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सरबजीत की पुण्यतिथि पर रणदीप हुड्डा का भावुक संदेश, बोले- कुछ किरदार फिल्म के बाद भी जीवित रहते हैं

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सरबजीत की पुण्यतिथि पर रणदीप हुड्डा का भावुक संदेश, बोले- कुछ किरदार फिल्म के बाद भी जीवित रहते हैं

सारांश

रणदीप हुड्डा ने सरबजीत की पुण्यतिथि पर एक भावुक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि यह किरदार फिल्म के साथ खत्म नहीं हुआ। उन्होंने सरबजीत के परिवार के अदम्य साहस और संघर्ष को सम्मानित किया, और कहा कि सरबजीत की बेटियां आज एक शांतिपूर्ण जीवन जी रही हैं।

मुख्य बातें

रणदीप हुड्डा ने 2 मई को सरबजीत की पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर की।
हुड्डा ने कहा कि सरबजीत का किरदार उनके जीवन को पूरी तरह बदल गया और फिल्म के बाद भी जीवंत है।
सरबजीत की बहन दलबीर कौर और पत्नी सुखप्रीत ने पाकिस्तान जेल से उनकी रिहाई के लिए लंबा संघर्ष किया।
सरबजीत की बेटियां स्वप्नदीप और पूनम आज अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जी रही हैं।
जून 2022 में दलबीर कौर का निधन हुआ; रणदीप हुड्डा ने उनका अंतिम संस्कार किया।

मुंबई, 2 मई — अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मंगलवार को सरबजीत सिंह की पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम के माध्यम से एक गहन और व्यक्तिगत श्रद्धांजलि साझा की, जिसमें उन्होंने 2016 की फिल्म 'सरबजीत' के दौरान अपनी आंतरिक यात्रा को प्रतिबिंबित किया। हुड्डा ने लिखा कि सरबजीत की सच्ची कहानी ने उनके जीवन और दृष्टिकोण को पूर्णतः रूपांतरित कर दिया।

फिल्म से परे एक गहरा संबंध

रणदीप ने स्वीकार किया कि जो शुरुआत महज फिल्म की तैयारी के रूप में हुई थी, वह धीरे-धीरे उनके लिए एक गहरा और व्यक्तिगत अनुभव बन गया। उन्होंने सरबजीत का किरदार निभाते समय उस पीड़ा, मौन संघर्ष और साहस को महसूस किया, जिससे सरबजीत को पाकिस्तान की जेल में वर्षों तक गुजरना पड़ा था।

परिवार के संघर्ष को सम्मान

हुड्डा ने सरबजीत की बहन दलबीर कौर और पत्नी सुखप्रीत को विशेष रूप से याद किया, जिन्होंने अपने प्रियजन को न्याय दिलाने के लिए विश्व भर से संघर्ष किया। उन्होंने लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वह अभिनेता और दर्शकों दोनों को रूपांतरित कर सकता है। सरबजीत की कहानी भारतीय न्याय व्यवस्था की खामियों और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के शिकार लोगों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को उजागर करती है। दलबीर कौर का निधन — जो सरबजीत की रिहाई के बाद भी हुआ — यह दर्शाता है कि आघात और संघर्ष के प्रभाव कितने गहरे और दीर्घस्थायी होते हैं। रणदीप का यह स्मरण न केवल एक अभिनेता की व्यक्तिगत यात्रा है, बल्कि उस परिवार के अदम्य मानवीय साहस का एक सार्वजनिक गवाही भी है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरबजीत सिंह कौन थे और उन्हें पाकिस्तान में क्यों जेल में रखा गया था?
सरबजीत सिंह एक भारतीय किसान थे, जिन्हें 1990 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था और उन पर आतंकवाद से संबंधित आरोप लगाए गए थे। वे 23 साल तक पाकिस्तान की जेल में रहे। उनकी बहन दलबीर कौर ने उनकी रिहाई के लिए एक लंबा और कठोर अभियान चलाया। 2013 में उन्हें रिहा किया गया, लेकिन 2017 में जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई।
2016 की फिल्म 'सरबजीत' में रणदीप हुड्डा ने कौन सी भूमिका निभाई थी?
रणदीप हुड्डा ने फिल्म 'सरबजीत' में मुख्य भूमिका निभाई थी — वह सरबजीत सिंह का किरदार थे। यह फिल्म सरबजीत सिंह की सच्ची और दर्दनाक कहानी पर आधारित थी, जिसमें उनके परिवार के संघर्ष को दिखाया गया था।
सरबजीत की बहन दलबीर कौर का क्या हुआ?
दलबीर कौर ने अपने भाई सरबजीत को न्याय दिलाने के लिए 23 साल तक अथक संघर्ष किया। रणदीप हुड्डा से वह बहुत प्रभावित थीं और उन्हें अपने भाई की तरह प्यार करती थीं। जून 2022 में दलबीर कौर का निधन हुआ। रणदीप हुड्डा ने मुंबई से पंजाब जाकर उनका अंतिम संस्कार किया था।
सरबजीत की बेटियां आज कहाँ हैं?
सरबजीत की बेटियां स्वप्नदीप और पूनम आज अपने परिवार के साथ एक शांतिपूर्ण और सुकून भरी जिंदगी जी रही हैं। रणदीप हुड्डा ने कहा कि इतना दर्द सहने के बाद उनका यह सुकून एक मिसाल है कि हर पीड़ित परिवार को ऐसी शांति मिलनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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