ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: मेजर जनरल भाटिया बोले — मलक्का से 100 किमी दूर यह द्वीप भारत की समुद्री ताकत का केंद्र, विपक्ष राजनीति छोड़े
सारांश
Key Takeaways
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अरविंद भाटिया ने 1 मई 2026 को गुरुग्राम में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत की समुद्री और सैन्य रणनीति के लिए अपरिहार्य है, और इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का विरोध राजनीतिक कारणों से नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना मलक्का जलडमरूमध्य से मात्र 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्रेट निकोबार द्वीप के पूर्वी हिस्से में विकसित की जाएगी, जो वैश्विक व्यापार के लगभग 30 प्रतिशत के लिए एक निर्णायक समुद्री चोकपॉइंट है।
परियोजना में क्या शामिल है
भाटिया के अनुसार, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के तहत चार प्रमुख घटक विकसित किए जाएंगे। पहला, स्थानीय आबादी के लिए एक नया शहर। दूसरा, 1.62 मिलियन टीईयू क्षमता वाला एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट कंटेनर टर्मिनल, जो इसे देश के सबसे बड़े पोर्ट्स में शामिल कर देगा। तीसरा, एक ग्रीनफील्ड हवाई क्षेत्र जिसका उपयोग नागरिक और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए होगा। चौथा, नौसेना और वायुसेना के ठिकाने सहित विभिन्न सैन्य संपत्तियाँ।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बीच परियोजना के लिए केवल 1.82 प्रतिशत वन क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा, जबकि 82 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह अछूता रहेगा।
रणनीतिक महत्व और चीन का कारक
भाटिया ने कहा,