26 जुलाई 2026
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कारगिल विजय दिवस 2025: जम्मू-कश्मीर LG मनोज सिन्हा और 5 राज्यों के CM ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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कारगिल विजय दिवस 2025: जम्मू-कश्मीर LG मनोज सिन्हा और 5 राज्यों के CM ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

सारांश

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगाँठ पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर भावपूर्ण संदेश साझा कर ऑपरेशन विजय के शहीदों को नमन किया। नेताओं ने सैनिकों के साहस के साथ-साथ उनके परिवारों के मौन बलिदान को भी सराहा।

मुख्य बातें

26 जुलाई 2025 को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगाँठ देशभर में मनाई गई।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर ऑपरेशन विजय के शहीदों को नमन किया।
असम CM हिमंता बिस्वा सरमा , महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस , गोवा CM प्रमोद सावंत और अरुणाचल CM पेमा खांडू ने भी श्रद्धांजलि दी।
नेताओं ने शहीद सैनिकों के साथ उनके परिवारों और वेटरन्स के बलिदान को भी सम्मानित किया।
1999 के कारगिल युद्ध में 26 जुलाई को भारतीय सेना ने सभी चोटियाँ वापस हासिल कर विजय घोषित की थी।

कारगिल विजय दिवस पर 26 जुलाई 2025 को देशभर में ऑपरेशन विजय के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित असम, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गोवा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने उन वीर सैनिकों को नमन किया जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की निर्णायक जीत की 27वीं वर्षगाँठ के रूप में मनाया जा रहा है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संदेश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कारगिल विजय दिवस पर, मैं उन शहीदों को नमन करता हूँ, जिन्होंने ऑपरेशन विजय के दौरान माँ भारती की आज़ादी और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारी सेना का असाधारण साहस आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करेगा।' उन्होंने शहीदों के परिवारों को भी 'निस्वार्थ समर्पण का स्थायी प्रतीक' बताते हुए उन्हें गहरी श्रद्धा से नमन किया।

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, 'कुछ जीतें वापस हासिल किए गए इलाके से मापी जाती हैं। कारगिल को हिम्मत, कुर्बानी और देश के लिए प्यार से मापा गया था।' उन्होंने उन सैनिकों को नमन किया जिन्होंने 'नामुमकिन मुश्किलों का सामना किया और तिरंगा हमेशा ऊँचा रहे, इसके लिए अपनी जान दे दी।'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कारगिल युद्ध के नायकों की 'असाधारण बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान' को 'भारत के इतिहास में गर्व का अध्याय' बताया। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 'बेमिसाल साहस और बलिदान से मिली ऐतिहासिक जीत के 27 वर्ष' पूरे होने पर शहीदों को दिल से श्रद्धांजलि दी।

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सैनिकों ने 'हिमालय की खतरनाक ऊँचाइयों से बहादुरी का सुनहरा अध्याय लिखा।' अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, 'कारगिल की जीत सिर्फ एक मिलिट्री सफलता नहीं थी — यह डर पर साहस, आराम पर कर्तव्य और खुद पर देशभक्ति की जीत थी।'

कारगिल विजय दिवस का ऐतिहासिक महत्व

गौरतलब है कि ऑपरेशन विजय मई से जुलाई 1999 के बीच लड़ा गया था, जब पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों ने कारगिल की ऊँची चोटियों पर कब्ज़ा कर लिया था। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने सभी चोटियाँ वापस हासिल कर विजय की घोषणा की थी। यह ऐसे समय में आया था जब दोनों देश परमाणु शक्ति-संपन्न थे, जिससे यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर अत्यंत संवेदनशील बन गया था।

शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान

कई नेताओं ने केवल सैनिकों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के 'मौन बलिदान' को भी अपनी श्रद्धांजलि का हिस्सा बनाया। उपराज्यपाल सिन्हा और मुख्यमंत्री खांडू दोनों ने सेवारत सैनिकों, वेटरन्स और उनके परिजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में सैनिक सम्मान समारोह और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस वर्ष उपराज्यपाल सिन्हा और मुख्यमंत्री खांडू जैसे नेताओं ने शहीद परिवारों और वेटरन्स को केंद्र में रखा — जो अक्सर औपचारिक श्रद्धांजलियों में हाशिये पर रह जाते हैं। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि वेटरन्स कल्याण और पूर्व सैनिकों की पेंशन जैसे मुद्दे अभी भी नीतिगत ध्यान की माँग करते हैं। सांकेतिक श्रद्धांजलि तब सार्थक बनती है जब उसके साथ ठोस नीतिगत प्रतिबद्धता भी हो।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कारगिल विजय दिवस क्यों मनाया जाता है?
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की सभी चोटियाँ वापस हासिल कर विजय घोषित की थी। यह दिन उन सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
2025 में कारगिल विजय दिवस की कौन-सी वर्षगाँठ है?
2025 में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है। 1999 में हुई इस ऐतिहासिक जीत के बाद से प्रतिवर्ष यह दिवस राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।
किन नेताओं ने कारगिल विजय दिवस 2025 पर श्रद्धांजलि दी?
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अलावा असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा, महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस, गोवा के CM प्रमोद सावंत, पश्चिम बंगाल के विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी और अरुणाचल प्रदेश के CM पेमा खांडू ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
ऑपरेशन विजय क्या था?
ऑपरेशन विजय मई से जुलाई 1999 के बीच भारतीय सेना द्वारा चलाया गया सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और घुसपैठियों द्वारा कब्ज़ाई गई ऊँची चोटियों को वापस हासिल करना था। 26 जुलाई 1999 को भारत ने सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की।
कारगिल विजय दिवस पर शहीद परिवारों को कैसे सम्मानित किया जाता है?
इस अवसर पर देशभर में सैनिक सम्मान समारोह, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और स्मारक सभाएँ आयोजित की जाती हैं। कई नेता, जैसे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और CM पेमा खांडू, शहीदों के परिवारों और वेटरन्स के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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