राम मंदिर चढ़ावा मामले में समयबद्ध कार्रवाई, BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश बोले — पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 15 जुलाई 2026 को पटना में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में तय समय सीमा के भीतर त्वरित कार्रवाई की जा चुकी है और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
राम मंदिर मामले पर BJP का पक्ष
गुरु प्रकाश ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों में हर स्तर पर स्पष्टता सुनिश्चित की गई है। उनके अनुसार, किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर उचित कदम उठाए गए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्रतिबद्धता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
बांकीपुर उपचुनाव पर BJP का दावा
गुरु प्रकाश ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि BJP को इस क्षेत्र से ऐतिहासिक जनादेश मिलने जा रहा है। उनके अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र BJP के लिए केवल एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि वर्षों के भरोसे, पीढ़ियों के जुड़ाव और कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता एक बार फिर BJP के पक्ष में अपना समर्थन देगी।
कांग्रेस पर दलित विरोध का आरोप
पंजाब कांग्रेस में कथित अंदरूनी कलह के संदर्भ में गुरु प्रकाश ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में दलित नेताओं के आगे बढ़ने को लेकर भेदभाव की स्थिति रही है। उन्होंने हरियाणा की कुमारी शैलजा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी दलित समुदाय से आने वाला कोई नेता कांग्रेस में महत्वाकांक्षा दिखाता है, तो पार्टी में असहजता पैदा हो जाती है। उन्होंने कांग्रेस को 'दलित विरोधी और सामंती सोच वाली पार्टी' करार दिया।
बिहार सरकार का 'सहयोग' प्लेटफॉर्म और मंत्री के निर्देश
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने 'सहयोग' शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म पर दर्ज शिकायतों के समयबद्ध समाधान को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की वैध शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षण पर संवैधानिक रुख
जायसवाल ने आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक अधिकारों का मामला है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अत्यंत पिछड़े वर्गों (EBC) और अन्य आरक्षित श्रेणियों के मौजूदा लाभार्थियों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला कोई भी कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह संवैधानिक व्यवस्था और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप काम कर रही है। आगे यह देखना होगा कि विपक्ष इन बयानों को किस रूप में चुनौती देता है और बांकीपुर उपचुनाव में जनता का फैसला क्या होता है।