26 जून 2026
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भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग: COAS जनरल द्विवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान की नई दिल्ली में अहम बैठक

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भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग: COAS जनरल द्विवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान की नई दिल्ली में अहम बैठक

सारांश

दोनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के बीच यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर रणनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और भारत अपनी रक्षा साझेदारियों का विस्तार कर रहा है।

रक्षा सचिव से भी हुई मुलाकात

लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान ने अपने भारत दौरे के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी भेंट की। आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने 'एक्स' पर पुष्टि की कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान आर्मेनिया के रक्षा उपमंत्री का पद भी संभालते हैं, जो इस दौरे के राजनयिक महत्व को और बढ़ाता है।

वायु सेना प्रमुख से ऑपरेशनल सहयोग पर चर्चा

इससे पूर्व मंगलवार को लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान ने भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह से मुलाकात की। भारतीय वायु सेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर के अनुसार, इस बैठक में ऑपरेशनल सहयोग, आपसी तालमेल (इंटर-ऑपरेबिलिटी) और द्विपक्षीय वायु शक्ति संबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया। आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने भी इस बैठक में रक्षा सहयोग के मुद्दों पर हुई चर्चा की पुष्टि की।

CDS जनरल चौहान से संयुक्त परियोजनाओं पर विमर्श

लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान से भी भेंट की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने सैन्य उपकरणों के विकास में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी रक्षा उत्पादन क्षमताओं का विस्तार करते हुए विदेशी साझेदारों के साथ सह-विकास और सह-उत्पादन को प्राथमिकता दे रहा है।

भारत-आर्मेनिया रक्षा संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह दौरा भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ती रक्षा निकटता का संकेत है। हाल के वर्षों में भारत आर्मेनिया को रक्षा उपकरण आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हुआ है। इस पृष्ठभूमि में लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान की भारत के शीर्ष सैन्य और रक्षा नेतृत्व से एक साथ कई बैठकें इस साझेदारी को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास और उपकरण विकास में सहयोग और गहरा होने की संभावना है।

मुख्य बातें

COAS जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 1 मई 2026 को नई दिल्ली में आर्मेनिया के लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से मुलाकात की।
बैठक में वैश्विक रणनीतिक हालात, भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग और सैन्य साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह , एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और CDS जनरल अनिल चौहान से भी अलग-अलग मुलाकातें कीं।
CDS जनरल चौहान के साथ बैठक में सैन्य उपकरणों के सह-विकास में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विचार हुआ।
वायु सेना स्तर पर ऑपरेशनल सहयोग और इंटर-ऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 1 मई 2026 को नई दिल्ली में आर्मेनिया की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में मौजूदा वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य, भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने और आपसी हितों वाले क्षेत्रों में सैन्य साझेदारी बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान इन दिनों भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं।

मुख्य बैठक: COAS और अस्रयान के बीच चर्चा

भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय (ADGPI) ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर जानकारी देते हुए बताया,

संपादकीय दृष्टिकोण

वायु सेना प्रमुख, CDS और रक्षा सचिव, चारों से एक ही दौरे में मुलाकात यह दर्शाती है कि दोनों देश इस साझेदारी को संस्थागत ढाँचे में ढालने की दिशा में गंभीर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब आर्मेनिया पारंपरिक रूप से रूसी रक्षा आपूर्ति पर निर्भर रहा है और अब विविधीकरण की ओर बढ़ रहा है — भारत के लिए यह रक्षा निर्यात का एक उभरता अवसर है। हालाँकि, संयुक्त परियोजनाओं और सह-विकास की घोषणाएँ अक्सर क्रियान्वयन में पीछे रह जाती हैं; असली कसौटी यह होगी कि इन बैठकों के बाद ठोस समझौते और आपूर्ति अनुबंध कितनी जल्दी सामने आते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

COAS जनरल उपेंद्र द्विवेदी और लेफ्टिनेंट जनरल अस्रयान की बैठक में क्या हुआ?
1 मई 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में मौजूदा वैश्विक रणनीतिक हालात, भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग को मज़बूत करने और सैन्य साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। ADGPI ने इसकी आधिकारिक पुष्टि 'एक्स' पर की।
लेफ्टिनेंट जनरल एडवर्ड अस्रयान भारत दौरे पर किन-किन अधिकारियों से मिले?
अस्रयान ने COAS जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, CDS जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से अलग-अलग बैठकें कीं। प्रत्येक बैठक में रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
हाल के वर्षों में भारत आर्मेनिया को रक्षा उपकरण आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में उभरा है, जो रक्षा निर्यात के विस्तार की भारत की रणनीति का हिस्सा है। आर्मेनिया के पारंपरिक रूसी आपूर्तिकर्ताओं से विविधीकरण की कोशिश भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
CDS जनरल अनिल चौहान और अस्रयान की बैठक में क्या चर्चा हुई?
दोनों ने सैन्य उपकरणों के विकास में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक भारत की सह-विकास और सह-उत्पादन नीति के अनुरूप है।
भारत-आर्मेनिया वायु सेना स्तर पर क्या सहयोग तय हुआ?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक में ऑपरेशनल सहयोग, इंटर-ऑपरेबिलिटी और द्विपक्षीय वायु शक्ति संबंधों को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारतीय वायु सेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर ने इसकी पुष्टि की।
राष्ट्र प्रेस
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