ऑपरेशन आघात: जशपुर में 552 किलो गांजा और तीन कारें जब्त, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत 15 जुलाई 2026 को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 552.16 किलो गांजा, तीन वाहन और अन्य सामग्री सहित कुल ₹1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 400 रुपए की संपत्ति जब्त की। इस अभियान में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी मौके से फरार होकर जंगल में भाग गए।
मुख्य घटनाक्रम
सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देशन में चल रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। डीआईजी एवं जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में कुनकुरी और बगीचा क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की गई।
कुनकुरी थाना क्षेत्र में एक इनोवा कार की तलाशी के दौरान 311 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद हुआ। वहीं बगीचा क्षेत्र में एक ब्रेजा कार से 240 किलो 810 ग्राम गांजा जब्त किया गया। तस्करों की रेकी के लिए उपयोग में लाई जा रही एक अर्टिगा कार को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी और नेटवर्क
अर्टिगा कार से सचिन्द्र राउत और मोहम्मद समीर — दोनों सुंदरगढ़, ओडिशा के निवासी — को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में दोनों के एक व्यापक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन और अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच में जुटी है।
गौरतलब है कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र लंबे समय से गांजा तस्करी के लिए एक सक्रिय गलियारे के रूप में चिह्नित रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब राज्य पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध अपने अभियान को और तेज किया है।
कानूनी कार्रवाई
तीनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है और गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
फरार आरोपियों की तलाश
कार्रवाई के दौरान दो आरोपी पुलिस को चकमा देकर जंगल की ओर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान जारी है और पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
आगे की दिशा
जशपुर पुलिस के अनुसार ऑपरेशन आघात के तहत नशा तस्करी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने का प्रयास जारी रहेगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और सप्लाई चेन की पूरी कड़ी उजागर होने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।