राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राजद सांसद मनोज झा बोले — 'ईश्वर को भी नहीं छोड़ा', सपा ने सीबीआई जांच की उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने 26 जून 2026 को सहरसा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब केवल राजनीतिक विरोध का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह पूरे देश के श्रद्धालुओं के साथ हुई धोखाधड़ी है। उन्होंने इसे आस्था का प्रश्न बताते हुए कहा कि इंसान के साथ धोखा होता तो समझ में आता, लेकिन ईश्वर को भी नहीं बख्शा गया।
मनोज झा के मुख्य आरोप
झा ने कहा कि एक ओर राम मंदिर के दानपात्र में हुई अनियमितता सामने आई है, तो दूसरी ओर उज्जैन लैंड स्कैम का मामला भी उजागर हुआ है। उनके अनुसार, राम और शिव — दोनों हिंदू धर्म के प्रमुख प्रतीक — से जुड़े मंदिरों में कथित अनियमितताएँ अब एक गंभीर पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आगाह किया कि 'लीपापोती की कोशिश बहुत महँगी पड़ने वाली है।'
झा ने भरत तिवारी के एनकाउंटर का भी उल्लेख किया और कहा कि यह सरकार 'सच का एनकाउंटर' करने में लगी रही है। उन्होंने बिहार में 'सम्राट सरकार' जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई और तर्क दिया कि जनादेश के बिना किसी को 'सम्राट' नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान हुआ था, किंतु 'सम्राट' के पक्ष में कोई जनादेश नहीं है।
रौशन आनंद प्रकरण और शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी
झा ने रौशन आनंद प्रकरण को बिहार की लचर कानून-व्यवस्था का परिणाम बताया। दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन करने वाले झा ने कहा कि कोचिंग संस्थान वहीं फलते-फूलते हैं जहाँ सरकारी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी हो।
सपा नेता उदयवीर की सीबीआई जांच की माँग
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर ने कहा कि एसआईटी जांच ने लोगों की आशंकाओं को सच साबित कर दिया है — बड़े कर्मचारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को आगे किया गया। उन्होंने माँग की कि सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी जाए।
उदयवीर ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा ने खुद स्वीकार किया कि 'चोरी नहीं, डकैती हुई है — लूट लिया है सबने।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि मामला सामने आने के बाद 15 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप हैं, इसलिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दर्शन पर प्रतिक्रिया
उदयवीर ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दर्शन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह तय करना किसी के अधिकार में नहीं कि कौन भगवान के दर्शन कर सकता है और कौन नहीं — ईश्वर सर्वव्यापी हैं।
आगे क्या होगा
विपक्षी दलों की माँग के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं। सपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी पदों पर बने रहेंगे, जांच की निष्पक्षता संदिग्ध रहेगी। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ इस विवाद के और गहराने की संभावना है।