विजयनगर में एसआईआर अभियान: 100% फॉर्म वितरित, 5,228 मृत और 1,632 फर्जी मतदाताओं की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के विजयनगर जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) अभियान ने उल्लेखनीय गति पकड़ ली है — जिले में 100 प्रतिशत फॉर्म मतदाताओं तक पहुँचाए जा चुके हैं और सत्यापन प्रक्रिया में 5,228 मृत तथा 1,632 फर्जी (डुप्लीकेट) मतदाताओं की पहचान हो चुकी है। 15 जुलाई को जिला प्रशासन ने यह जानकारी साझा की।
मुख्य घटनाक्रम
जिला उपायुक्त कविता एस. मन्निकेरी ने स्वयं एसआईआर हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने कुदलिगी, हडगली, हगारिबोम्मनहल्ली सहित जिले के छह तालुकों की हेल्पलाइन पर सीधे फोन कर यह सुनिश्चित किया कि मतदाताओं को सही जानकारी और सहायता उपलब्ध हो रही है।
जिले में 1,234 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) इस अभियान में सक्रिय रूप से तैनात हैं। विजयनगर जिले में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 11 लाख 42 हजार 232 है।
फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण की स्थिति
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक वितरित फॉर्मों में से 80 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। लौटाए गए फॉर्मों में से 42.12 प्रतिशत का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 56.95 प्रतिशत फॉर्मों का डिजिटलीकरण अभी प्रक्रियाधीन है। प्रशासन इस कार्य को तेज़ी से पूरा करने में जुटा है।
मतदाता सूची सत्यापन में सामने आए तथ्य
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की गहन जाँच में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार:
3,619 मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर जा चुके हैं। 5,228 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त 1,632 फर्जी (डुप्लीकेट) मतदाताओं की भी पहचान की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर चिंताएँ लगातार उठती रही हैं।
आगे की राह
जिला प्रशासन का कहना है कि हेल्पलाइन, बूथ स्तर पर तैनात अधिकारियों और डिजिटल माध्यमों के ज़रिये मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने का प्रयास जारी रहेगा। एसआईआर प्रक्रिया को और तेज़ गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शेष डिजिटलीकरण का कार्य भी जल्द पूरा हो सके।