क्या ओडिशा में एसआईआर प्रक्रिया से मतदाता सूची होगी अधिक सटीक?

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क्या ओडिशा में एसआईआर प्रक्रिया से मतदाता सूची होगी अधिक सटीक?

सारांश

ओडिशा में मतदाता सूची को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना और अपात्रों को बाहर रखना। जानें इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बारे में और क्या हैं इसके प्रभाव।

Key Takeaways

  • मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए एसआईआर की प्रक्रिया।
  • सभी पात्र मतदाताओं के नाम को शामिल करना।
  • बीएलओ की मदद से जमीनी स्तर पर तैयारी।
  • प्रशासन ने कमजोर वर्गों के लिए विशेष रणनीति बनाई है।
  • 2025 की सूची में 2002 की सूची का समावेश।

भुवनेश्वर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा में मतदाता सूची को और भी सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए एसआईआर की प्रक्रिया लागू की जाएगी। राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों, जबकि अपात्र लोगों को बाहर रखा जाए।

उन्होंने आश्वासन दिया कि आम नागरिकों और मतदाताओं के लिए यह पूरी प्रक्रिया सरल और बिना किसी परेशानी के होगी।

सुशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि एसआईआर की तैयारियों का काम पिछले पाँच महीनों से लगातार चल रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जैसे कि मतदान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कूलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण। मौजूदा लगभग 36,000 कूलिंग स्टेशनों के अलावा करीब 7,000 नए कूलिंग स्टेशन जोड़े गए हैं।

इन सभी स्टेशनों के लिए बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। इन अधिकारियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जमीनी स्तर पर पूरी टीम तैयार है।

इस प्रक्रिया के तहत 2002 की मतदाता सूची के आंकड़ों को डिजिटल रूप में परिवर्तित कर 2025 की मतदाता सूची से जोड़ा गया है ताकि 2025 की सूची में दर्ज मतदाताओं का 2002 की सूची से मिलान किया जा सके। अब तक इस प्रक्रिया में लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अधिकारी बताते हैं कि यह एसआईआर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अतिरिक्त सीईओ ने बताया कि एसआईआर को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, प्रक्रियाओं में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि चुनाव फॉर्म कैसे वितरित होंगे, दस्तावेज कैसे एकत्र किए जाएंगे और डेटा का सत्यापन कैसे होगा।

चुनौतियों के सवाल पर सुशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि यह प्रक्रिया 23 वर्षों बाद हो रही है, इसलिए कुछ नए पहलू सामने आए हैं, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के सहयोग से अधिकारी और कर्मचारी नई प्रणाली के साथ तालमेल बैठा रहे हैं। काम का दबाव बढ़ा है, लेकिन इससे कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की रूपरेखा और प्रक्रिया अपनाई गई है, उससे यह काम तय समय में पूरा होगा। सभी काम निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय-सीमा के भीतर किए गए हैं और आगे भी ऐसा ही होगा।

उन्होंने बताया कि 2002 और 2025 की मतदाता सूचियों के एकीकरण के लिए कोई सख्त अंतिम तारीख नहीं है, लेकिन जनवरी के अंत या फरवरी के पहले-दूसरे सप्ताह तक यह प्रक्रिया पूर्ण होने की उम्मीद है। इसके बाद एसआईआर की औपचारिक शुरुआत होगी।

अतिरिक्त सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह काम एसआईआर के साथ-साथ किया जा सकता है और इससे एसआईआर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कई अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया समानांतर रूप से चल रही है।

अतिरिक्त सीईओ ने कहा कि प्रशासन संवेदनशील और कमजोर वर्गों को लेकर विशेष रूप से सतर्क है, जैसे कि पीवीटीजी समुदाय और दूरदराज के क्षेत्र। ऐसे क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बनाई गई है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह विषय उनके कार्यक्षेत्र से बाहर है। इस पर फैसला निर्वाचन आयोग करेगा।

Point of View

इसे प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है।
NationPress
08/03/2026

Frequently Asked Questions

एसआईआर प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?
एसआईआर प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य सभी पात्र मतदाताओं के नाम को सूची में शामिल करना है और अपात्रों को बाहर रखना है।
क्या इस प्रक्रिया में कोई चुनौतियाँ हैं?
यह प्रक्रिया 23 वर्षों बाद हो रही है, इसलिए कुछ नए पहलू सामने आ सकते हैं, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी नई प्रणाली के साथ तालमेल बना रहे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया कब शुरू होगी?
इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत जनवरी के अंत या फरवरी के पहले-दूसरे सप्ताह में होने की उम्मीद है।
क्या प्रशासन ने कमजोर वर्गों के लिए कोई विशेष रणनीति बनाई है?
हाँ, प्रशासन ने संवेदनशील और कमजोर वर्गों के लिए अलग रणनीति बनाई है ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
क्या एसआईआर प्रक्रिया अन्य राज्यों में भी चल रही है?
हाँ, कई अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया समानांतर रूप से चल रही है।
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