ओडिशा: महिला आरक्षण विधेयक में देरी पर बीजद का 'नारी अधिकार अभियान', 10 से 25 मई तक सभी निर्वाचन क्षेत्रों में
सारांश
Key Takeaways
विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने 1 मई को भुवनेश्वर में घोषणा की कि वह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथित महिला-विरोधी नीतियों और महिला आरक्षण विधेयक को लागू न करने के विरोध में 10 से 25 मई तक ओडिशा के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में 'नारी अधिकार अभियान' चलाएगी। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजद नेताओं ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
अभियान की पृष्ठभूमि
महिला आरक्षण विधेयक वर्ष 2023 में संसद में पारित हुआ था, जिसे देश की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों — बीजद सहित — ने समर्थन दिया था। बीजद नेताओं का कहना है कि पारित होने के बावजूद भाजपा इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उनके अनुसार, परिसीमन की शर्त जोड़कर विधेयक को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।
बीजद नेता प्रमिला मलिक के आरोप
बीजद की वरिष्ठ नेता, विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि पूरे देश ने देखा कि कैसे भाजपा ने संसद का विशेष सत्र बुलाया और परिसीमन विधेयक से जोड़कर महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विधेयक के न टिक पाने के बाद अब भाजपा राज्य विधानसभाओं के विशेष सत्र बुलाकर विपक्षी दलों पर झूठे आरोप लगा रही है।
मलिक ने कहा,