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तेजस्वी सूर्या का CM शिवकुमार पर हमला: बेंगलुरु की बदहाली और बिदादी परियोजना पर सरकार घिरी

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तेजस्वी सूर्या का CM शिवकुमार पर हमला: बेंगलुरु की बदहाली और बिदादी परियोजना पर सरकार घिरी

सारांश

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक्स पर पोस्ट कर CM शिवकुमार को दोहरे मोर्चे पर घेरा — बेंगलुरु में मानसूनी अव्यवस्था और बिदादी टाउनशिप में किसानों से बिना परामर्श भूमि अधिग्रहण। निखिल कुमारस्वामी से मिलकर उन्होंने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया।

मुख्य बातें

BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने 15 जून 2025 को एक्स पर पोस्ट कर CM डीके शिवकुमार और कर्नाटक सरकार पर हमला बोला।
सूर्या ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु में मानसून शुरू होने के बावजूद शहर का प्रभारी मंत्री तय नहीं है।
बिदादी टाउनशिप परियोजना में किसानों से पर्याप्त परामर्श और भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता न होने का आरोप।
सूर्या ने निखिल कुमारस्वामी से मुलाकात कर किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।
विपक्ष का आरोप — CM शिवकुमार प्रधानमंत्री के नाम का सहारा लेकर परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बेंगलुरु दक्षिण सांसद तेजस्वी सूर्या ने 15 जून 2025 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तीखा हमला बोला। सूर्या ने बेंगलुरु में बारिश से उपजी बुनियादी समस्याओं, प्रशासनिक अव्यवस्था और बिदादी टाउनशिप परियोजना में कथित पारदर्शिता की कमी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

बेंगलुरु की बदहाली पर सरकार को घेरा

सूर्या ने कहा कि मानसून की शुरुआत के साथ ही बेंगलुरु के नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार यह तय नहीं कर पाई है कि शहर का प्रभारी मंत्री कौन है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और जनता के साथ अन्याय बताया।

सांसद ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु की सड़कें गड्ढों से भरी हैं, मेट्रो परियोजनाओं में अवरोध जारी है और बुनियादी ढाँचे की समस्याएँ महीनों से अनसुलझी पड़ी हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि 'बिना इंजन के कार नहीं चलाई जा सकती' और मुख्यमंत्री से इस अंतहीन अव्यवस्था पर तत्काल अंकुश लगाने की माँग की।

बिदादी टाउनशिप परियोजना पर आरोप

सूर्या ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री शिवकुमार पर सीधा आरोप लगाया कि यह परियोजना उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का प्रतीक बन गई है। उनके अनुसार, परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले किसानों से न तो पर्याप्त परामर्श किया गया और न ही उन्हें विश्वास में लिया गया।

भाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी भूमि अधिग्रहण से पहले स्पष्ट जानकारी, परामर्श और पारदर्शिता का अधिकार है।

PM के नाम के इस्तेमाल पर सवाल

सूर्या ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार प्रधानमंत्री के नाम का सहारा लेकर अपनी परियोजना को वैधता देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की जमीन किसी की निजी जागीर नहीं है और सरकार को उनकी सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

इस मुद्दे पर सूर्या ने निखिल कुमारस्वामी से भी बातचीत की और किसानों के हित में चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।

बढ़ती राजनीतिक बहस

बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। विपक्षी दल राज्य सरकार पर किसानों की चिंताओं की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि कांग्रेस सरकार इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य बता रही है।

गौरतलब है कि बेंगलुरु हर मानसून में जलभराव और बुनियादी ढाँचे की विफलताओं से जूझता है — और यह पहली बार नहीं है जब किसी सांसद ने शहर के प्रशासनिक नेतृत्व पर सवाल उठाए हों। आने वाले हफ्तों में विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष का एकजुट होना — BJP और JD(S) का साझा मोर्चा — कांग्रेस सरकार के लिए विधानसभा में असली परीक्षा बन सकता है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार किसानों की सहमति के बिना इस परियोजना को आगे बढ़ाने की राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी सूर्या ने CM शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया कि CM शिवकुमार बेंगलुरु की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे और बिदादी टाउनशिप परियोजना में किसानों से बिना परामर्श भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि CM प्रधानमंत्री के नाम का सहारा लेकर अपनी परियोजना को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक सरकार की एक नई नगर विकास योजना है जिसे CM शिवकुमार आगे बढ़ा रहे हैं। विवाद इसलिए है क्योंकि विपक्ष का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों से न तो पर्याप्त परामर्श किया गया और न ही पारदर्शिता बरती गई।
बेंगलुरु में प्रभारी मंत्री को लेकर विवाद क्या है?
तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया कि मानसून शुरू होने के बावजूद कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु का स्पष्ट प्रभारी मंत्री नियुक्त नहीं किया है, जिससे शहर की समस्याओं पर जवाबदेही तय नहीं हो पा रही। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण प्रशासनिक विफलता बताया।
निखिल कुमारस्वामी का इस मामले में क्या रोल है?
तेजस्वी सूर्या ने बताया कि उन्होंने बिदादी परियोजना और किसानों की भूमि से जुड़े मुद्दे पर निखिल कुमारस्वामी से बातचीत की और किसान आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। यह BJP और JD(S) के बीच इस मुद्दे पर संभावित सहयोग का संकेत है।
कर्नाटक सरकार का बिदादी परियोजना पर क्या रुख है?
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार बिदादी टाउनशिप परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक बता रही है। हालाँकि, सरकार ने अभी तक किसानों की आपत्तियों और पारदर्शिता की माँगों पर विस्तृत सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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