कर्नाटक एसआईआर अभियान: 86.32% जनगणना प्रपत्र वितरित, 85,088 मृत मतदाताओं की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने 9 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक आँकड़ों में बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत राज्य भर में कुल 4,78,47,260 जनगणना प्रपत्र (ईएफ) वितरित किए जा चुके हैं, जो पंजीकृत मतदाताओं का 86.32 प्रतिशत है। इस प्रक्रिया में अब तक 85,088 मृत मतदाताओं की पहचान की जा चुकी है, जो मतदाता सूची की सफाई की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
मुख्य घटनाक्रम
26,668 मतदान केंद्रों — यानी कुल केंद्रों के 45.16 प्रतिशत — पर जनगणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, 14,013 मतदान केंद्रों (23.73 प्रतिशत) पर 90 प्रतिशत से अधिक वितरण दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि 16 जून 2026 तक कर्नाटक में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता थे।
डिजिटलीकरण की स्थिति
अब तक 74,80,396 जनगणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है, जो कुल मतदाताओं का 13.49 प्रतिशत है। केवल 6 मतदान केंद्रों का शत-प्रतिशत डिजिटलीकरण पूरा हुआ है, जबकि 150 मतदान केंद्रों ने 90 प्रतिशत का आँकड़ा पार किया है। मतदाताओं द्वारा 1,86,321 प्रपत्र यानी 0.34 प्रतिशत ऑनलाइन जमा किए गए हैं।
सत्यापन में सामने आए तथ्य
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और अन्य) श्रेणी के अंतर्गत 2,20,549 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 6,544 मतदाता लापता या अनुपस्थित पाए गए और 1,13,697 मतदाता अपने पंजीकृत पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे। इसके अतिरिक्त, 14,370 व्यक्ति ऐसे पाए गए जो पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत थे, और 850 मामले अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किए गए।
अभियान की समयसीमा और उद्देश्य
घर-घर जाकर गणना और प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का कार्य 30 जून 2026 से प्रारंभ हुआ है और 29 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। सभी बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को प्रपत्र मुद्रित कर वितरण हेतु उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस पूरे अभियान का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि अयोग्य या निष्क्रिय मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें और वास्तविक मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित हो सके।