26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मत्स्य सागरमाला: श्रीकाकुलम में 1,594 सौर लाइट्स से मछुआरों को मिली रोशनी, राम मोहन नायडू ने किया उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मत्स्य सागरमाला: श्रीकाकुलम में 1,594 सौर लाइट्स से मछुआरों को मिली रोशनी, राम मोहन नायडू ने किया उद्घाटन

सारांश

आधी रात के अंधेरे में समुद्र से लौटते मछुआरों के लिए रोशनी सिर्फ रूपक नहीं — यह अब हकीकत है। श्रीकाकुलम में कोल इंडिया के CSR फंड से लगाई गई 1,594 सौर लाइट्स मत्स्य सागरमाला का चेहरा बन रही हैं, जो सुरक्षा, पर्यटन और आजीविका — तीनों मोर्चों पर काम कर रही है।

मुख्य बातें

राम मोहन नायडू ने 2 मई को सोमपेटा मंडल के एर्रामुक्कोम गांव में मत्स्य सागरमाला कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
श्रीकाकुलम संसदीय क्षेत्र में तटीय सड़क के साथ कोल इंडिया के सीएसआर फंड से 1,594 सौर लाइट्स लगाई गई हैं।
सौर बत्तियाँ मछुआरों की सुरक्षा, तटीय पर्यटन और नावों के मार्गदर्शन में सहायक हैं।
केंद्र का सागरमाला कार्यक्रम मार्च 2015 में शुरू हुआ था; 7,500 किमी तटरेखा और 14,500 किमी नौगम्य जलमार्ग इसके दायरे में हैं।
नायडू ने गठबंधन सरकार की मछुआरों के उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शनिवार, 2 मई को कहा कि आधी रात के अंधेरे में तट की ओर लौटने वाले मछुआरों को रोशनी प्रदान करने के लिए शुरू किया गया 'मत्स्य सागरमाला' कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम दे रहा है। मंत्री ने सोमपेटा मंडल के एर्रामुक्कोम गांव में इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया।

उद्घाटन और सौर लाइट्स की स्थापना

नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "श्रीकाकुलम संसदीय क्षेत्र में, तटीय सड़क के साथ-साथ, कोल इंडिया के सीएसआर फंड से 1,594 सौर लाइट्स लगाई गई हैं। आज हमने इनका औपचारिक उद्घाटन किया।" यह पहल मछुआरों की रात्रिकालीन सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

मछुआरों और पर्यटन को लाभ

मत्स्य सागरमाला की सौर बत्तियाँ तीन प्रमुख उद्देश्य पूरे कर रही हैं — मछुआरों को सुरक्षा प्रदान करना, तटीय पर्यटन को बढ़ावा देना और मछली पकड़ने के दौरान नावों को मार्गदर्शन देना। नायडू ने मछुआरों को आश्वस्त किया कि "गठबंधन सरकार उनके उत्थान के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।"

श्रीकाकुलम की तटीय संभावनाएँ

मंत्री ने श्रीकाकुलम की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा, "श्रीकाकुलम वास्तव में अछूते समुद्र तटों और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है।" उन्होंने पर्यटकों को इस "अनछुए तटीय स्वर्ग के छिपे हुए रत्नों" को खोजने के लिए आमंत्रित किया और स्थानीय उधानम नारियल पानी का विशेष उल्लेख किया।

केंद्र का व्यापक सागरमाला कार्यक्रम

गौरतलब है कि केंद्र सरकार का सागरमाला कार्यक्रम, जिसे मार्च 2015 में शुरू किया गया था, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल है। 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा और 14,500 किलोमीटर के संभावित नौगम्य जलमार्गों के साथ, भारत में बंदरगाह-आधारित आर्थिक विकास की अपार संभावनाएँ हैं।

सागरमाला का उद्देश्य पारंपरिक बुनियादी ढाँचे पर निर्भर परिवहन से हटकर कुशल तटीय और जलमार्ग नेटवर्क की ओर बढ़ते हुए रसद को सुव्यवस्थित करना, लागत कम करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम बंदरगाह आधुनिकीकरण, औद्योगिक विकास, रोज़गार सृजन और सतत तटीय विकास पर केंद्रित है।

मत्स्य सागरमाला जैसी स्थानीय पहलें इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं, और आने वाले समय में इसी तर्ज पर अन्य तटीय क्षेत्रों में भी ऐसी परियोजनाओं के विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 1,594 लाइट्स की यह संख्या तब और अर्थपूर्ण होती जब इसके साथ मछुआरों की आय, दुर्घटनाओं में कमी या पर्यटन राजस्व के सत्यापन-योग्य आँकड़े भी साझा किए जाते। यह ऐसे समय में आया है जब तटीय समुदायों की आजीविका पर जलवायु परिवर्तन और बढ़ती ईंधन लागत का दोहरा दबाव है। सागरमाला 2015 से चल रहा है, परंतु इसके रोज़गार और आर्थिक प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी भी सीमित है। CSR फंड से बनी बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ दीर्घकालिक रखरखाव की चुनौती भी पेश करती हैं — जिस पर नीति-निर्माताओं को ध्यान देना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मत्स्य सागरमाला कार्यक्रम क्या है?
मत्स्य सागरमाला एक तटीय विकास पहल है जिसके तहत मछुआरों को रात में सुरक्षित मार्गदर्शन देने के लिए तटीय सड़कों पर सौर लाइट्स लगाई जाती हैं। यह केंद्र सरकार के व्यापक सागरमाला कार्यक्रम का हिस्सा है, जो मार्च 2015 में शुरू हुआ था।
श्रीकाकुलम में कितनी सौर लाइट्स लगाई गई हैं और फंड कहाँ से आया?
श्रीकाकुलम संसदीय क्षेत्र में तटीय सड़क के किनारे कोल इंडिया के सीएसआर (CSR) फंड से 1,594 सौर लाइट्स लगाई गई हैं। इनका औपचारिक उद्घाटन 2 मई को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने किया।
मत्स्य सागरमाला से मछुआरों को क्या फायदा होगा?
इन सौर लाइट्स से मछुआरों को रात में तट की ओर लौटते समय सुरक्षा मिलेगी और नावों को रास्ता दिखाने में मदद होगी। इसके अलावा, ये लाइट्स तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने में भी सहायक बताई जा रही हैं।
केंद्र का सागरमाला कार्यक्रम क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
सागरमाला कार्यक्रम बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल है, जिसे मार्च 2015 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य 7,500 किमी तटरेखा और 14,500 किमी नौगम्य जलमार्गों का उपयोग करते हुए बंदरगाह आधुनिकीकरण, रोज़गार सृजन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है।
राम मोहन नायडू ने एर्रामुक्कोम में क्या ऐलान किया?
नायडू ने एर्रामुक्कोम गांव में मत्स्य सागरमाला कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मछुआरों को आश्वस्त किया कि गठबंधन सरकार उनके उत्थान के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने श्रीकाकुलम के पर्यटन संभावनाओं को भी उजागर किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले