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टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के 4 आसान उपाय, WHO ने दी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह

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टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के 4 आसान उपाय, WHO ने दी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह

सारांश

WHO की सलाह साफ़ है — टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के लिए दवाएँ नहीं, बल्कि चार सरल आदतें काफी हैं। वजन नियंत्रण, रोज़ाना व्यायाम, संतुलित आहार और तंबाकू से दूरी — ये उपाय न केवल डायबिटीज, बल्कि हृदय और फेफड़ों की बीमारियों से भी बचाते हैं।

मुख्य बातें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
शरीर का वजन संतुलित रखना डायबिटीज के जोखिम को कम करने का सबसे अहम कदम है।
प्रतिदिन 20 से 30 मिनट व्यायाम — जैसे तेज़ चलना या साइकिल चलाना — इंसुलिन कार्यक्षमता सुधारता है।
आहार में फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें; अधिक चीनी और सैचुरेटेड फैट से बचें।
तंबाकू का सेवन डायबिटीज और हृदय-फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है; पूरी तरह परहेज ज़रूरी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने टाइप-2 डायबिटीज और उससे जुड़ी जटिलताओं से बचाव के लिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की स्पष्ट सलाह दी है। संगठन के अनुसार, दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके इस गंभीर बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। WHO का मानना है कि जागरूकता और सही आदतें अपनाकर टाइप-2 डायबिटीज के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाना संभव है।

संतुलित वजन बनाए रखना है सबसे ज़रूरी

WHO के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज से बचाव में सबसे महत्वपूर्ण कदम शरीर का वजन संतुलित रखना है। बढ़ता हुआ वजन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए नियमित रूप से वजन पर नज़र रखना और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।

रोज़ाना व्यायाम से मिलेगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 20 से 30 मिनट शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। तेज़ चलना, साइकिल चलाना या हल्का खेलकूद — ये सभी गतिविधियाँ शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाती हैं। नियमित शारीरिक सक्रियता रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित रखने में सहायक सिद्ध होती है।

संतुलित और पौष्टिक आहार है अनिवार्य

WHO का स्पष्ट निर्देश है कि आहार में फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन को प्रमुखता से शामिल किया जाए। इसके साथ ही अधिक चीनी और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना आवश्यक है, क्योंकि ये शरीर में शुगर स्तर को तेज़ी से बढ़ा सकते हैं। यह ऐसे समय में और भी अहम हो जाता है जब भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत तेज़ी से बढ़ रही है।

तंबाकू से पूरी तरह परहेज करें

संगठन के अनुसार, तंबाकू का सेवन टाइप-2 डायबिटीज और उससे जुड़ी जटिलताओं — जैसे हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों — के खतरे को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है। तंबाकू छोड़ने से न केवल डायबिटीज का जोखिम कम होता है, बल्कि हृदय और फेफड़ों की सेहत भी बेहतर रहती है। गौरतलब है कि भारत विश्व में तंबाकू उपभोक्ताओं की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, जो इस सलाह को और अधिक प्रासंगिक बनाता है।

आगे का रास्ता

WHO का यह संदेश स्पष्ट है — टाइप-2 डायबिटीज कोई अपरिहार्य बीमारी नहीं है, बल्कि सही जीवनशैली अपनाकर इससे बड़े पैमाने पर बचा जा सकता है। वजन नियंत्रण, नियमित व्यायाम, पौष्टिक आहार और तंबाकू से परहेज — ये चार स्तंभ मिलकर इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की दिशा में जन-जागरूकता अभियान तेज़ करने पर ज़ोर दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता हर साल बढ़ती जा रही है — देश में डायबिटीज के मरीज़ों की संख्या पहले ही 10 करोड़ से अधिक बताई जाती है। विडंबना यह है कि जन-जागरूकता के बावजूद अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत और शारीरिक निष्क्रियता तेज़ी से बढ़ रही है। असली चुनौती सलाह देना नहीं, बल्कि उसे सुलभ और किफायती बनाना है — खासकर उन करोड़ों लोगों के लिए जिनके पास जिम या ताज़ी सब्जियों तक पहुँच सीमित है। सरकारी स्वास्थ्य नीतियों को इन सामाजिक-आर्थिक बाधाओं को संबोधित किए बिना केवल जागरूकता अभियान चलाना पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइप-2 डायबिटीज क्या है और यह कैसे होती है?
टाइप-2 डायबिटीज एक चयापचय संबंधी बीमारी है जिसमें शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। WHO के अनुसार, अस्वस्थ जीवनशैली, अधिक वजन और तंबाकू सेवन इसके प्रमुख कारण हैं।
WHO ने टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के लिए क्या उपाय सुझाए हैं?
WHO ने चार मुख्य उपाय सुझाए हैं — शरीर का वजन संतुलित रखना, रोज़ाना 20 से 30 मिनट व्यायाम करना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, तथा तंबाकू से पूरी तरह परहेज करना। ये उपाय मिलकर डायबिटीज के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
डायबिटीज से बचाव के लिए कितना व्यायाम ज़रूरी है?
WHO और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन कम से कम 20 से 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि — जैसे तेज़ चलना, साइकिल चलाना या हल्का खेलकूद — पर्याप्त है। नियमित व्यायाम शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।
तंबाकू और टाइप-2 डायबिटीज में क्या संबंध है?
WHO के अनुसार, तंबाकू का सेवन टाइप-2 डायबिटीज और उससे जुड़ी जटिलताओं — जैसे हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों — के खतरे को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है। तंबाकू छोड़ने से डायबिटीज का जोखिम कम होने के साथ-साथ हृदय और फेफड़ों की सेहत भी बेहतर होती है।
क्या टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह रोका जा सकता है?
WHO का मानना है कि सही जीवनशैली अपनाकर टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालाँकि आनुवंशिक कारक भी भूमिका निभाते हैं, लेकिन वजन नियंत्रण, व्यायाम, पौष्टिक आहार और तंबाकू से परहेज जैसी आदतें इस बीमारी की संभावना को उल्लेखनीय रूप से घटाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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