ट्रंप-मर्ज विवाद: जर्मनी से अमेरिकी सैनिक हटाने का फैसला, जानें 36,400 सैनिकों की तैनाती का पूरा इतिहास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी से अपने सैनिक वापस बुलाने का फैसला किया है। 2 मई 2025 को अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने इस निर्णय की पुष्टि की। ईरान नीति पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बयान से ट्रंप की नाराज़गी के बाद ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में तनाव चरम पर पहुँच गया और सैन्य वापसी का ऐलान कर दिया गया।
जर्मनी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी का इतिहास
जर्मनी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की नींव 1945 में दूसरे विश्व युद्ध के अंत में पड़ी। जब नाज़ी शासन ने आत्मसमर्पण किया, तब जर्मन धरती पर 16 लाख अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। एक वर्ष के भीतर यह संख्या घटकर 3 लाख से भी कम रह गई और ये सैनिक मुख्य रूप से अमेरिकी कब्जे वाले क्षेत्र की व्यवस्था संभाल रहे थे।
शीत युद्ध की शुरुआत के साथ अमेरिकी सेना का उद्देश्य बदल गया — नाज़ीवाद के उन्मूलन की जगह जर्मनी को सोवियत संघ के विरुद्ध एक मज़बूत रक्षा-कवच के रूप में खड़ा करना प्राथमिकता बन गई। 1949 में नाटो और पश्चिमी जर्मनी के गठन के साथ ये सैन्य अड्डे स्थायी रूप से वहाँ जम गए।
शीत युद्ध के चरम पर सैन्य उपस्थिति
शीत युद्ध के शिखर पर अमेरिका जर्मनी में करीब 50 बड़े बेस और 800 से अधिक सैन्य ठिकानों से काम चला रहा था। 1960, 1970 और 1980 के दशकों में जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की संख्या अक्सर 2,50,000 से अधिक रहती थी। इन अड्डों पर सैनिकों के परिजन भी रहते थे और ये बेस धीरे-धीरे अपने-अपने स्कूल, दुकानें और सिनेमाघरों के साथ पूर्ण अमेरिकी शहरों जैसे बन गए थे।
1989 में बर्लिन की दीवार गिरने और 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद इनमें से कई बेस बंद कर दिए गए।
वर्तमान में अमेरिकी सैन्य अड्डे
अमेरिकी रक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार यूरोप में कुल करीब 68,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिनमें से लगभग 36,400 अकेले जर्मनी में मौजूद हैं। ये सैनिक 20 से 40 सैन्य अड्डों में फैले हुए हैं।
स्टटगार्ट स्थित मुख्यालय यूनाइटेड स्टेट्स यूरोपियन कमांड और यूनाइटेड स्टेट्स अफ्रीका कमांड का केंद्र है। रामस्टीन एयरबेस अमेरिका की यूरोप स्थित वायुसेना का मुख्यालय है, जहाँ करीब 8,500 वायुसेना कर्मी तैनात हैं। बवेरिया क्षेत्र में ग्राफेनवोहर, विलसेक और होहेनफेल्स जैसे अड्डे यूरोप के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में गिने जाते हैं। विस्बाडेन में अमेरिकी सेना यूरोप और अफ्रीका का मुख्यालय है, जबकि लैंडस्टूल मेडिकल सेंटर अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा सैन्य अस्पताल माना जाता है।
ट्रंप का पुराना रुख और 2020 की घटना
ट्रंप पहले भी जर्मनी में तैनात सैनिकों को लेकर सख्त रवैया अपना चुके हैं। 2020 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने जर्मनी को