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राम मंदिर विवाद पर भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना बोले: आस्था पर सियासत बंद हो

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राम मंदिर विवाद पर भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना बोले: आस्था पर सियासत बंद हो

सारांश

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने राम मंदिर चंदा विवाद पर SP और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा — आस्था पर सियासत बंद हो। साथ ही सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।'

मुख्य बातें

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने 4 जुलाई को कहा कि राम मंदिर जैसे आस्था के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने चंदा चोरी मामले में एसआईटी गठित कर गिरफ्तारियाँ की हैं; दोषियों को कठोर सजा का आश्वासन।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप — राम मंदिर विवाद का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
सिंधु जल संधि पर खटाना का कड़ा बयान — पाकिस्तान के साथ 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।' चुनाव आयोग की मतदाता सूची शुद्धि प्रक्रिया का समर्थन; मृत व्यक्तियों और दोहरे नामों को हटाने की वकालत।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गुलाम अली खटाना ने 4 जुलाई को राम मंदिर चंदा चढ़ावा विवाद पर विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से करोड़ों भारतीयों की आस्था जुड़ी है और इसे चुनावी हथियार बनाना उचित नहीं।

राम मंदिर विवाद और सरकार की कार्रवाई

खटाना ने कहा कि मंदिर में चंदा चोरी की घटना से सभी को दुख हुआ है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को दबाने की बजाय तत्काल कदम उठाए। उन्होंने बताया कि एसआईटी गठित की गई, गिरफ्तारियाँ हुईं और दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) इस संवेदनशील मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति कर रही हैं।

संसद सत्र से जनता की उम्मीदें

संसद सत्र का उल्लेख करते हुए खटाना ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को लोकसभा और राज्यसभा में जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि संसद का बहुमूल्य समय हंगामे और व्यवधान में बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि देश की जनता हर सत्र से ठोस परिणामों की अपेक्षा रखती है।

चुनाव आयोग और मतदाता सूची शुद्धि

भाजपा सांसद ने चुनाव आयोग (ECI) को एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हों। उन्होंने मृत व्यक्तियों के नाम और दोहरे पंजीकरण जैसी अनियमितताओं को हटाने की वकालत करते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र में जनता का विश्वास मजबूत होगा।

पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता पर टिप्पणी

खटाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कोरोना महामारी के दौरान भारत के संयमित प्रबंधन का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े देशों में अफरातफरी का माहौल था, तब भारत ने स्थिरता बनाए रखी। इसी क्रम में उन्होंने ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान भी मोदी की कूटनीतिक सूझबूझ की तारीफ की।

सिंधु जल संधि और पाकिस्तान पर कड़ा रुख

सिंधु जल संधि पर बोलते हुए खटाना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पानी वहाँ की जनता का अधिकार है, लेकिन इस संधि के कारण वह पाकिस्तान को दिया जाता रहा है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले, सीमा पर गोलीबारी और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नशे की लत में धकेलने जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे हालात में यह संधि अस्वीकार्य है। उन्होंने दो टूक कहा कि 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में डालती है। सिंधु जल संधि पर उनका आक्रामक रुख पहलगाम हमले के बाद की राष्ट्रीय भावना के अनुरूप है, लेकिन संधि की कानूनी और कूटनीतिक जटिलताओं पर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिया गया। मतदाता सूची शुद्धि पर उनका समर्थन विपक्ष के उस आरोप के बीच आया है जो इसे विशेष समुदायों को निशाना बनाने की कोशिश बताता है — इस विरोधाभास को संबोधित किए बिना बयान अधूरा लगता है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर में चंदे की राशि की चोरी का मामला सामने आया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित कर जाँच शुरू की और गिरफ्तारियाँ हुईं। इस विवाद पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा, जिसे भाजपा ने 'आस्था का राजनीतिकरण' करार दिया।
गुलाम अली खटाना ने सिंधु जल संधि पर क्या कहा?
खटाना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पानी वहाँ की जनता का हक है, लेकिन सिंधु जल संधि के तहत वह पाकिस्तान को दिया जाता रहा है। पहलगाम हमले और सीमा पर तनाव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 'खून और पानी साथ नहीं बह सकते।'
भाजपा सांसद ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची प्रक्रिया पर क्या रुख अपनाया?
खटाना ने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों और दोहरे पंजीकरण हटाने का समर्थन किया। उनके अनुसार यह कदम लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
खटाना ने संसद सत्र को लेकर क्या अपील की?
उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से अपील की कि संसद में हंगामे की बजाय जनहित के मुद्दे उठाए जाएँ। उनका कहना था कि देश की जनता हर संसद सत्र से ठोस परिणामों की उम्मीद रखती है।
राम मंदिर चंदा मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जाँच के लिए एसआईटी गठित की है और संदिग्धों की गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। भाजपा सांसद खटाना के अनुसार दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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