बिदादी टाउनशिप विवाद: फ्रीडम पार्क में जेडीएस की बड़ी रैली, कुमारस्वामी ने शिवकुमार को खुली बहस की चुनौती दी
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (सेक्युलर) (जेडीएस) ने 18 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में एक बड़ी जनसभा आयोजित की, जिसमें केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर सीधे निशाना साधा। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार निजी हितों के साथ मिलकर बिदादी के किसानों की हजारों करोड़ रुपये की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करने की कोशिश कर रही है।
रैली में कौन-कौन शामिल हुए
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, जेडीएस युवा विंग के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी, पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिदादी के आसपास के गाँवों से हजारों किसान शामिल हुए। रैली की व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत है कि भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर गहरी चिंता का विषय बन चुका है।
कुमारस्वामी के प्रमुख आरोप
कुमारस्वामी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, "सरकार अहंकार दिखा रही है। बिदादी टाउनशिप और एनआईसीई प्रोजेक्ट्स के जरिए, वह निजी लोगों के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपए की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर प्रोजेक्ट (बीएमआईसीपी) में अनियमितताएँ हुई हैं और एनआईसीई से संबंधित समझौतों का उल्लंघन किया गया है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एनआईसीई द्वारा अधिग्रहित जमीन का उपयोग निजी अपार्टमेंट परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है, जबकि जनता से ली गई जमीन को फंड जुटाने के लिए गिरवी रखा गया था।
कनकपुरा बनाम बिदादी — पाखंड का आरोप
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस नेता कनकपुरा के लोगों को अपनी जमीन न बेचने की सलाह देते हैं, वहीं सरकार बिदादी में किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित करने पर आमादा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "कनकपुरा को मक्खन मिलता है, जबकि बिदादी को सजा मिलती है।"
मुआवजे पर सवाल और कानूनी संदर्भ
कुमारस्वामी ने प्रस्तावित मुआवजे पर भी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, सरकार उस जमीन के लिए लगभग ₹3 करोड़ की पेशकश कर रही है जिसकी बाजार कीमत कहीं अधिक बताई जाती है। उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय की एनआईसीई पर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए सरकार से स्पष्टीकरण माँगा। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता टी.बी. जयचंद्र की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट की जाँच करने और यदि जमीन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं हुआ है तो उसे किसानों को वापस करने की माँग की।
आगे क्या होगा
कुमारस्वामी ने घोषणा की कि जेडीएस का आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने शिवकुमार को बिदादी टाउनशिप और एनआईसीई प्रोजेक्ट्स पर खुली सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा, "मैं किसी भी हालत में बिदादी के किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा और उनके अधिकारों के लिए लड़ूंगा।" यह विवाद कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्षी जेडीएस के बीच टकराव का नया केंद्र बनता जा रहा है।