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कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा: मायावती बोलीं, महंगाई से त्रस्त जनता पर असहनीय बोझ

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कमर्शियल सिलेंडर ₹993 महंगा: मायावती बोलीं, महंगाई से त्रस्त जनता पर असहनीय बोझ

सारांश

कमर्शियल सिलेंडर में ₹993 की एकमुश्त बढ़ोतरी के बाद BSP प्रमुख मायावती मैदान में उतरीं। दिल्ली में कीमत ₹3,000 पार, छोटे व्यवसायी और निम्न-मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित। मायावती ने सरकार से चुनावी नीति की तर्ज़ पर पेट्रोलियम कीमतें नियंत्रित रखने की माँग की।

मुख्य बातें

BSP अध्यक्ष मायावती ने 2 मई 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर में ₹993 की बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की।
दिल्ली में नई दरों के बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,000 से अधिक हो जाएगी।
मायावती ने सरकार से माँग की कि विधानसभा चुनावों के दौरान अपनाई गई पेट्रोलियम मूल्य नियंत्रण नीति जनहित में जारी रखी जाए।
उन्होंने रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल की कीमतें भी जल्द बढ़ने की आशंका जताई और जनता में बेचैनी का ज़िक्र किया।
मायावती के अनुसार इस मूल्यवृद्धि का कारण अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध संघर्ष या अन्य वैश्विक कारक हो सकते हैं।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 2 मई 2026 को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में एकमुश्त ₹993 की बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की और इसे पहले से महंगाई की मार झेल रहे गरीब व मध्यम वर्ग पर एक और गहरी चोट बताया। उन्होंने सरकार से माँग की कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को नियंत्रण में रखने की नीति जनहित में जारी रखी जाए।

मायावती का बयान और मुख्य चिंताएँ

बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया मंच X (ट्विटर) पर लिखा कि देश में कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच उसकी कीमत में एकमुश्त ₹993 की फिर से की गई वृद्धि और आम जनजीवन पर पड़ने वाले इसके प्रभाव से जुड़ी खबरें इलेक्ट्रॉनिक सहित सभी मीडिया की सुर्खियों में हैं। उन्होंने कहा कि इस आशंका से कि जल्द ही रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें भी बढ़ेंगी, लोगों में बेचैनी व्याप्त है।

मायावती ने यह भी कहा कि दिल्ली में नई दर पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब लगभग तीन हजार रुपये से अधिक हो जाएगी, जो होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय चलाने वाले लोगों पर सीधा बोझ डालेगी।

सरकार की नीति पर सवाल

बसपा प्रमुख ने तर्क दिया कि इस मूल्यवृद्धि का वास्तविक कारण चाहे अमेरिका-इज़राइल का ईरान पर युद्ध हो या कोई अन्य वैश्विक कारक, सरकार ने जिस प्रकार राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नियंत्रण में रखीं, उस नीति को व्यापक जनहित में वर्तमान में भी जारी रखना चाहिए। उनके अनुसार, यह कदम देशहित में उचित होगा।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में अचानक और बड़ी वृद्धि हुई हो। पिछले कुछ वर्षों में कमर्शियल गैस की दरें कई बार संशोधित की गई हैं, जिसका सीधा असर छोटे व्यवसायियों, रेस्तराँ मालिकों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर पड़ता है।

गरीब और मध्यम वर्ग पर असर

मायावती ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ने से पहले से ही महंगाई से त्रस्त देश के अधिकतर गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका आकलन करके ही सरकार अपनी नीतियों का निर्धारण करे तो बेहतर होगा। कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतें अंततः खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने में भी योगदान देती हैं, जिसकी मार सबसे अधिक निम्न आय वर्ग को झेलनी पड़ती है।

आगे क्या होगा

बसपा प्रमुख की यह माँग ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल सरकार पर महंगाई नियंत्रण में विफलता का आरोप लगा रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस दबाव के बाद पेट्रोलियम मूल्य नीति में कोई संशोधन करती है या नहीं। फिलहाल, उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायियों को बढ़ी हुई दरों पर ही निर्भर रहना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक विरोधाभास भी है — वे सरकार से उसी 'चुनावी नीति' को जारी रखने की माँग कर रही हैं जिसे वे स्वयं राजनीतिक अवसरवाद का प्रतीक मानती हैं। असली सवाल यह है कि क्या पेट्रोलियम कीमतों को कृत्रिम रूप से दबाए रखना दीर्घकालिक समाधान है, या यह तेल कंपनियों के घाटे को बढ़ाकर अंततः और बड़ी मूल्यवृद्धि को अपरिहार्य बना देता है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में यह वृद्धि छोटे व्यवसायियों और खाद्य क्षेत्र पर पड़ने वाले दबाव की दृष्टि से गंभीर है, परंतु इसका स्थायी समाधान राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि पारदर्शी और टिकाऊ ईंधन मूल्य नीति में निहित है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में एकमुश्त ₹993 की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत लगभग ₹3,000 से अधिक हो जाएगी।
मायावती ने कमर्शियल सिलेंडर मूल्यवृद्धि पर क्या कहा?
BSP अध्यक्ष मायावती ने इसे महंगाई से त्रस्त गरीब व मध्यम वर्ग पर असहनीय बोझ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर सरकार से माँग की कि पेट्रोलियम कीमतों को नियंत्रण में रखने की नीति जनहित में जारी रखी जाए।
इस मूल्यवृद्धि का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतें होटल, ढाबा, रेस्तराँ और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की लागत बढ़ाएंगी, जिसका बोझ अंततः खाद्य पदार्थों की कीमतों के रूप में आम उपभोक्ता पर पड़ेगा। निम्न आय वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होगा।
मायावती ने सरकार से क्या नीतिगत माँग की?
मायावती ने माँग की कि जिस प्रकार राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान पेट्रोलियम कीमतें नियंत्रण में रखी गईं, वही नीति व्यापक जनहित में अभी भी जारी रखी जाए। उनके अनुसार यह कदम देशहित में उचित होगा।
क्या रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं?
मायावती ने अपने बयान में आशंका जताई कि जल्द ही रसोई गैस, पेट्रोल व डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इस आशंका से लोगों में बेचैनी व्याप्त है, हालाँकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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