तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का TSRTC कर्मचारियों को भरोसा: हड़ताल का वेतन मिलेगा, मामले होंगे वापस
सारांश
उन्होंने कहा,
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 1 मई को हैदराबाद में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कर्मचारियों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बैठक में उन्होंने घोषणा की कि तीन दिन की हड़ताल अवधि का वेतन जारी किया जाएगा और हड़ताल के दौरान कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे।
मुख्य घोषणाएँ और तत्काल राहत
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और संबंधित अधिकारियों को हड़ताल अवधि के वेतन भुगतान तथा दर्ज मामले वापस लेने के संबंध में तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यूनियन नेताओं ने इस पहल के लिए सीएम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन के विकास, उसके अस्तित्व की रक्षा और जनता को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने पर सीएम को बधाई दी।
TSRTC को आर्थिक रूप से मज़बूत करने की योजना
सीएम ने बताया कि राजस्व बढ़ाने के लिए बसों की संख्या में वृद्धि की गई है और नई भर्तियाँ की गई हैं। डीजल बसों से बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए TSRTC 1,000 इलेक्ट्रिक बसें खरीद रहा है। इसके साथ ही मेट्रो रेल नेटवर्क से निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए बेड़े में मिनी बसें भी शामिल की जाएंगी।
बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर सरकार ने शमशाबाद में 150 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया है। गजुलारामाराम में एक अन्य बस टर्मिनल के लिए पहले ही 100 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।
वित्तीय चुनौतियाँ और सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने यूनियनों को स्पष्ट किया कि बकाया राशि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान जमा नहीं हुई थी, फिर भी सरकार बढ़ते कर्ज को चुकाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा,
Point of View
रेवंत रेड्डी ने यह भी बताया कि 'महालक्ष्मी योजना' लागू करके सरकार ने TSRTC को ₹8,000 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है। अनुकंपा के आधार पर होने वाली लंबित नियुक्तियों पर भी काम शुरू हो गया है और जल्द ही वेतन संशोधन आयोग सहित वित्तीय मामलों पर फैसले लिए जाएंगे।
कर्मचारियों को आगाह और जिम्मेदारी का आह्वान
सीएम ने TSRTC कर्मचारियों को चेतावनी दी कि वे विपक्षी राजनीति से प्रभावित न हों, क्योंकि संगठन को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी ड्राइवर को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी की यह जिम्मेदारी है कि वह संगठन को फिर से खड़ा करने में पूरा सहयोग दे।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने यूनियनों से आग्रह किया कि वे आपस में चर्चा कर किसी स्थायी समाधान के लिए सरकार के सामने व्यावहारिक विकल्प प्रस्तुत करें। TSRTC के बकाया कर्ज पर लगने वाले ब्याज के बोझ को कम करने के लिए मिलकर प्रयास जारी हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब देशभर में मज़दूर दिवस के अवसर पर श्रमिक अधिकारों की चर्चा तेज़ थी — और तेलंगाना सरकार का यह कदम राज्य में सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।