बरगी डैम क्रूज हादसा: CM मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, उच्चस्तरीय जांच और SOP का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 मई 2026 को जबलपुर स्थित बरगी डैम पहुंचकर नर्मदा नदी में हुए क्रूज हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। इस दुखद हादसे में अब तक 9 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
मुख्यमंत्री का दौरा और पीड़ितों से मुलाकात
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के घर जाकर उसके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने हादसे में बचे रियाज हुसैन से भी मुलाकात की, जो कई घंटों तक क्रूज के भीतर फंसे रहे और बाद में सुरक्षित निकाले गए। अधिकारियों के अनुसार, रातभर बचाव अभियान जारी रहा।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ''नर्मदा नदी में एक दुखद हादसा हुआ है। अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं और 28 लोगों को बचा लिया गया है। राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।''
मुआवजे और राहत की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ित परिवारों को ₹2 लाख की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस प्रकार प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल ₹6 लाख की सहायता मिलेगी।
उच्चस्तरीय जांच समिति और SOP का ऐलान
हादसे के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। यह समिति यह भी जाँचेगी कि हादसे के समय सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं। यादव ने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार नौकायन और एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करेगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर और अधिक जवाबदेह बनाया जा सके।
विपक्ष का आरोप — प्रशासनिक लापरवाही
1 मई को घटनास्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
सिंघार ने कहा, ''यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। लाइफ जैकेट और मौसम की सही निगरानी जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं थीं। सरकार को सिर्फ जांच के आदेश देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।''
आगे क्या होगा
बचाव अभियान अभी भी जारी है और प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब मध्य प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की निगरानी पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट और SOP के क्रियान्वयन पर सबकी नज़र रहेगी।