नीट-यूजी 2026 से एक दिन पहले कोटा में उत्तराखंड के छात्र दीक्षित प्रसाद ने की आत्महत्या
सारांश
Key Takeaways
राजस्थान के कोटा में 2 मई 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब नीट-यूजी 2026 परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उत्तराखंड के 20 वर्षीय छात्र दीक्षित प्रसाद ने कुन्हाड़ी इलाके के अपने हॉस्टल की छत से छलांग लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह इस घटना की जानकारी मिली और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे।
घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, दीक्षित प्रसाद कुन्हाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक हॉस्टल में रहकर नीट-यूजी की तैयारी कर रहा था। कथित तौर पर उसने शनिवार सुबह हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
जाँच के दायरे में क्या है
जाँचकर्ता सभी संभावित पहलुओं की जाँच कर रहे हैं, जिसमें परीक्षा से जुड़ा तनाव और अन्य व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। दीक्षित के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है और अधिकारियों के अनुसार परिवार के पहुँचने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस दुखद घटना से पूरे इलाके और साथी छात्रों में सदमे की लहर दौड़ गई है।
कोटा में छात्र आत्महत्याओं का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कोटा पहले से ही कोचिंग छात्रों में बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चर्चा में रहता है। गौरतलब है कि यह शहर देश का सबसे बड़ा प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र माना जाता है, जहाँ हर साल लाखों छात्र नीट और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की घटना छात्रों पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक दबाव की गंभीरता को उजागर करती है।
नीट-यूजी 2026 और एनटीए के दिशानिर्देश
नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को निर्धारित है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को एक सार्वजनिक सूचना जारी कर उम्मीदवारों के लिए ड्रेस कोड और परीक्षा में ले जाने की अनुमति वाली वस्तुओं का विवरण दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा हॉल में केवल पारदर्शी पानी की बोतलें ले जाने की अनुमति होगी। धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुएँ कुछ शर्तों के तहत अनुमत हैं, लेकिन ऐसे उम्मीदवारों को उचित तलाशी के लिए परीक्षा केंद्र पर जल्दी रिपोर्ट करना होगा।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की विस्तृत जाँच जारी रखे हुए है। दीक्षित प्रसाद की असामयिक मृत्यु ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाना अत्यंत ज़रूरी है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो राष्ट्रीय हेल्पलाइन iCall: 9152987821 या Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 पर संपर्क करें।