असम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अभयपुरी में 82 मवेशी बरामद, दो वाहन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
असम पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को बोंगाईगांव जिले के अभयपुरी इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर कथित तौर पर अवैध रूप से तस्करी किए जा रहे 82 मवेशियों को बरामद किया। इस ऑपरेशन के दौरान जानवरों को ले जाने में इस्तेमाल हो रही दो गाड़ियाँ भी जब्त की गईं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर अभयपुरी में संदिग्ध वाहनों को रोका गया और भीतर बंद मवेशियों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, 82 मवेशियों में से दो की मौत परिवहन के दौरान ही हो चुकी थी। मृत पशुओं की मौत की परिस्थितियाँ और जिन हालात में उन्हें ले जाया जा रहा था, वे जाँच का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
जब्त दोनों गाड़ियों की मालिकाना हक की जाँच की जा रही है। जाँचकर्ताओं को उम्मीद है कि इनसे कथित तस्करी नेटवर्क के लॉजिस्टिक्स और उसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस ऑपरेशन की जानकारी दी और कहा, 'कानून से बचने की कोशिश बेकार है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और कथित अवैध पशु तस्करी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
व्यापक संदर्भ और पृष्ठभूमि
यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब असम प्रशासन अवैध पशु परिवहन में शामिल संगठित नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस छापेमारी में वृद्धि देखी गई है। गौरतलब है कि यह राज्य में मवेशी तस्करी के खिलाफ हालिया कड़ी कार्रवाइयों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें बोंगाईगांव जिला एक संवेदनशील मार्ग के रूप में चिह्नित रहा है।
असम सरकार ने बार-बार यह रेखांकित किया है कि अवैध पशु परिवहन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
आगे क्या होगा
बरामद मवेशियों के रखरखाव से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएँ शुरू कर दी गई हैं। पुलिस तस्करी में शामिल संदिग्धों की पहचान जारी रखेगी और जब्त वाहनों की फोरेंसिक जाँच के आधार पर मामला आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे ऑपरेशन तभी निर्णायक साबित होंगे जब नेटवर्क के संचालकों तक मामला पहुँचे, न केवल वाहन चालकों तक।