महासमुंद में ओडिशा से आ रहे 10 किलो गांजे के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, 2 महिलाएं भी शामिल
सारांश
Key Takeaways
एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और सरायपाली थाना पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को संयुक्त कार्रवाई में महासमुंद जिले, छत्तीसगढ़ के ग्राम अर्जुंदा के निकट एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 10 किलो 270 ग्राम गांजे के साथ 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा से कुछ लोग गांजा लेकर सरायपाली क्षेत्र में खरीद-फरोख्त करने आने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ग्राम अर्जुंदा के पास घेराबंदी कर निगरानी शुरू की।
कुछ ही देर में दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर चार संदिग्ध वहाँ पहुँचे — प्रत्येक वाहन पर एक पुरुष और एक महिला सवार थे। जैसे ही एक आरोपी बोरी में रखा सामान दूसरे को सौंपने लगा, पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया। तलाशी में एक बोरी में 10 किलो 270 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है — शंकर बेहरा (45) और चंचल बेहरा (30), दोनों निवासी ग्राम देवलभाटा, थाना सरायपाली, महासमुंद; तथा कपिल बकुल (23) और रश्मि बकुल (20), दोनों निवासी ग्राम तालमलखा, जिला बौद्ध, ओडिशा। यह तथ्य उल्लेखनीय है कि इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के तस्कर शामिल थे, जो इसकी अंतरराज्यीय प्रकृति को स्पष्ट करता है।
जब्त संपत्ति और तस्करी की योजना
पुलिस ने आरोपियों के पास से तस्करी में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन सहित कुल ₹3 लाख 15 हजार मूल्य की संपत्ति जब्त की। अधिकारियों के अनुसार, यह गांजा ओडिशा से लाकर देवलभाटा गाँव में खपाने की योजना थी। आरोपी गांजे को छोटी-छोटी पुड़ियों में बाँटकर स्थानीय स्तर पर बेचने की तैयारी में थे।
पिछले तीन महीनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महासमुंद जिले में लगातार चेकिंग अभियान जारी है। पिछले तीन महीनों में 81 मामलों में कुल 5,779.831 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है और 213 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 53 छत्तीसगढ़ और 160 अन्य राज्यों के निवासी शामिल हैं। गौरतलब है कि अन्य राज्यों के आरोपियों की संख्या स्थानीय आरोपियों से तीन गुना अधिक है, जो इस क्षेत्र में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की गहरी पैठ को दर्शाता है।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करी के विरुद्ध आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी से पुलिस उन आपूर्ति श्रृंखलाओं की जाँच करेगी जो ओडिशा से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों तक गांजा पहुँचाने में सक्रिय हैं।