पुडी श्रीहरि को गुंटूर कोर्ट से जमानत, CM नायडू पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में दो हफ्तों में तीसरी गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
गुंटूर की एक अदालत ने शुक्रवार, 1 मई को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के महासचिव (मीडिया विभाग) पुडी श्रीहरि को जमानत दे दी। श्रीहरि पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मॉर्फ की गई तस्वीरों वाली कथित तौर पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। पिछले दो हफ्तों में यह उनकी तीसरी गिरफ्तारी थी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
श्रीहरि को सबसे पहले 15 अप्रैल को विजयवाड़ा में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ मामला मुख्यमंत्री नायडू की मॉर्फ की गई तस्वीरों वाले आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप में दर्ज किया गया था। इसके बाद उन्हें कुप्पम ले जाया गया, जहाँ उनके और वाईएसआरसीपी के एक अन्य पदाधिकारी गिरीश कुमार रेड्डी के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ।
16 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट ने पुलिस की न्यायिक रिमांड की याचिका खारिज कर दी और श्रीहरि को रिहा कर दिया। बाद में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी। जब सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार किया, तो कुप्पम पुलिस ने 29 अप्रैल को बेंगलुरु में श्रीहरि को फिर से गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कुप्पम लाया गया, जहाँ 30 अप्रैल को उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया।
कुप्पम की अदालत से जमानत मिलने के कुछ ही घंटों बाद, गुंटूर जिले के कोथापेटा से आई एक पुलिस टीम ने उन्हें कुप्पम में फिर से गिरफ्तार कर लिया और कोथापेटा पुलिस स्टेशन ले गई, जहाँ उन्हीं आरोपों पर एक अलग एफआईआर दर्ज की गई।
अस्पताल में तनाव, कोर्ट ने दी जमानत
गुंटूर के सरकारी अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया, जब पुलिस ने वाईएसआरसीपी के एमएलसी लेल्ला अप्पिरेड्डी को अदालत में पेशी से पहले मेडिकल जाँच के लिए लाए गए श्रीहरि से मिलने से रोक दिया। इसके बाद गुंटूर कोर्ट ने श्रीहरि को जमानत दे दी।
श्रीहरि का बयान: पत्रकारिता को 'संगठित अपराध' बताया जा रहा है
गुंटूर में वाईएसआरसीपी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए श्रीहरि ने कहा कि 26 साल के बेदाग पत्रकारिता करियर के बावजूद उनके साथ यह बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पत्रकारिता को एक 'संगठित अपराध' मान रही है। उन्होंने कहा,