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वाराणसी में गांजा तस्कर अजीत गुप्ता गिरफ्तार, 978 ग्राम गांजा और ₹10,020 नकद बरामद

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वाराणसी में गांजा तस्कर अजीत गुप्ता गिरफ्तार, 978 ग्राम गांजा और ₹10,020 नकद बरामद

सारांश

वाराणसी के चितईपुर थाने की पुलिस ने मादक पदार्थ-विरोधी विशेष अभियान में बलिया निवासी अजीत कुमार गुप्ता को 978 ग्राम गांजा और ₹10,020 नकद के साथ पकड़ा। एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज, पूछताछ में तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश जारी।

मुख्य बातें

31 मई 2026 को वाराणसी के चितईपुर थाने की पुलिस ने मलिहान बस्ती में गांजा तस्कर अजीत कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 978 ग्राम अवैध गांजा और ₹10,020 नकद बरामद हुए।
आरोपी मूल रूप से जनपद बलिया का निवासी है, जो वाराणसी में किराए के मकान में रह रहा था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना चितईपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस पूछताछ में गांजे के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी है।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के चितईपुर थाने की पुलिस ने 31 मई 2026 को मलिहान बस्ती क्षेत्र में एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध अजीत कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 978 ग्राम अवैध गांजा और ₹10,020 नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे मादक पदार्थ-विरोधी विशेष अभियान के तहत की गई।

मुख्य घटनाक्रम

चितईपुर एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर एवं प्रभारी निरीक्षक थाना चितईपुर के नेतृत्व में टीम ने सुंदरपुर चौकी प्रभारी आदित्य कुमार मिश्रा के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जाँच की।

चेकिंग के दौरान मलिहान बस्ती में आरोपी अजीत कुमार गुप्ता संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी लेने पर उसके पास से 978 ग्राम गांजा और ₹10,020 नकद बरामद हुए। आरोपी मूल रूप से सिंहा चावर खुर्द, थाना गड़वार, जनपद बलिया का निवासी है और वर्तमान में पप्पू सिंह के किराए के मकान में मलिहान बस्ती, थाना चितईपुर, वाराणसी में रह रहा था।

कानूनी कार्रवाई

बरामदगी के आधार पर थाना चितईपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर राकेश कुमार गौतम, उप निरीक्षक आदित्य कुमार मिश्रा (चौकी प्रभारी सुंदरपुर), उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, हेड कॉन्स्टेबल राजय भारती और सुधीर यादव शामिल थे।

पुलिस की चेतावनी

एसीपी गौरव कुमार ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि गांजे के स्रोत और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

व्यापक अभियान का हिस्सा

गौरतलब है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट विभिन्न थानों में इस प्रकार के अभियान लगातार चला रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब पुलिस शहर में मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या छोटे तस्करों की गिरफ्तारी से आपूर्ति श्रृंखला वास्तव में टूट रही है। अकेले बलिया से आए एक किराएदार तस्कर की पकड़ यह संकेत देती है कि अंतर-जिला नेटवर्क सक्रिय है। जब तक स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँच नहीं होती, तब तक इस तरह की कार्रवाइयाँ सतह पर ही रहती हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में गिरफ्तार गांजा तस्कर कौन है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम अजीत कुमार गुप्ता है, जो जनपद बलिया के थाना गड़वार अंतर्गत सिंहा चावर खुर्द का मूल निवासी है। वह वाराणसी के मलिहान बस्ती में किराए के मकान में रह रहा था।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
आरोपी अजीत कुमार गुप्ता के कब्जे से 978 ग्राम अवैध गांजा और ₹10,020 नकद बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह गिरफ्तारी किस अभियान के तहत हुई?
यह गिरफ्तारी वाराणसी पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध और मादक पदार्थ तस्करी विरोधी विशेष अभियान के तहत हुई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में चितईपुर थाने की टीम ने यह कार्रवाई की।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि गांजे के स्रोत और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की पहचान की जा सके। आगे और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत क्या सजा हो सकती है?
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत गांजे की मात्रा के आधार पर सजा तय होती है। व्यावसायिक मात्रा में तस्करी पर 10 से 20 साल तक की कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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