10 अगस्त 2026
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बिदादी पदयात्रा: पूर्व PM देवेगौड़ा ने दूसरे दिन दिखाई हरी झंडी, किसानों की जमीन के लिए जेडी(एस)-भाजपा एकजुट

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बिदादी पदयात्रा: पूर्व PM देवेगौड़ा ने दूसरे दिन दिखाई हरी झंडी, किसानों की जमीन के लिए जेडी(एस)-भाजपा एकजुट

सारांश

पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने बिदादी में किसानों की जमीन बचाने के लिए जेडी(एस) पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई। भाजपा भी इस मोर्चे पर साथ आई। मुख्यमंत्री शिवकुमार की टाउनशिप योजना की मंशा पर सीधे सवाल — यह कर्नाटक में भूमि राजनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने 10 अगस्त 2026 को बिदादी के बीजीएस सर्कल से जेडी(एस) पदयात्रा के दूसरे दिन हरी झंडी दिखाई।
पदयात्रा का नेतृत्व निखिल कुमारस्वामी ने किया — जो जेडी(एस) युवा शाखा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुत्र हैं।
देवेगौड़ा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से पूछा — मुख्यमंत्री बनने के 60 दिनों के भीतर टाउनशिप लागू करने की जल्दी क्यों?
बेंगलुरु विकास प्राधिकरण की 20,000 से अधिक साइटें खाली पड़ी हैं, फिर भी नई टाउनशिप की ज़रूरत पर सवाल।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा — भाजपा और जेडी(एस) दोनों किसानों के हितों के लिए एकजुट हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने 10 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी के बीजीएस सर्कल से जनता दल (सेक्युलर) की बिदादी पदयात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत की। यह पदयात्रा कर्नाटक सरकार के प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में और भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंताओं के समर्थन में आयोजित की जा रही है।

पदयात्रा का नेतृत्व और संगठन

पदयात्रा का नेतृत्व जेडी(एस) की युवा शाखा के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने किया, जो देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुत्र हैं। दूसरे दिन जेडी(एस) के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों ने भी मार्च में भाग लिया।

देवेगौड़ा के सवाल — सरकार की मंशा पर निशाना

मार्च को हरी झंडी दिखाने के बाद मीडिया से बात करते हुए देवेगौड़ा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने पूछा, 'बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के पीछे क्या मंशा है? वे किसे फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं? मुख्यमंत्री बनने के 60 दिनों के भीतर ही वे इसे लागू करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?'

देवेगौड़ा ने यह भी कहा, 'जब डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री थे और बेंगलुरु का प्रभार उनके पास था, तब उन्होंने इसे क्यों नहीं शुरू किया? वे अब ऐसे टाउनशिप प्रोजेक्ट को लागू करने की कोशिश क्यों कर रहे हैं जो इतने सालों से अस्तित्व में ही नहीं था?' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) की 20,000 से अधिक साइटें पहले से खाली पड़ी हैं, ऐसे में एक और टाउनशिप की आवश्यकता पर उन्होंने प्रश्नचिह्न लगाया।

भाजपा का रुख — किसानों के साथ एकजुटता

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि बिदादी के किसानों की जमीन और हितों की रक्षा के मामले में पार्टी का रुख अटल है। उन्होंने कहा, 'बिदादी के किसानों की जमीन और उनके हितों की रक्षा करने के मामले में भाजपा को कोई उलझन नहीं है। भाजपा और जेडी(एस) दोनों ही किसानों के हितों के लिए लड़ रहे हैं और किसानों के हितों की रक्षा करना हमारा साझा मकसद है।'

किसानों की चिंताएँ और व्यापक संदर्भ

यह आंदोलन ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि बिदादी क्षेत्र औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है और यहाँ पहले भी भूमि विवाद सामने आ चुके हैं। जेडी(एस) के अनुसार, इस पदयात्रा का उद्देश्य किसानों की आजीविका और जमीन के अधिकारों को सुनिश्चित करना है।

आगे क्या होगा

पदयात्रा के जारी रहने के साथ जेडी(एस) और भाजपा दोनों ने किसानों के भूमि अधिकारों का मुद्दा उठाते रहने का संकल्प दोहराया है। अब सबकी निगाहें कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अगले कदम पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक खाली साइटों के बावजूद नई टाउनशिप क्यों — तकनीकी रूप से वैध है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस बात को नज़रअंदाज़ कर रही है कि टाउनशिप प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रस्ताव अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। बिना सरकारी पक्ष के, यह बहस एकतरफा है — और यही इस आंदोलन की असली राजनीतिक सीमा भी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी पदयात्रा क्यों निकाली जा रही है?
यह पदयात्रा कर्नाटक सरकार के प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरोध में और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के समर्थन में जेडी(एस) द्वारा आयोजित की जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह परियोजना किसानों की जमीन और आजीविका के लिए खतरा है।
पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है?
पदयात्रा का नेतृत्व जेडी(एस) युवा शाखा के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी कर रहे हैं, जो पूर्व PM एचडी देवेगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पुत्र हैं। पदयात्रा के दूसरे दिन देवेगौड़ा ने स्वयं हरी झंडी दिखाई।
देवेगौड़ा ने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर क्या सवाल उठाए?
देवेगौड़ा ने पूछा कि मुख्यमंत्री बनने के 60 दिनों के भीतर ही टाउनशिप लागू करने की जल्दी क्यों है, और जब शिवकुमार उपमुख्यमंत्री थे तब यह प्रोजेक्ट क्यों नहीं शुरू हुआ। उन्होंने BDA की 20,000 से अधिक खाली साइटों का हवाला देते हुए नई टाउनशिप की ज़रूरत पर भी सवाल उठाया।
भाजपा इस पदयात्रा में क्यों शामिल हुई?
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि किसानों की जमीन की रक्षा भाजपा और जेडी(एस) का साझा लक्ष्य है। भाजपा समर्थकों ने पदयात्रा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में भाग लिया, जो दोनों दलों के NDA गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है।
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है?
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट कर्नाटक सरकार की एक प्रस्तावित आवासीय-औद्योगिक योजना है जो बेंगलुरु के बाहरी इलाके बिदादी में बनाई जानी है। विपक्ष का आरोप है कि इससे स्थानीय किसानों की जमीन का अधिग्रहण होगा, हालाँकि सरकार ने अभी तक इसका विस्तृत प्रस्ताव सार्वजनिक नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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