वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 13.4% उछली, प्रीमियम सेगमेंट और शहरी मांग ने संभाली ऑटो रिकवरी

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वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 13.4% उछली, प्रीमियम सेगमेंट और शहरी मांग ने संभाली ऑटो रिकवरी

डेलॉयट इंडिया की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत के ऑटो सेक्टर में मांग-आधारित सुधार दर्ज किया गया, जिसमें दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में 13.4 प्रतिशत और थोक बिक्री में 10.7 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि हुई। हालांकि यह रिकवरी सभी सेगमेंट में एकसमान नहीं रही — शहरी बाज़ारों और प्रीमियम वाहनों ने इस उछाल को गति दी, जबकि ग्रामीण मांग अपेक्षाकृत कमज़ोर बनी रही।

दोपहिया सेगमेंट: रिकवरी की मुख्य धुरी

दोपहिया बाज़ार में प्रीमियम मोटरसाइकिलों की माँग में 40.7 प्रतिशत की मज़बूत बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि स्कूटर सेगमेंट में 18.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 के दूसरे हिस्से में जीएसटी संशोधन और कीमतों में कटौती के कारण 350सीसी से कम की मोटरसाइकिलें सस्ती हो गईं, जिससे उनकी कीमतें कम्यूटर बाइक्स के करीब आ गईं और माँग को और बल मिला।

गौरतलब है कि यह बदलाव ऐसे समय में आया जब एंट्री-लेवल सेगमेंट दबाव में था, और उपभोक्ता अपनी बजट सीमा के भीतर अपग्रेडेड विकल्पों की ओर झुक रहे थे।

पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट का हाल

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में प्रीमियमीकरण का रुझान जारी रहा। मिड-साइज और एंट्री प्रीमियम सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़ी, जबकि पारंपरिक एंट्री-लेवल गाड़ियों की माँग कमज़ोर पड़ी। कंपनियों ने संतुलित तरीके से बिक्री बढ़ाई और ग्राहकों ने बेहतर फीचर्स वाले विकल्पों को प्राथमिकता दी।

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी 12.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। रिपोर्ट के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेज़ी और पुराने वाहनों को बदलने की माँग इस बढ़ोतरी के पीछे प्रमुख कारण रहे।

इलेक्ट्रिक वाहन: बढ़ रहे हैं, पर धीमी रफ़्तार से

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.8 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन कुल दोपहिया बाज़ार में ईवी की हिस्सेदारी महज़ 6.5 प्रतिशत तक ही पहुँच पाई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है,

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