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नवीन पटनायक ने निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र, ओडिशा ग्राम्य बैंक की अमानवीय घटना पर जवाब माँगा

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नवीन पटनायक ने निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र, ओडिशा ग्राम्य बैंक की अमानवीय घटना पर जवाब माँगा

सारांश

क्योंझर के आदिवासी जीतू मुंडा को बहन की मृत्यु साबित करने के लिए कब्र से कंकाल निकालकर बैंक लाना पड़ा — यह घटना अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गई है। नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर जवाबदेही और आदिवासी क्षेत्रों में संवेदनशील बैंकिंग की माँग की है।

मुख्य बातें

नवीन पटनायक ने 2 मई 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा।
घटना 27 अप्रैल की है — क्योंझर जिले के मल्लीपोसी स्थित ओडिशा ग्राम्य बैंक शाखा में।
आदिवासी नागरिक जीतू मुंडा को बहन की मृत्यु का प्रमाण देने के लिए कब्र से कंकाल निकालकर बैंक लाना पड़ा।
बैंक अधिकारियों ने इस व्यवहार को RBI नियमों का हवाला देकर उचित ठहराया।
पटनायक ने तत्काल जिम्मेदारी तय करने और दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में मानवीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की माँग की।

ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने 2 मई 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर ओडिशा के क्योंझर जिले के मल्लीपोसी स्थित ओडिशा ग्राम्य बैंक शाखा में हुई एक अत्यंत चिंताजनक घटना की ओर ध्यान दिलाया। पत्र में उन्होंने माँग की कि इस मामले में तत्काल जिम्मेदारी तय की जाए और दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में संवेदनशील बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

क्या है पूरा मामला

27 अप्रैल को क्योंझर जिले के आदिवासी नागरिक जीतू मुंडा को अपनी बहन की मृत्यु का प्रमाण देने के लिए उसकी कब्र से कंकाल निकालकर बैंक शाखा तक लाना पड़ा। पटनायक के पत्र के अनुसार, मुंडा कई बार बैंक के चक्कर काट चुके थे, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त सहायता दी गई और न ही स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई गई।

बैंक अधिकारियों ने इस व्यवहार को उचित ठहराने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों का हवाला दिया। इस घटना ने ओडिशा में व्यापक जन-आक्रोश उत्पन्न किया और कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इसे प्रमुखता से जगह मिली।

नवीन पटनायक की आपत्ति और माँगें

पटनायक ने अपने पत्र में इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि बैंक अधिकारी प्रक्रियाओं की आड़ में उन नागरिकों की अनदेखी कर रहे हैं जिनकी सेवा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्था-केंद्रित बनी हुई हैं। नवीन पटनायक का यह पत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्रालय और RBI मिलकर ऐसी शिकायत निवारण प्रणाली बनाएँगे जो दूरदराज के क्षेत्रों में भी कारगर हो।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा ग्राम्य बैंक की मल्लीपोसी शाखा में क्या हुआ?
27 अप्रैल को क्योंझर जिले के आदिवासी नागरिक जीतू मुंडा को अपनी बहन की मृत्यु का प्रमाण देने के लिए कब्र से कंकाल निकालकर बैंक शाखा तक लाना पड़ा। बैंक अधिकारियों ने इस व्यवहार को RBI नियमों का हवाला देकर उचित ठहराया।
नवीन पटनायक ने वित्त मंत्री को पत्र क्यों लिखा?
नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने इस घटना को अमानवीय और चिंताजनक बताते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से तत्काल जिम्मेदारी तय करने और आदिवासी क्षेत्रों में संवेदनशील बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की माँग की।
बैंक अधिकारियों ने इस व्यवहार को कैसे उचित ठहराया?
बैंक अधिकारियों ने RBI के नियमों का हवाला दिया। पटनायक ने इसे नियमों की आड़ में नागरिकों की अनदेखी करना बताया और कहा कि लोकतंत्र में नियमों का उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना होना चाहिए, न कि उनका अपमान करना।
इस घटना का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर पड़ा?
इस घटना ने ओडिशा में व्यापक जन-आक्रोश उत्पन्न किया और कथित तौर पर कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे प्रमुखता से कवर किया।
पटनायक ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
पटनायक ने माँग की है कि इस मामले में तत्काल जिम्मेदारी तय की जाए, दूरदराज के आदिवासी इलाकों में मानवीय और संवेदनशील बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए, और वित्त मंत्री के हस्तक्षेप से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
राष्ट्र प्रेस
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