बिदादी पदयात्रा: कर्नाटक भाजपा ने जेडी(एस) की 30 जुलाई–1 अगस्त की तारीखों पर जताई सहमति
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार, 18 जुलाई को स्पष्ट किया कि उसे अपने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सहयोगी जनता दल (सेकुलर) [JD(S)] द्वारा बिदादी टाउनशिप परियोजना के विरोध में प्रस्तावित पदयात्रा की घोषित तिथियों — 30 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त — पर कोई आपत्ति नहीं है। भाजपा ने दोहराया कि दोनों दल कांग्रेस सरकार की इस परियोजना के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं और संयुक्त विरोध के स्वरूप पर जल्द सहमति बनेगी।
भाजपा का आधिकारिक रुख
बेंगलुरु स्थित भाजपा के राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन में पत्रकारों से बात करते हुए वरिष्ठ नेता एवं भाजपा विधान परिषद के मुख्य सचेतक एन. रविकुमार ने कहा, 'हमारे एनडीए सहयोगी जेडी(एस) ने पदयात्रा के लिए 30, 31 जुलाई और 1 अगस्त की तिथियाँ घोषित की हैं। भाजपा को इन तिथियों पर कोई आपत्ति नहीं है। इस मुद्दे पर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है।'
रविकुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और जेडी(एस) द्वारा अलग-अलग पदयात्राएँ निकाली जाएँ या संयुक्त विरोध प्रदर्शन हो — यह चर्चा अनावश्यक है, क्योंकि दोनों दलों का एकमात्र उद्देश्य बिदादी टाउनशिप परियोजना को वापस लेना है।
समन्वय की अटकलों का जवाब
यह बयान ऐसे समय में आया है जब जेडी(एस) द्वारा बिदादी से बेंगलुरु तक पदयात्रा की तारीखों की घोषणा के बाद एनडीए के दोनों सहयोगी दलों के बीच समन्वय को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही थीं। रविकुमार ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र जेडी(एस) नेताओं से चर्चा करेंगे और दोनों दल जल्द ही विरोध प्रदर्शन के स्वरूप तथा समय-सारणी पर सहमति की घोषणा करेंगे।
किसानों का विरोध और मुख्य माँग
गठबंधन की प्रमुख माँग बिदादी टाउनशिप प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की है, जिसके चलते रामनगर जिले के किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रविकुमार के अनुसार, बेंगलुरु में एक दिन पूर्व हुए विरोध प्रदर्शन में हजारों किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा, 'हमारा रुख अपरिवर्तित है; सरकार को बिदादी टाउनशिप परियोजना को तत्काल वापस लेना चाहिए।'
कांग्रेस सरकार पर 'दोहरे मापदंड' का आरोप
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को निशाना बनाते हुए रविकुमार ने कांग्रेस सरकार पर भूमि अधिग्रहण के मामले में 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया। आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना किसानों की सहमति के बिना उनकी ज़मीन अधिग्रहीत करने का प्रयास है। गौरतलब है कि बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और विपक्षी एनडीए गठबंधन के बीच टकराव का एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
आगे क्या होगा
भाजपा और जेडी(एस) के बीच संयुक्त पदयात्रा या समानांतर विरोध प्रदर्शन की अंतिम रूपरेखा बीवाई विजयेंद्र और जेडी(एस) नेतृत्व के बीच होने वाली बैठक के बाद तय होगी। राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र इस बात पर है कि क्या यह विरोध आंदोलन राज्य में कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाने में सफल होता है।