कलमा विवाद से आर्टिकल 370 तक: BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस से माँगा स्पष्ट जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 16 जुलाई को हैदराबाद के एक स्कूल में कथित 'कलमा' होमवर्क विवाद से लेकर जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली तक कई संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस और विपक्ष को घेरा। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कांग्रेस नेतृत्व से इन मसलों पर अपना रुख सार्वजनिक करने की माँग की।
कलमा होमवर्क विवाद: BJP की कड़ी प्रतिक्रिया
हैदराबाद के एक स्कूल में कथित तौर पर गैर-मुस्लिम छात्र को 'कलमा' पढ़ाने से जुड़े विवाद पर आरपी सिंह ने कहा कि छोटे बच्चों को धार्मिक शिक्षा के नाम पर प्रभावित करने की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने इसे 'लव जिहाद', 'प्रॉपर्टी जिहाद' और 'जमीन जिहाद' जैसे कथित मामलों की श्रृंखला से जोड़ते हुए कहा कि अब शिक्षा के माध्यम से बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने माँग की कि यदि यह घटना सत्य है, तो संबंधित राज्य सरकार तत्काल कार्रवाई करे और संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यूपी में ईडी की कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में आतंकी फंडिंग तथा बांग्लादेशी-रोहिंग्या घुसपैठ से जुड़े कथित नेटवर्क के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर आरपी सिंह ने इसे 'बड़ा खुलासा' बताया। उनके अनुसार, राज्य में देशविरोधी गतिविधियों और विदेशी नागरिकों को कथित रूप से की जा रही फंडिंग का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
यूसीसी और महिला आरक्षण पर BJP का रुख
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को सामाजिक एकता बनाए रखते हुए लागू करने की बात पर आरपी सिंह ने दावा किया कि यूसीसी से समाज में कटुता नहीं आएगी, बल्कि यह सामाजिक समरसता को मजबूत करेगा और विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा। महिला आरक्षण पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि BJP चाहती है कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़े, जिससे महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें भी अधिक हों। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपना रही है।
अखिलेश यादव की रथ यात्रा और पंजाब कांग्रेस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रस्तावित रथ यात्रा पर आरपी सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वालों के साथ खड़े दिखते थे, वे अब राम मंदिर से रथ यात्रा निकालने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अखिलेश यादव यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो पहले अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करें। पंजाब कांग्रेस की आंतरिक कलह पर उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री पद के कई दावेदारों के बीच तालमेल बैठाने में पूरी तरह विफल रही है और शीर्ष नेतृत्व समन्वय स्थापित नहीं कर पा रहा।
आर्टिकल 370 पर कांग्रेस से जवाब की माँग
कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज द्वारा जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और आंतरिक स्वायत्तता को लेकर दिए गए बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी नीति के अनुरूप है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 2019 के चुनावी घोषणापत्र में आर्टिकल 370 की बहाली का उल्लेख था और नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पारित प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस के सभी विधायकों ने उसका समर्थन किया था। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व — विशेष रूप से राहुल गांधी — से माँग की कि वे स्पष्ट करें कि क्या पार्टी आज भी जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जे या अधिक स्वायत्तता की पक्षधर है। सोज के बयान को 'अत्यंत आपत्तिजनक' बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर देश के सामने अपना स्पष्ट रुख रखना चाहिए। यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में नई निर्वाचित सरकार और केंद्र के बीच स्वायत्तता के सवाल पर तनाव बना हुआ है।