कारगिल विजय दिवस 2025: योगी, भजनलाल, नायब सैनी समेत देशभर के मुख्यमंत्रियों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभर के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने 1999 के ऑपरेशन विजय में प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सेना के शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश से कर्नाटक तक, राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे, नेताओं ने एकस्वर में उन वीरों के साहस और बलिदान को नमन किया जिन्होंने हिमालय की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराया था।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'कारगिल विजय दिवस की सभी को हार्दिक बधाई। यह दिवस हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अमर प्रतीक है। मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले भारतीय सेना के सभी अमर वीरों को नमन।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, 'देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले मां भारती के अमर वीर सपूतों को कारगिल विजय दिवस पर कोटि-कोटि नमन! हमारे वीर सैनिकों का अदम्य साहस, अटूट राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर कहा, 'हिमालय की दुर्गम चोटियों पर अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए कारगिल विजय का स्वर्णिम इतिहास रचने वाले भारत माता के वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। उनका शौर्य देश के युवाओं में राष्ट्रभक्ति की अखंड ज्योति को सदैव प्रज्ज्वलित रखेगा।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा, 'मां भारती की रक्षा के लिए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को कारगिल विजय दिवस पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। दुर्गम चोटियों पर अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए जवानों ने तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा करते हुए स्वर्णिम इतिहास रचा।'
बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली के नेताओं के संदेश
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर कहा, 'कारगिल विजय दिवस केवल एक विजय का पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति का अमर स्मरण है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि यह दिवस 'केवल एक युद्ध की विजय नहीं बल्कि हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक भी है।' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा कि 26 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय की सफलता के साथ जांबाज सैनिकों ने दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराकर भारत की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की।
कर्नाटक और महाराष्ट्र की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट किया, 'कारगिल विजय दिवस पर, मैं कारगिल के उन अमर नायकों को नमन करता हूं, जिन्होंने साहस के साथ लड़ाई लड़ी और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। आइए, जिन मूल्यों के लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी, उन्हें अपनाकर उनकी विरासत का सम्मान करें।'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने भी एक्स पर उन सैनिकों के 'असाधारण साहस, अटूट संकल्प और बलिदान को सलाम' किया जिन्होंने बेहद मुश्किल हालात में कारगिल युद्ध में जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 1999 में ऑपरेशन विजय के माध्यम से वीर जवानों ने 'भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।'
ऑपरेशन विजय: एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कारगिल युद्ध मई से जुलाई 1999 के बीच लड़ा गया था, जब पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में नियंत्रण रेखा के भारतीय हिस्से की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत इन सभी चोटियों को वापस छीना और 26 जुलाई 1999 को विजय की घोषणा की। इस संघर्ष में 500 से अधिक भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।
राष्ट्रीय एकता का संदेश
यह ऐसे समय में आया है जब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एकजुट होकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी — भाजपा शासित राज्यों से लेकर कांग्रेस शासित कर्नाटक तक। कारगिल विजय दिवस हर वर्ष राष्ट्रीय एकता और सैन्य वीरता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, और इस बार भी देश के कोने-कोने से नेताओं ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की।