हरियाणा एसआईआर: 2.6 लाख गणना फॉर्म अभी तक वापस नहीं, गुरुग्राम में 1.2 लाख पेंडिंग
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बुधवार, 15 जुलाई को जानकारी दी कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत वितरित किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म अभी तक लगभग 2.6 लाख मतदाताओं ने वापस नहीं किए हैं। इनमें सर्वाधिक पेंडिंग फॉर्म गुरुग्राम में हैं, जहाँ अकेले 1.2 लाख लोगों ने अब तक फॉर्म जमा नहीं कराए। इसी वजह से राज्य निर्वाचन विभाग ने चुनाव आयोग (ECI) से समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
एसआईआर की संशोधित समय-सीमा
चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा दोनों राज्यों में मतदाता सूची के एसआईआर के शेड्यूल में बदलाव किया है। दोनों राज्यों के लिए अर्हता तिथि 1 जुलाई निर्धारित की गई है, जबकि मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 31 जुलाई से 30 अगस्त तक रहेगी, और उनके निपटारे की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर को किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक लंबित फॉर्म
ए. श्रीनिवास ने बताया कि रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद और हिसार जैसे शहरी जिलों में सबसे ज़्यादा आवेदन लंबित हैं। इनमें गुरुग्राम शीर्ष पर है, जहाँ 1.2 लाख मतदाताओं ने अभी तक फॉर्म वापस नहीं किए। यह आँकड़ा इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि शहरी मतदाताओं की भागीदारी पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कम आँकी जाती रही है।
एएसडी श्रेणी और 33.6 लाख मतदाता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर प्रक्रिया में एएसडी (ASD) श्रेणी का विवरण देते हुए बताया कि इसमें अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) और डुप्लिकेट मतदाता शामिल हैं। वर्तमान में हरियाणा के कुल मतदाताओं का लगभग 16.28 प्रतिशत — यानी करीब 33.6 लाख लोग — इस श्रेणी में आते हैं। इन सभी के नाम नई ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएँगे।
प्रशासनिक तैयारी और नूंह विवाद
श्रीनिवास ने बताया कि दावों और आपत्तियों की बड़ी संख्या की आशंका को देखते हुए पहले से नियुक्त इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और अतिरिक्त ERO के अलावा पूरे हरियाणा में और अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। जिला कलेक्टरों को भी लंबित फॉर्म एकत्र करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इस बीच, उन्होंने नूंह जिले में एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ कथित यौन उत्पीड़न की खबरों का खंडन किया और स्पष्ट किया कि यह मामला व्यक्तिगत प्रकृति का है तथा एसआईआर प्रक्रिया से इसका कोई संबंध नहीं है। आगे की जाँच जिला प्रशासन और पुलिस के स्तर पर जारी है।
अब जबकि समय-सीमा बढ़ा दी गई है, निर्वाचन विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगी कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए — विशेषकर उन शहरी क्षेत्रों में जहाँ लंबित फॉर्मों की संख्या सबसे अधिक है।