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तेलंगाना: मंत्री कोंडा सुरेखा ने विधायक श्रीहरि के 'हस्तक्षेप' पर कांग्रेस अध्यक्ष से की शिकायत

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तेलंगाना: मंत्री कोंडा सुरेखा ने विधायक श्रीहरि के 'हस्तक्षेप' पर कांग्रेस अध्यक्ष से की शिकायत

सारांश

तेलंगाना में कांग्रेस के भीतर दरार गहरी हो रही है — मंत्री कोंडा सुरेखा ने विधायक कादियाम श्रीहरि पर बंदोबस्ती मामलों में दखलंदाजी का आरोप लगाते हुए पार्टी अध्यक्ष से शिकायत की। BRS से आए श्रीहरि ने आरोप खारिज किए। यह टकराव नई सरकार में पुराने और नए सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव की झलक है।

मुख्य बातें

वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा ने 9 जुलाई को राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ से मुलाकात कर विधायक कादियाम श्रीहरि के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
विवाद मंदिर विकास पर श्रीहरि की कथित अनधिकृत समीक्षा बैठक के बाद शुरू हुआ।
सुरेखा ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी पहले पत्र लिखकर श्रीहरि के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग की थी।
श्रीहरि BRS के उन 12 विधायकों में से एक हैं जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए; उन्होंने सभी आरोप खारिज किए।
गौड़ ने सभी पक्षों से चर्चा के बाद समाधान निकालने का आश्वासन दिया।

तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा और वरिष्ठ विधायक कादियाम श्रीहरि के बीच चल रहा विवाद गुरुवार, 9 जुलाई को और गहरा गया, जब सुरेखा ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ से मुलाकात कर श्रीहरि के कथित हस्तक्षेप के विरुद्ध औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। यह विवाद मंदिर विकास से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के बाद सामने आया है, जिसे मंत्री ने अनधिकृत बताया है।

विवाद की जड़

मतभेद तब उभरे जब स्टेशन घनपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक श्रीहरि ने बंदोबस्ती विभाग से संबंधित मंदिर विकास पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की। सुरेखा ने इसे अपने मंत्रालय के कार्यक्षेत्र में अनधिकृत दखलंदाजी करार दिया और इसके विरोध में पहले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखा था। गुरुवार को उन्होंने सीधे पार्टी अध्यक्ष का दरवाजा खटखटाया।

सुरेखा ने वारंगल जिले की राजनीतिक स्थिति पर भी गहरी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर उन्हें व्यवस्थित रूप से दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने श्रीहरि के खिलाफ अनुशासनात्मक समिति के माध्यम से जांच और कार्रवाई की माँग की है।

कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वे इस मामले की विस्तृत जांच करेंगे। गौड़ के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों से बात करने के बाद ही इस विवाद का समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल पार्टी ने कोई आधिकारिक अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया है।

श्रीहरि का पक्ष

वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री कादियाम श्रीहरि ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने बंदोबस्ती आयुक्त से केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के पाँच मंदिरों से जुड़े मुद्दों — जिनमें मरम्मत कार्य और भर्ती प्रक्रिया शामिल हैं — पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की थी।

श्रीहरि ने तर्क दिया कि विधायक और एमएलसी कलेक्टरों या वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र हैं। उन्होंने मंत्री पर अज्ञानता का आरोप भी लगाया और कहा कि उन्हें किसी को स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता नहीं है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि श्रीहरि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के उन 12 विधायकों में से एक हैं जो हाल ही में सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस सरकार को अपने नवागंतुक विधायकों और मूल पार्टी नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि BRS से आए विधायकों की पुरानी कार्यशैली और कांग्रेस के मंत्रिमंडल के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर यह पहला सार्वजनिक टकराव नहीं है।

आगे क्या होगा

पार्टी अध्यक्ष गौड़ के हस्तक्षेप के बाद अब सभी की नजरें इस पर हैं कि क्या कांग्रेस श्रीहरि के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम उठाती है या मामले को आंतरिक स्तर पर सुलझाती है। यह घटनाक्रम तेलंगाना कांग्रेस के भीतर सत्ता-संतुलन और गुटीय तनाव की बानगी पेश करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे एकाएक अनुशासित विपक्षी भूमिका में नहीं ढलते। श्रीहरि का 'निर्वाचित प्रतिनिधि के अधिकार' वाला तर्क कानूनी रूप से सही हो सकता है, लेकिन मंत्री के अधिकार क्षेत्र में घुसपैठ की राजनीतिक कीमत अलग है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इन नवागंतुकों को अनुशासित करने की इच्छाशक्ति दिखाएगा, या फिर संख्या-बल की राजनीति में इसे भी दबा दिया जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोंडा सुरेखा और कादियाम श्रीहरि के बीच विवाद क्या है?
तेलंगाना की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा का आरोप है कि विधायक कादियाम श्रीहरि ने उनके मंत्रालय से जुड़े मामलों में अनधिकृत हस्तक्षेप किया। विवाद तब शुरू हुआ जब श्रीहरि ने मंदिर विकास पर बंदोबस्ती अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसे मंत्री ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन बताया।
कादियाम श्रीहरि कौन हैं और वे कांग्रेस में कैसे आए?
कादियाम श्रीहरि स्टेशन घनपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं। वे BRS के उन 12 विधायकों में से एक हैं जो हाल ही में सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने इस मामले पर क्या कहा?
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने मंत्री कोंडा सुरेखा को आश्वासन दिया कि वे इस मामले की विस्तार से जांच करेंगे और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद समाधान निकालेंगे। अभी तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
श्रीहरि ने बंदोबस्ती अधिकारियों से मुलाकात क्यों की थी?
श्रीहरि के अनुसार, उन्होंने बंदोबस्ती आयुक्त से केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के पाँच मंदिरों से जुड़े मुद्दों — जिनमें मरम्मत कार्य और भर्ती शामिल हैं — पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि विधायक और एमएलसी वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।
इस विवाद का तेलंगाना कांग्रेस पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद तेलंगाना कांग्रेस के भीतर BRS से आए नवागंतुक विधायकों और मूल पार्टी नेताओं के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। यदि पार्टी नेतृत्व इसे जल्द नहीं सुलझाता, तो यह सरकार की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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