राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर मनोज झा का हमला: 'आस्था से विश्वासघात, PM मोदी की चुप्पी चौंकाने वाली'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने 15 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव, पासपोर्ट की परिभाषा पर केंद्र सरकार के रुख और बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को इस मामले में सबसे बड़ा सवाल बताया।
राम मंदिर चोरी: आस्था से बड़ा विश्वासघात
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर आने वाली SIT रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कहते हुए झा ने कहा कि यह मामला महज चोरी नहीं, बल्कि 'आस्था, धार्मिक विश्वास और परंपराओं के साथ गंभीर विश्वासघात' है। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने स्वयं को रामभक्त बताकर यह मान लिया था कि उनसे कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा, लेकिन भगवान राम के आदर्श ऐसे आचरण को स्वीकार नहीं करते।
झा ने आरोप लगाया कि इतने संवेदनशील मामले पर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से एक शब्द भी नहीं बोला गया। उन्होंने कहा, 'उनकी चुप्पी ही सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिन मतदाताओं ने सरकार को समर्थन दिया, वे भी अब अपने फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक संकट और यूएन की भूमिका पर सवाल
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा कथित तौर पर फिर से नाकेबंदी किए जाने की खबरों पर झा ने कहा कि दुनिया आज युद्ध और वैश्विक संकटों को मानवीय नजरिए से नहीं, बल्कि 'आर्थिक संकेतकों और बाजार के उतार-चढ़ाव' के नजरिए से देख रही है। उन्होंने इसे गहरी चिंता का विषय बताया।
झा ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, यदि UN अपनी मूल जिम्मेदारियाँ प्रभावी ढंग से नहीं निभा पा रहा, तो दुनिया के देशों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज से जुड़ा कोई भी संकट 'जंगल की आग की तरह' पूरी दुनिया में फैल सकता है।
पासपोर्ट परिभाषा पर व्यंग्यात्मक प्रहार
केंद्र सरकार द्वारा पासपोर्ट को भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को 'नियंत्रित करने वाला दस्तावेज' बताए जाने पर झा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सरकार को एक समिति गठित कर देनी चाहिए जो पासपोर्ट की परिभाषा एक बार के लिए तय कर दे। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आवश्यकता हो तो संसद के आगामी सत्र में इस विषय पर विधेयक भी लाया जाए, ताकि बार-बार अलग-अलग व्याख्याएँ सामने न आएँ।
बांकीपुर उपचुनाव: RJD को जीत का भरोसा
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर BJP की जीत के दावों को झा ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि BJP के दावे और वादे कितनी जल्दी धराशायी होते हैं, यह देश कई बार देख चुका है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में मुकाबला सीधा रहा और जनता अपने हितों को ध्यान में रखते हुए RJD के पक्ष में फैसला करेगी।
गौरतलब है कि बांकीपुर बिहार की राजधानी पटना का एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है और इस सीट पर होने वाला उपचुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत माना जा रहा है। झा ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दावों से अधिक महत्वपूर्ण जनता का फैसला होता है।