आतंकवाद और वार्ता साथ नहीं चल सकती — पाकिस्तान पर BJP प्रवक्ता आरपी सिंह का कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिनमें भारत-पाकिस्तान संबंध, संसद में रक्षा मंत्री के विरुद्ध विशेषाधिकार नोटिस, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और अवसंरचना परियोजनाएँ शामिल रहीं। पाकिस्तान पर भारत सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद जारी है, तब तक द्विपक्षीय बातचीत संभव नहीं।
भारत-पाकिस्तान संवाद पर BJP का स्पष्ट रुख
भारत और पाकिस्तान की 117 著名 हस्तियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की अपील किए जाने पर आरपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इन 117 नागरिकों को केवल पाकिस्तान को पत्र लिखना चाहिए था और पूछना चाहिए था कि वह आतंकी भेजना कब बंद करेगा।'
उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकी संगठनों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई किए बिना शांति की बात करना व्यर्थ है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भारत सरकार का स्टैंड बिल्कुल साफ है — आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। बातचीत शुरू करनी है तो पहले आतंकवाद बंद करना होगा।'
रक्षा मंत्री के विरुद्ध विशेषाधिकार नोटिस पर प्रतिक्रिया
संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विरुद्ध दायर विशेषाधिकार नोटिस पर BJP प्रवक्ता ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी राजनीति करती है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में अपनी बात कहने के अनेक तरीके हैं और विपक्ष को सेना का मनोबल तोड़ने वाले कदमों से बचना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामला: SIT जाँच और कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान को आरपी सिंह ने राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के तुरंत बाद विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया और SIT की रिपोर्ट के आधार पर आठ व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि SIT को केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लेने की भी छूट दी गई है और इस मामले में ट्रस्ट का कोई भी सदस्य, अधिकारी या कर्मचारी — चाहे जो भी हो — बख्शा नहीं जाएगा।
अवसंरचना परियोजनाएँ: यूपी और दिल्ली में विकास
कानपुर से कबरई तक नए हाईवे की मंजूरी पर आरपी सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे निर्माण हो रहे हैं। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य सरकार के 'डबल इंजन' सहयोग का परिणाम बताया।
दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज टनल परियोजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस भूमिगत मार्ग से दिल्ली की यातायात समस्या में राहत मिलेगी और केंद्र-दिल्ली सरकार के समन्वय से राजधानी में हाईवे अवसंरचना और मजबूत होगी।
आगे क्या
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जाँच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। भारत-पाकिस्तान संबंधों पर BJP का यह कड़ा रुख संकेत देता है कि निकट भविष्य में द्विपक्षीय वार्ता की संभावना सीमित है — जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाता।