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उत्तराखंड में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर तैयारियों की समीक्षा की, मतदाता सूची शुद्धिकरण पर जोर

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उत्तराखंड में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर तैयारियों की समीक्षा की, मतदाता सूची शुद्धिकरण पर जोर

सारांश

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देहरादून में एसआईआर की तैयारियों की समीक्षा की। प्री-एसआईआर चरण में 89% मैपिंग पूरी हो चुकी है। मतदाता सूची से अनुपस्थित, मृत और दोहरे मतदाताओं को हटाने पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 24 मई को देहरादून के बीजापुर अतिथि गृह में एसआईआर समीक्षा बैठक की।
प्री-एसआईआर चरण में उत्तराखंड में 89 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है।
गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग तैयार; डीईओ, ईआरओ, एईआरओ का प्रथम चरण प्रशिक्षण संपन्न।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ साप्ताहिक बैठक के निर्देश।
मतदाताओं से अपील — बीएलओ को सहयोग दें और नवीनतम पासपोर्ट फोटो उपलब्ध कराएँ।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन 24 मई को देहरादून स्थित राज्य अतिथि गृह बीजापुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मतदाता सूची से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरे और विदेशी मतदाताओं को हटाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

एसआईआर का उद्देश्य

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का मूल लक्ष्य मतदाता सूची का व्यापक शुद्धिकरण है। उन्होंने कहा कि 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरे और विदेशी मतदाताओं' को चिन्हित कर सूची को त्रुटिमुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे एसआईआर के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सहयोग दें और अपना नवीनतम पासपोर्ट फोटो उपलब्ध कराएँ।

तैयारियों का मौजूदा स्तर

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि प्री-एसआईआर चरण में प्रदेश में 89 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है और गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग की तैयारी भी संपन्न है। डीईओ, डिप्टी डीईओ, ईआरओ और एईआरओ के प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है, जबकि बीएलओ और अन्य फील्ड स्टाफ का प्रशिक्षण अभी जारी है।

मतदाता जागरूकता अभियान

बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न माध्यमों से व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को राजनीतिक दलों के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, नवनियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि एसआईआर एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया है जो मतदाता सूची को अद्यतन और विश्वसनीय बनाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर संचालित की जाती है। बीएलओ प्रशिक्षण के पूरा होते ही फील्ड स्तर पर सत्यापन अभियान तेज होने की उम्मीद है, जिससे उत्तराखंड की मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा फील्ड स्तर पर बीएलओ के प्रदर्शन की होगी — जिनका प्रशिक्षण अभी जारी है। मतदाता सूची में दोहरे और विदेशी मतदाताओं की पहचान एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा भी है, और साप्ताहिक राजनीतिक दल बैठकों का निर्देश इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास है। सवाल यह है कि क्या शेष 11% मैपिंग और बीएलओ प्रशिक्षण समय पर पूरा होगा, ताकि एसआईआर की विश्वसनीयता बनी रहे।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरे और विदेशी मतदाताओं को चिन्हित कर सूची से हटाया जाता है।
उत्तराखंड में एसआईआर की तैयारी कहाँ तक पहुँची है?
प्री-एसआईआर चरण में उत्तराखंड में 89 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है। गणना प्रपत्रों की प्रिंटिंग तैयार है और डीईओ, ईआरओ, एईआरओ का प्रथम चरण प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है; बीएलओ प्रशिक्षण जारी है।
मतदाताओं को एसआईआर में क्या करना होगा?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सहयोग दें और अपना नवीनतम पासपोर्ट फोटो उपलब्ध कराएँ। यह मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए आवश्यक है।
राजनीतिक दलों की एसआईआर प्रक्रिया में क्या भूमिका है?
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे राजनीतिक दलों के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक करें। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
24 मई की बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी सविन बंसल, नवनियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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