर कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

वैशाली और सीतामढ़ी एनकाउंटर पर रजक का रुख

वैशाली और सीतामढ़ी में हुए पुलिस एनकाउंटर पर श्याम रजक ने कहा कि ऐसी घटनाएँ प्रायः तब होती हैं जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने जाती है और आरोपी विरोध करता है या भागने की कोशिश करता है, जिससे बल प्रयोग की स्थिति अनिवार्य हो जाती है।

लालू-राबड़ी की सुरक्षा हटाने का मामला

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने के मुद्दे पर रजक ने कहा कि सुरक्षा संबंधी निर्णय सुरक्षा समिति द्वारा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद लिए जाते हैं। उन्होंने इसे किसी भी प्रकार का मनमाना निर्णय मानने से इनकार किया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह NDA के उस व्यापक राजनीतिक कथानक का हिस्सा है जो कांग्रेस नेताओं को 'ध्यान-खींचने वाले' के रूप में चित्रित करता है। गौरतलब है कि बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद पर रजक की 'जाँच होनी चाहिए' वाली माँग उनकी अपनी सरकार की धार्मिक संस्थाओं के प्रति नीति से असहज सवाल खड़े करती है। लालू-राबड़ी की सुरक्षा हटाने को 'समिति का नियमित निर्णय' बताना विपक्षी आरोपों को तकनीकी जवाब देना है, न कि राजनीतिक जवाबदेही। मुख्यधारा की कवरेज इस बात को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि एक ही साक्षात्कार में इतने विविध मुद्दों पर प्रतिक्रिया देना स्वयं एक सुनियोजित मीडिया रणनीति का संकेत है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्याम रजक ने दिग्विजय सिंह के बारे में क्या कहा?
JDU विधायक श्याम रजक ने कहा कि दिग्विजय सिंह उनके पुराने साथी हैं और जनता व कांग्रेस के बीच खुद को चर्चा में बनाए रखने के लिए विवादित बयान देना उनकी आदत है। रजक के अनुसार यह दिग्विजय सिंह की जानी-पहचानी राजनीतिक कार्यशैली है।
बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर की खबरें वायरल हुईं, जिसके बाद मंदिर समिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई है और आरोपी कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
श्याम रजक के अनुसार यह निर्णय सुरक्षा समिति ने सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया है और इसे मनमाना नहीं कहा जा सकता। हालाँकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
वैशाली और सीतामढ़ी एनकाउंटर पर रजक का क्या कहना है?
रजक ने कहा कि ऐसी घटनाएँ तब होती हैं जब पुलिस अपराधियों को पकड़ने जाती है और आरोपी विरोध करता है या भागने की कोशिश करता है, जिससे बल प्रयोग की स्थिति बनती है। उन्होंने इसे परिस्थितिजन्य बताया।
मंदिरों में वित्तीय पारदर्शिता पर रजक ने क्या सुझाव दिया?
रजक ने कहा कि सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे मंदिरों, मठों और आस्था के अन्य केंद्रों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आरोप की पुष्टि केवल सबूत और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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