मारुति सुजुकी इंडिया की अप्रैल में रिकॉर्ड बिक्री: 33.29% वृद्धि के साथ 2,39,646 यूनिट्स, घरेलू और निर्यात दोनों में उछाल
सारांश
Key Takeaways
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अप्रैल 2026 में अपनी अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री दर्ज की, जब कुल 2,39,646 यूनिट्स वाहन बेचे गए — जो पिछले वर्ष अप्रैल की 1,79,791 यूनिट्स की तुलना में 33.29 प्रतिशत अधिक है। नई दिल्ली स्थित इस कंपनी के लिए यह नए वित्त वर्ष की जोरदार शुरुआत है, जो मिनी कारों से लेकर एसयूवी तक सभी सेगमेंट में मजबूत माँग का परिणाम है।
घरेलू बिक्री में नया रिकॉर्ड
अप्रैल में घरेलू बिक्री 1,91,122 यूनिट्स रही, जो एक वर्ष पूर्व 1,42,053 यूनिट्स थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में 1,82,165 यूनिट्स का रिकॉर्ड बना था, जिसे अब पार कर लिया गया है। यह लगातार बढ़ती उपभोक्ता माँग और नए मॉडलों की स्वीकार्यता का स्पष्ट संकेत है।
सेगमेंट-वार प्रदर्शन
सबसे उल्लेखनीय वृद्धि मिनी कार कैटेगरी में रही, जिसमें ऑल्टो और एस-प्रेसो जैसे मॉडल शामिल हैं। इस सेगमेंट की बिक्री पिछले साल अप्रैल की 6,332 यूनिट्स से उछलकर 16,066 यूनिट्स हो गई — यानी लगभग ढाई गुना वृद्धि।
कॉम्पैक्ट सेगमेंट, जिसमें बलेनो, स्विफ्ट, डिजायर और वैगनआर जैसे लोकप्रिय मॉडल आते हैं, की बिक्री 61,912 से बढ़कर 80,659 यूनिट्स हो गई। यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) सेगमेंट में ब्रेजा, अर्टिगा, फ्रॉन्क्स और ग्रैंड विटारा की बिक्री 59,022 से बढ़कर 77,892 यूनिट्स पर पहुँच गई।
वहीं, लाइट कमर्शियल व्हीकल 'सुपर कैरी' की बिक्री लगभग स्थिर रही और 3,418 यूनिट्स रही, जो पिछले साल 3,349 यूनिट्स थी।
निर्यात में भी जोरदार उछाल
अप्रैल में निर्यात 40,054 यूनिट्स रहा, जो एक वर्ष पूर्व 27,911 यूनिट्स था। गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितता के बीच कई भारतीय ऑटो कंपनियाँ निर्यात बाज़ारों में दबाव महसूस कर रही हैं।
वार्षिक उत्पादन और भविष्य की योजनाएँ
कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि उसने वित्त वर्ष 2025-26 में 23.4 लाख यूनिट्स का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन किया है, जिससे मारुति सुजुकी इंडिया देश की पहली ऑटो कंपनी बन गई है जिसने पैसेंजर व्हीकल्स में इतना बड़ा उत्पादन रिकॉर्ड स्थापित किया है। आगे की योजना के तहत कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर करीब 40 लाख यूनिट्स प्रति वर्ष तक ले जाने का लक्ष्य रखती है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है, तो यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के इतिहास में एक नया अध्याय होगा।