छत्तीसगढ़ पुलिस ने नारकोटिक्स नेटवर्क पर बड़ा हमला: 47 किलो गांजा बरामद, 59 लाख की संपत्ति जब्त
सारांश
Key Takeaways
- 47.300 किलोग्राम गांजा बरामद
- 59 लाख 51 हजार रुपए की संपत्ति जब्त
- तीन आरोपी गिरफ्तार
- नशे के खिलाफ चलाया जा रहा निरंतर अभियान
- तस्करी का मुख्य स्रोत ओडिशा
महासमुंद, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोमाखान थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध गांजा तस्करी का खुलासा किया गया है। पुलिस ने 47.300 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 23 लाख 65 हजार रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में तस्करी में इस्तेमाल किए गए ट्रक, कार, मोबाइल और नगद सहित कुल 59 लाख 51 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो नाबालिगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक ट्रक में गांजे की एक बड़ी खेप छत्तीसगढ़ लाई जा रही है। सूचना के बाद कोमाखान क्षेत्र में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई। कुछ देर बाद संदिग्ध ट्रक को रोका गया और तलाशी ली गई, जिसमें चालक सीट के नीचे बने विशेष चेंबर और प्लास्टिक बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान कुल 47 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ में पता चला कि यह खेप ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से लाई गई थी और इसे मुंगेली जिले में खपाने की योजना थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस तस्करी नेटवर्क के तार ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों में वाहन चालक और उसके सहयोगी शामिल हैं। इसी दौरान मुंगेली जिले के एक आरोपी का नाम भी सामने आया, जिसे कथित रूप से गांजे की डिलीवरी दी जानी थी।
पुलिस ने मोहम्मद मिराज (बलांगीर, ओडिशा), रोहित पोंड (बलांगीर, ओडिशा), दीपक साहू (मुंगेली, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया है।
महासमुंद पुलिस के अनुसार पिछले तीन महीनों में जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है। इस अवधि में 74 मामलों में 5685 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया है और 192 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों के आरोपी भी शामिल हैं।
पुलिस अब इस मामले में 'एंड टू एंड इन्वेस्टिगेशन' करते हुए गांजा सप्लाई चेन, सोर्स पॉइंट, फाइनेंशियल लिंक और डेस्टिनेशन नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।