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बिदादी टाउनशिप परियोजना: भाजपा ने किसानों के समर्थन में किया गांवों का दौरा, रोकने का संकल्प

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बिदादी टाउनशिप परियोजना: भाजपा ने किसानों के समर्थन में किया गांवों का दौरा, रोकने का संकल्प

सारांश

कर्नाटक में बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ BJP ने मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष नेता आर. अशोक ने प्रभावित गांवों का दौरा कर 20,000 एकड़ अधिग्रहण को 'मुनाफाखोरी' बताया, पुलिस स्टेशन घेराव की चेतावनी दी और विधानसभा में मुद्दा उठाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

अशोक ने बायरामंगला और मंडलहल्ली गांवों का दौरा कर बिदादी टाउनशिप परियोजना को रोकने का संकल्प लिया।
अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेंगलुरु के आसपास 20,000 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहित करने की योजना बना रही है।
किसानों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज होने और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए।
गोमाला (चरागाह) भूमि को आवासीय लेआउट में बदलने की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए गए।
BJP ने चेतावनी दी कि किसानों पर कार्रवाई होने पर पुलिस स्टेशनों का घेराव किया जाएगा और विधानसभा सत्र में मुद्दा उठाया जाएगा।

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने 17 जुलाई 2025 को प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना से प्रभावित गांवों का दौरा किया और स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी कीमत पर इस परियोजना को ज़मीन पर उतरने नहीं देगी। बायरामंगला और मंडलहल्ली सहित आसपास के गांवों में किसानों से मुलाकात के बाद अशोक ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण का गंभीर आरोप लगाया।

मुख्य घटनाक्रम

अशोक ने आरोप लगाया कि पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने नोटिस जारी किए बिना ही परियोजना क्षेत्र में अचानक दौरे किए और किसानों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज किए। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी परिस्थिति में बिदादी टाउनशिप परियोजना को लागू नहीं होने देंगे। अगर पुलिस किसानों को छूती है, तो हम पुलिस स्टेशनों का घेराव करेंगे।'

BJP नेता ने यह भी दावा किया कि झड़पों के दौरान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और सरकार विरोध कर रहे किसानों को अपराधी के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए।

भूमि अधिग्रहण पर विवाद

अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेंगलुरु के आसपास विकास परियोजनाओं के लिए लगभग 20,000 एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहित करने की योजना बना रही है। उन्होंने गोमाला (चरागाह) भूमि पर आवासीय लेआउट विकसित करने के प्रस्तावों पर सवाल उठाते हुए कहा, 'सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि वह किस कानून के तहत गोमाला भूमि को लेआउट में परिवर्तित करना चाहती है। यह परियोजना मुनाफाखोरी के लिए बनाई गई है।'

गौरतलब है कि बिदादी, बेंगलुरु से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र है, जहाँ कई बड़ी कंपनियाँ पहले से मौजूद हैं। इस क्षेत्र में टाउनशिप विकसित करने की योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी विस्तार नीति का हिस्सा बताई जा रही है।

किसानों की स्थिति

BJP नेता ने कहा कि किसान उस ज़मीन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं जिससे पीढ़ियों से उनके परिवार का पालन-पोषण होता आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बायरामंगला में आपातकाल जैसा माहौल बना दिया गया है और किसानों को ज़मीन छोड़ने के लिए अतिरिक्त मुआवजे और कमीशन का प्रलोभन दिया जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसान आंदोलन पहले से ही उग्र हो रहे हैं और विपक्ष राज्य सरकार को घेरने की कोशिश में है।

सरकार पर राजनीतिक हमला

अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर किसानों की चिंताओं से ध्यान भटकाने के लिए असंबंधित मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ध्यान किसानों और उनकी ज़मीन पर केंद्रित रहना चाहिए। BJP नेता ने चेतावनी दी कि किसानों पर कार्रवाई होने पर पार्टी विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा उठाएगी।

आगे क्या होगा

BJP ने स्पष्ट किया है कि अगर सरकार ने अधिग्रहण प्रक्रिया नहीं रोकी तो पार्टी चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन तेज करेगी। राज्य सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला आने वाले विधानसभा सत्र में एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम की प्रक्रियाओं का पालन किया — नोटिस, सुनवाई और उचित मुआवजा। गोमाला भूमि का मुद्दा विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि इस पर कानूनी प्रतिबंध हैं जिन्हें दरकिनार करना सरकार के लिए मुश्किल होगा। मुख्यमंत्री शिवकुमार के लिए यह दोहरी चुनौती है — विकास की ज़रूरत और किसानों की नाराज़गी, दोनों को एक साथ संभालना।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है?
बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक सरकार की एक प्रस्तावित शहरी विकास योजना है जो बेंगलुरु से लगभग 30 किलोमीटर दूर बिदादी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवासीय और वाणिज्यिक विकास की परिकल्पना करती है। आरोपों के अनुसार इसके लिए लगभग 20,000 एकड़ कृषि और चरागाह भूमि अधिग्रहित करने की योजना है।
BJP ने इस परियोजना का विरोध क्यों किया?
BJP का आरोप है कि राज्य सरकार ने कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए नोटिस जारी किए बिना किसानों की ज़मीन अधिग्रहित करने की कोशिश की और विरोध करने वाले किसानों पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज किए। पार्टी इसे किसानों की आजीविका पर हमला मानती है।
गोमाला भूमि विवाद क्या है?
गोमाला भूमि वह सरकारी चरागाह ज़मीन होती है जो पशुपालन के लिए आरक्षित होती है और जिसे आवासीय या वाणिज्यिक उपयोग में बदलने पर कानूनी प्रतिबंध है। BJP ने सवाल उठाया है कि सरकार किस कानूनी आधार पर इस भूमि को लेआउट में परिवर्तित करना चाहती है।
BJP ने किसानों के समर्थन में क्या कदम उठाने की चेतावनी दी?
आर. अशोक ने स्पष्ट किया कि अगर पुलिस ने किसानों के खिलाफ कार्रवाई की तो BJP पुलिस स्टेशनों का घेराव करेगी। इसके अलावा पार्टी आने वाले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाएगी और चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन तेज करेगी।
इस विवाद में मुख्यमंत्री शिवकुमार की क्या भूमिका है?
BJP नेता आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर किसानों की चिंताओं से ध्यान भटकाने के लिए असंबंधित मुद्दे उठाने का आरोप लगाया है। राज्य सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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