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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राजद सांसद मनोज झा बोले — 'ईश्वर को भी नहीं छोड़ा', सपा ने सीबीआई जांच की उठाई माँग

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राजद सांसद मनोज झा बोले — 'ईश्वर को भी नहीं छोड़ा', सपा ने सीबीआई जांच की उठाई माँग

सारांश

राम मंदिर के दानपात्र में कथित अनियमितता अब सियासी तूफान बन चुकी है। राजद सांसद मनोज झा ने इसे 'ईश्वर के साथ धोखा' बताया, जबकि सपा ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की माँग उठाई। नृपेंद्र मिश्रा के 'डकैती' वाले बयान ने विवाद को और तीखा कर दिया है।

मुख्य बातें

राजद सांसद मनोज झा ने 26 जून 2026 को सहरसा में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी है।
सपा नेता उदयवीर ने सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की माँग की।
नृपेंद्र मिश्रा के हवाले से कहा गया कि 'चोरी नहीं, डकैती हुई है — लूट लिया है सबने।' मामले में एसआईटी जांच के बाद भी 15 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर विपक्ष ने CM योगी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल उठाए।
झा ने उज्जैन लैंड स्कैम और राम मंदिर विवाद को एक ही पैटर्न का हिस्सा बताया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने 26 जून 2026 को सहरसा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब केवल राजनीतिक विरोध का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह पूरे देश के श्रद्धालुओं के साथ हुई धोखाधड़ी है। उन्होंने इसे आस्था का प्रश्न बताते हुए कहा कि इंसान के साथ धोखा होता तो समझ में आता, लेकिन ईश्वर को भी नहीं बख्शा गया।

मनोज झा के मुख्य आरोप

झा ने कहा कि एक ओर राम मंदिर के दानपात्र में हुई अनियमितता सामने आई है, तो दूसरी ओर उज्जैन लैंड स्कैम का मामला भी उजागर हुआ है। उनके अनुसार, राम और शिव — दोनों हिंदू धर्म के प्रमुख प्रतीक — से जुड़े मंदिरों में कथित अनियमितताएँ अब एक गंभीर पैटर्न की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आगाह किया कि 'लीपापोती की कोशिश बहुत महँगी पड़ने वाली है।'

झा ने भरत तिवारी के एनकाउंटर का भी उल्लेख किया और कहा कि यह सरकार 'सच का एनकाउंटर' करने में लगी रही है। उन्होंने बिहार में 'सम्राट सरकार' जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई और तर्क दिया कि जनादेश के बिना किसी को 'सम्राट' नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान हुआ था, किंतु 'सम्राट' के पक्ष में कोई जनादेश नहीं है।

रौशन आनंद प्रकरण और शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी

झा ने रौशन आनंद प्रकरण को बिहार की लचर कानून-व्यवस्था का परिणाम बताया। दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन करने वाले झा ने कहा कि कोचिंग संस्थान वहीं फलते-फूलते हैं जहाँ सरकारी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी हो।

सपा नेता उदयवीर की सीबीआई जांच की माँग

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता उदयवीर ने कहा कि एसआईटी जांच ने लोगों की आशंकाओं को सच साबित कर दिया है — बड़े कर्मचारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को आगे किया गया। उन्होंने माँग की कि सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी जाए।

उदयवीर ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा ने खुद स्वीकार किया कि 'चोरी नहीं, डकैती हुई है — लूट लिया है सबने।' उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि मामला सामने आने के बाद 15 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, विश्व हिंदू परिषद (VHP) से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप हैं, इसलिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।

अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दर्शन पर प्रतिक्रिया

उदयवीर ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दर्शन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह तय करना किसी के अधिकार में नहीं कि कौन भगवान के दर्शन कर सकता है और कौन नहीं — ईश्वर सर्वव्यापी हैं।

आगे क्या होगा

विपक्षी दलों की माँग के बाद अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं। सपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक आरोपी पदों पर बने रहेंगे, जांच की निष्पक्षता संदिग्ध रहेगी। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ इस विवाद के और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सरकार के लिए इसे 'विपक्ष का प्रोपेगंडा' कहकर खारिज करना कठिन हो जाता है। एसआईटी जांच के बाद भी 15 दिनों की निष्क्रियता और छोटे कर्मचारियों को आगे करने का आरोप — यह संस्थागत जवाबदेही की उस पुरानी समस्या को दोहराता है जो धार्मिक ट्रस्टों में पारदर्शिता की कमी से उपजती है। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच की माँग को अगर नज़रअंदाज़ किया गया, तो यह विवाद चुनावी मौसम में और घातक साबित हो सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्र में कथित अनियमितता और चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है, जिसकी एसआईटी जांच चल रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
सपा ने सीबीआई जांच की माँग क्यों की?
सपा नेता उदयवीर के अनुसार, एसआईटी जांच से लोगों की आशंकाएँ सच साबित हुई हैं और बड़े आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इसलिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की माँग की है।
मनोज झा ने इस मामले में क्या कहा?
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखाधड़ी है और 'ईश्वर को भी नहीं छोड़ा गया।' उन्होंने उज्जैन लैंड स्कैम को भी इसी पैटर्न का हिस्सा बताया।
नृपेंद्र मिश्रा ने इस मामले पर क्या कहा?
नृपेंद्र मिश्रा ने कथित तौर पर कहा कि 'चोरी नहीं, डकैती हुई है — लूट लिया है सबने।' उनके इस बयान को सपा ने सरकार की विफलता का प्रमाण बताया।
CM योगी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल क्यों उठे?
सपा नेता उदयवीर ने कहा कि मामला सामने आने के बाद 15 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषित 'जीरो टॉलरेंस' नीति के विपरीत है। उनके अनुसार, इस दौरान मामले को दबाने की कोशिश की गई।
राष्ट्र प्रेस
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